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लखीमपुरः एक बीघा में 20 हजार की लागत, 100000 की कमाई, अरबी...


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मोहम्मदी क्षेत्र के युवा किसान आसिफ ने बताया कि वह इस समय करीब दो बीघा भूमि में अरबी की खेती कर रहे हैं. उनके अनुसार इस फसल में लागत अपेक्षाकृत कम आती है, जबकि सही देखभाल और समय पर सिंचाई करने से अच्छी पैदावार मिलती है. बाजार में अरबी की मांग लगातार बनी रहती है, जिससे किसानों को उचित दाम मिलने की संभावना रहती है.

लखीमपुर खीरीः उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी क्षेत्र में किसान अब पारंपरिक फसलों के साथ-साथ नकदी फसलों की ओर भी तेजी से रुख कर रहे हैं. इन्हीं में एक है अरबी की खेती किसानों के लिए बेहतर कमाई का जरिया बनती जा रही है. जो कम लागत,और बाजारों में अच्छी मांगों के कारण अरबी की खेती किसानों को आकर्षित कर रही है.

मोहम्मदी क्षेत्र के युवा किसान आसिफ ने बताया कि वह इस समय करीब दो बीघा भूमि में अरबी की खेती कर रहे हैं. उनके अनुसार इस फसल में लागत अपेक्षाकृत कम आती है, जबकि सही देखभाल और समय पर सिंचाई करने से अच्छी पैदावार मिलती है. बाजार में अरबी की मांग लगातार बनी रहती है, जिससे किसानों को उचित दाम मिलने की संभावना रहती है.

एक बीघा में एक लाख की कमाई

आसिफ ने बताया कि अरबी की फसल लगभग 5 से 6 महीने में तैयार हो जाती है. इसकी खेती के लिए खेत की अच्छी तैयारी, समय पर निराई-गुड़ाई और संतुलित मात्रा में खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग जरूरी होता है. यदि मौसम अनुकूल रहे और फसल की सही देखभाल की जाए तो कम लागत में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. इस समय जुलाई के महीने में बाजारों में 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से अरबी बिक रही है. एक बीघे में करीब 20 से 30 हजार का खर्चा जाता है. अगर इनकम की बात की जाए तो एक बीघा में अगर 100000 तक इनकम अर्जित की जा सकती है.

अरबी एक ऐसी सब्जी फसल है जिसकी मांग स्थानीय मंडियों के साथ-साथ बड़े शहरों में भी बनी रहती है. यही कारण है कि किसान अब इसे आय बढ़ाने वाली फसल के रूप में अपना रहे हैं. मोहम्मदी क्षेत्र में बढ़ती अरबी की खेती यह संकेत दे रही है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक सलाह के साथ खेती करें तो पारंपरिक फसलों के अलावा सब्जी उत्पादन से भी बेहतर आय अर्जित की जा सकती है.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



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