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CISF Action Agains Mafia: स्पेशल पॉवर मिलने के बाद सीआईएसएफ ने पश्चिम बंगाल से झारखंड तक स्पेशल ऑपरेशन शुरू किए हैं. बीते पांच दिनों से जारी इस ऑपरेशन ने कोल माफिया के बीच हड़कंप मचा दिया है. आलम यह है कि बीते पांच दिनों में सीआईएसएफ ने कई लोगों को गिरफ्तार कर करोड़ों रुपए का माल जब्त किया है. क्या है पूरा मामला, जानने के लिए पढ़ें आगे…
सीआईएसएफ ने एमएमडीआर एक्ट के तहत मिली स्पेशल पावर के तहत कई बड़े ऑपरेशन शुरू किए हैं.
सीआईएसएफ के इस एक्शन का असर झारखंड और पश्चिम बंगाल के तमाम इलाकों में साफ नजर आने लगा है. दरअसल, खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 यानी एमएमडीआर एक्ट की धारा 22, 23बी और 24 के तहत सीआईएसएफ के नामित अधिकारियों को स्पेशल पॉवर दी गई है. स्पेशल पॉवर मिलने के बाद अब सीआईएसएफ सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध खनन और कोयले की चोरी करने वालों पर सीधे कानूनी कार्रवाई भी सक्षम है. इसी स्पेशल पॉवर का इस्तेमाल करते हुए सीआईएसएफ ने 4 जुलाई से 8 जुलाई 2026 के बीच झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई कोयला क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ज्वाइंट ऑपरेश चलाया है.
- सीआईएसएफ के सीनियर ऑफिसर के अनुसार, इस अभियान में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के इलाकों में छापेमारी की गई है.
- इस कार्रवाई के दौरान 428.34 मीट्रिक टन से ज्यादा अवैध कोयला बरामद किया गया है. इसके अलावा 4 एफआईआर भी दर्ज की गईं हैं. साथ ही, एक हाइवा ट्रक, 13 से ज्यादा मोटरसाइकिलें और अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी जब्त किए गए हैं.
- सीआईएसएफ ने इस गोरखधंधे में शामिल कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ एमएमडीआर एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. सबसे बड़ी कार्रवाई बीसीसीएल के धनबाद इलाके में हुई है.
- सीआईएसएफ ने बीसीसीएल धनबाद के अंतर्गत आने वाले कतरास, बसंतीमाता (कारगिल), कुस्तौर, सिजुआ, जियलगोरा, बरोरा, गोविंदपुर और एनटीएसटी क्षेत्रों में इंटेल के आधार पर छापेमारी की है. यहां ड्रोन की मदद से निगरानी के साथ-साथ जमीन पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया था.
- बीसीसीएल धनबाद में हुई इस कार्रवाई में 319.54 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया है. साथ ही कोयले से भरा एक ट्रक और कई मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं हैं.
- पश्चिम बंगाल के ईसीएल सीतलपुर इलाके में भी सीआईएसएफ ने सर्च ऑपरेशन चलाया था. सीक्रेट इंटेल के आधार पर सीआईएसएफ ने राजमहल, सालानपुर, चित्रा, चापापुर-2 ओसीपी, सोनपुर-बाजारी और कुनुस्तोरिया इलाकों में छापेमारी की थी.
- इस ऑपरेशन में सिर्फ कोयला ही नहीं पकड़ा गया, बल्कि कोयला डिपो, धर्मकांटे, ट्रांसपोर्ट से जुड़े डॉक्यूमेंट और प्रोडक्शन रिकॉर्ड की जांच भी की गई है. इस कार्रवाई में 85.93 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया है. साथ ही, कई वाहनों को जब्त कर घुसपैठ करने वालों को भी पकड़ा गया है.
- झारखंड के सीसीएल पिपरवार क्षेत्र में रूटीन चेकिंग के दौरान सीआईएसएफ ने एक हाइवा ट्रक को पकड़ा, जिसमें अवैध तरीके से कोयला छिपाकर ले जाया जा रहा था. यहां 13.62 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया. ट्रक को जब्त कर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है.
- इसी तरह सीसीएल करगली क्षेत्र में भी स्पेशल ऑपरेशन चलाया गया. यहां 9.25 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद हुआ. साथ ही अवैध खनन में इस्तेमाल हो रही 7 मोटरसाइकिलें भी जब्त कर ली गईं हैं.
सीआईएसएफ बोली- अभी तो सिर्फ शुरूआत है…
सीआईएसएफ का कहना है कि इन अभियानों में सिर्फ पारंपरिक तरीके नहीं अपनाए गए, बल्कि आधुनिक तकनीक का भी पूरा इस्तेमाल किया गया. ह्यूमन इंटेलिजेंस, ड्रोन सर्विलांस, ट्रांसपोर्ट रूट्स की ट्रैकिंग, सप्राइज चेक, जीपीएस बेस्ड डॉक्युमेंटेशन, ट्रांसपोर्टेशन रिकॉर्ड की जांच भी की जा रही है. साथ ही, धर्मकांटों की पर भी सीआईएसएफ की टीमें लगातार अपनी नजर बनाए हुए हैं.
यह सिर्फ शुरुआत है. आगे भी कोयला मंत्रालय, कोल इंडिया लिमिटेड, उसकी सहायक कंपनियों, राज्य सरकारों और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर ऐसे ऑपरेशन लगातार चलाए जाएंगे. अवैध खनन, कोयले की चोरी और तस्करी में शामिल किसी भी शख्स के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. – सीआईएसएफ
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें