भास्कर एक्सक्लूिसव बोकारो शहरी क्षेत्र में जन्म लेने वाले बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र सेक्टर-1 स्थित नगर कार्यालय-निबंधन कार्यालय से जारी किया जाता है। नियमानुसार इसके लिए अस्पताल का संस्थागत प्रसव प्रमाण अनिवार्य है। परंतु, जिन बच्चों का जन्म घर पर हुआ है अथवा जिन अभिभावकों को अपने बच्चों का स्कूल में एडमिशन कराने के लिए उम्र कम दिखानी है, उनके लिए दलाल एक नया शॉर्टकट रास्ता निकाल रहे हैं। जिला कार्यालयों में प्रक्रिया धीमी होने की वजह से दलाल ग्रामीण पंचायत स्तर की आईडी का इस्तेमाल कर शहरी बच्चों के फर्जी या संशोधित जन्म प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं। इसके लिए 4,000 से 5,000 रुपए तक की मांग की जाती है, जो मोलभाव के बाद 3,000 से 3,500 रुपए में तय होती है। समान्य प्रक्रिया में जहां 2 से 4 महीने लग जाते हैं, वहीं दलाल 8 से 15 दिनों में प्रमाण पत्र तैयार करके देने का दावा करते हैं। प्रतिदिन 10 से 15 अभिभावक अपनी समस्याओं को लेकर कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन जब सीधे रास्ते काम होता नहीं दिखता, तो वे दलालों की शरण में चले जाते हैं। केस-2 : आठ माह से चक्कर लगाने को विवश रेलवे कॉलोनी के एमसी डे के पुत्र का जन्म बीजीएच में हुआ। 2025 के अक्टूबर माह में सभी कागजात के साथ प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया, लेकिन आज तक प्रमाण पत्र नहीं बना। कभी पोर्टल बंद, तो कभी वेरिफिकेशन की बात कहते हुए टाल दिया गया। अब भी चक्कर लगा रहे हैं। सभी काम नियमों से हो रहा है, दलाल से नहीं – डॉ. जयनाथ, रजिस्ट्रार, जन्म-मृत्यु निबंधन कार्यालय, बोकारो। लाचारी का फायदा उठा रहे दलाल, ऐंठ रहे मोटी रकम इन दिनों आरटीई (शिक्षा का अधिकार) सहित शहर के तमाम प्रमुख स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र के तहत नामांकन की प्रक्रिया तेज होते ही जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अभिभावकों की भारी भीड़ सरकारी दफ्तरों में उमड़ पड़ी है। लेकिन निबंधन कार्यालयों की प्रशासनिक सुस्ती, जटिल प्रक्रिया और टाइमलाइन के फेल होने के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी लाचारी और समय पर काम न होने के डर का फायदा उठाकर बिचौलिए (दलाल) सक्रिय हो गए हैं और अभिभावकों से मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने इसकी पड़ताल कराने के लिए सेक्टर 1 स्थिति जन्म मृत्यु कार्यालय के पास पहुंची। इस दौरान जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए दलाल से बातचीत की। जिसमें दलाल ने बताया कि रजिस्ट्रार से सीधे संपर्क करें या दो दिन प्रतीक्षा करें, उसके बाद बताएंगे कब तक बनेगा, तुरंत कुछ नहीं होता है। इसका वीडियो दैनिक भास्कर के पास मौजूद है। केस-1: दलाल ने 3700 रुपए लेकर बना दिया सेक्टर-3 के लखन महतो को पुत्र के 9वीं कक्षा में नामांकन के लिए जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ी। उन्होंने कार्यालय में प्रमाण पत्र के लिए सभी जरूरी कागजात के साथ आवेदन दिया। लेकिन 9 माह के बाद भी नहीं बना। कार्यालय के बाहर दलालों ने 3700 लेकर प्रमाण पत्र बना दिया।
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