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भास्कर न्यूज|गुमला सदर अस्पताल गुमला के ब्लड बैंक को लाइसेंस मिलने के बावजूद आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं होने के कारण इसका पूर्ण संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है। इसका खामियाजा जिले के 255 थैलेसीमिया व सिकल सेल मरीजों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें हर एक से दो महीने के अंतराल पर रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है। जिले में थैलेसीमिया के 70 तथा सिकल सेल के 185 मरीज पंजीकृत हैं। इनमें अधिकांश मरीज बच्चे हैं, जिन्हें नियमित रूप से रक्त की जरूरत पड़ती है। समय पर रक्त उपलब्ध नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ जाती है। ब्लड बैंक के लैब टेक्नीशियन राकेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले के सिकल सेल मरीजों में अधिकांश एक वर्ष से 12 वर्ष तक के बच्चे हैं, जिन्हें समय-समय पर रक्त चढ़ाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि ब्लड बैंक का लाइसेंस मिल चुका है, लेकिन आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं होने के कारण रक्त की जांच स्थानीय स्तर पर नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में रक्तदान के बाद एकत्रित ब्लड को जांच के लिए रांची स्थित रिम्स भेजना पड़ता है। जांच पूरी होने के बाद ही रक्त मरीजों को उपलब्ध कराया जाता है, जिससे अनावश्यक विलंब होता है। राकेश कुमार सिंह ने बताया कि यदि राज्य सरकार ब्लड बैंक के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध करा दे, तो रक्त की जांच गुमला में ही हो सकेगी। इससे रिम्स भेजने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी और थैलेसीमिया व सिकल सेल मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना आसान हो जाएगा। सदर अस्पताल गुमला में ब्लड बैंक का लाइसेंस मिलने के बावजूद अब तक इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है। इसका सबसे अधिक असर थैलेसीमिया व सिकल सेल से पीड़ित मरीजों पर पड़ रहा है। कई मरीजों के परिजनों का आरोप है कि रक्तदान करने के बावजूद उन्हें दो से तीन दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल में 10 से 15 दिनों तक भर्ती रहने वाले मरीजों को भी समय पर रक्त उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है। वार्ड नंबर 223 में भर्ती तीन वर्षीय आदित्य मांझी के पिता संजय मांझी ने बताया कि उनके बेटे को ओ पॉजिटिव रक्त की जरूरत है। उसे चार जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि रक्तदान करने के बावजूद समय पर ब्लड नहीं मिल रहा है। ब्लड बैंक का लाइसेंस मिलने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि स्थिति सुधरेगी, लेकिन अब भी परेशानी बनी हुई है। गुमला थाना क्षेत्र के केसीपरा गांव निवासी साक्षी कुमारी खून की कमी के कारण सदर अस्पताल में भर्ती है। उसकी मां बलवंती कुमारी ने बताया कि सात जुलाई को बेटी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ए पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता होने के बावजूद रक्तदान करने के बाद भी समय पर ब्लड उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक का लाइसेंस मिलने से उम्मीद जगी थी, लेकिन संचालन शुरू नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी पहले जैसी ही बनी हुई है।
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