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Maoist Ravindra Ganjhu arrested: झारखंड में माओवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है. वर्षों से पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के लिए चुनौती बने 20 लाख रुपये के इनामी माओवादी को लातेहार पुलिस ने गिरफ्तार करने का दावा किया है. अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से न सिर्फ एक बड़े नक्सली नेटवर्क को झटका लगा है, बल्कि लातेहार में माओवादी गतिविधियों पर भी निर्णायक असर पड़ेगा.
एसपी कुमार गौरव ने माओवादी रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी की जानकारी साझा की.
लातेहार. झारखंड में माओवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. लातेहार पुलिस ने भाकपा (माओवादी) के रीजनल कमेटी सदस्य और 20 लाख रुपये के इनामी नक्सली रविंद्र गंझू को गिरफ्तार करने का दावा किया है. पुलिस के मुताबिक, रविंद्र गंझू करीब 150 आपराधिक मामलों में वांछित था और झारखंड के साथ-साथ NIA की भी मोस्ट वॉन्टेड सूची में शामिल था. अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद लातेहार में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है.
20 लाख का इनामी, 150 मामलों का आरोपी
लातेहार पुलिस इस गिरफ्तारी को झारखंड में माओवाद के खिलाफ सबसे बड़ी सफलताओं में से एक बता रही है. पुलिस के अनुसार, रविंद्र गंझू पर झारखंड पुलिस ने 15 लाख और NIA ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. उसके खिलाफ लातेहार, गढ़वा, पलामू, गुमला, लोहरदगा, चतरा समेत कई जिलों में हत्या, पुलिस पर हमले, आगजनी और नक्सली हिंसा के करीब 150 मामले दर्ज हैं.
इन वारदातों में रहा कथित तौर पर शामिल
पुलिस के मुताबिक, रविंद्र गंझू चंदवा के लुकिया मोड़ पर पीसीआर वैन पर हुए हमले, जिसमें चार पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी, कटिया जंगल मुठभेड़, ऑपरेशन रेडबुल के दौरान हुई मुठभेड़ और रेलवे साइडिंग में आगजनी जैसी कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा है.
गांव से दबोचा, हथियार भी बरामद
एसपी कुमार गौरव ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि रविंद्र गंझू चंदवा थाना क्षेत्र के हेसला गांव में मौजूद है. इसके बाद विशेष टीम ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया. पुलिस का दावा है कि उसके कब्जे से एक AK-56, एक पिस्टल, एक अन्य राइफल और सैकड़ों राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं.
DIG का दावा- अब सिर्फ दो सक्रिय नक्सली बचे
सीआरपीएफ के डीआईजी पंकज कुमार ने दावा किया कि रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी के बाद लातेहार जिले में माओवादी संगठन लगभग समाप्त हो गया है. उनके अनुसार, जिले में अब केवल दो नक्सली बचे हैं, जो फिलहाल सक्रिय नहीं हैं. उन्होंने दोनों से आत्मसमर्पण करने की अपील करते हुए चेतावनी भी दी.
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