![]()
सांसद ढुलू महतो और विधायक अरुप चटर्जी के बीच निरसा क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई अब सड़क तक पहुंच गई है। दोनों ने एक ही जगह और एक ही दिन 15 जुलाई को सड़क पर शक्ति प्रदर्शन करने की घोषणा की है। सांसद ने भाजपा और एटक कार्यकर्ताओं के साथ निरसा में जीटी रोड पर एलिवेटेड रोड के निर्माण स्थल पर महाजुटान का ऐलान किया है। वे अरुप पर निर्माण में बाधक बनने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, विधायक ने कहा है कि इस प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के जरिए सांसद और उनके लोग अपनी जेबें भरना चाहते हैं। इसके खिलाफ भाकपा माले और बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के बैनर तले निर्माण स्थल तक विशाल पदयात्रा निकाली जाएगी, ताकि निर्माण पारदर्शिता व गुणवत्ता के साथ हो सके। जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस की तैनाती का दिया निर्देश
दोनों नेताओं के बीच चल रही रस्साकशी से इलाके का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। प्रशासन भी मुश्किल में है कि तनाव बढ़ने से कहीं विधि-व्यवस्था की समस्या न खड़ी हो जाए। इसलिए दोनों कार्यक्रमों में मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की तैनाती का निर्देश जारी कर दिया गया है। विकास में रोड़ा अटकाने वालों को करारा जवाब देने के लिए जनता गोलबंद: ढुलू
सांसद ढुलू महतो ने कहा कि भाजपा के अथक प्रयासों से गोविंदपुर व निरसा में एलिवेटेड रोड की मंजूरी मिली है। गोविंदपुर में काम चल रहा है, लेकिन निरसा में स्थानीय विधायक अपने निजी स्वार्थ के लिए निर्माण में रोड़ा अटका रहे हैं। लाल पार्टी का इतिहास ही कारखाने और उद्योगों को बंद कराने का रहा है। जनता गोलबंद हो रही है। विकास में बाधा डालनेवालों को करारा जवाब देगी। बरबेंदिया पुल की तरह यहां भी भ्रष्टाचार न हो, इसलिए कर रहे आंदोलन: अरुप
विधायक अरुप ने पलटवार करते हुए कहा है कि भाकपा माले माफिया तंत्र के खिलाफ लड़ती आई है। एलिवेटेड रोड की इस योजना के जरिए माफिया तत्व सप्लाई और जमीन पर कब्जा कर लूट मचाना चाहते हैं। यह प्रोजेक्ट भी बरबेंदिया पुल की तरह भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़ जाए, इसलिए आंदोलन कर रहे हैं। हमारी मांग इतनी है कि निर्माण भ्रष्टाचार मुक्त और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। हिंसक टकराव की आशंका से असमंजस में प्रशासन
दोनों नेताओं के समांतर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी से जिला प्रशासन असमंजस में है। हजारों लोगों की मौजूदगी से तनाव बढ़ने और हिंसक टकराव की आशंका भी खारिज नहीं की जा सकती है। नेशनल हाइवे पर जाम भी लग सकता है। इस बारे में पूछने पर अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे ने कहा कि दोनों पक्षों ने अपने-अपने कार्यक्रमों की औपचारिक सूचना दी है। सांसद की तरफ से लाउडस्पीकर के प्रयोग की अनुमति मांगी गई है। विधायक के साथ एक दौर की बातचीत हुई है। उनसे समय बदलने का अनुरोध किया गया है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक उत्तर नहीं मिला है। दोनों जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रमों में मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की तैनाती का निर्देश दिया गया है, ताकि विधि-व्यवस्था बनी रहे।
Source link