रांची16 घंटे पहलेलेखक: विनय चतुर्वेदी
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6.38 लाख नाम कटे, रांची में सबसे ज्यादा 64,927 और धनबाद में 53,746 महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों का सत्यापन पूरा हो गया। डेढ़ साल में 6.38 लाख अपात्र और फर्जी लाभुक सूची से बाहर हो गए। जनवरी 2025 में इस योजना के लाभुकों की संख्या 56.61 लाख थी, जो जुलाई 2025 में घटकर 50.23 लाख पर पहुंच गई।
सत्यापन के बाद अधिकतर जिलों में जून-जुलाई की राशि लाभुकों के खाते में भेज दी गई है। कुछ जिलों में जुलाई की राशि ट्रांसफर करने का काम चल रहा है। जनवरी 2025 की तुलना में रांची में सबसे ज्यादा 64,927 और धनबाद में 53,746 अपात्र लाभुकों के नाम काटे गए हैं।
यह योजना 18 अगस्त 2024 को शुरू हुई थी। शुरुआत में 18 से 50 साल की महिलाओं को 1000 रुपए प्रति माह सहायता राशि दी जाती थी। फिर दिसंबर 2024 में कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह राशि बढ़ाकर 2500 रुपए कर दी गई। छह जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में एक भव्य कार्यक्रम में बढ़ी हुई राशि की पहली किस्त 56.61 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में ट्रांसफर की थी।
इसके बाद इसमें फर्जीवाड़ा शुरू हो गया। इसे देखते हुए सरकार ने सत्यापन कराने का फैसला किया। अक्टूबर में हुई पहली छंटनी के बाद लाभुकों की संख्या घटकर 51.04 लाख हो गई है। इस साल अप्रैल से एक बार फिर सत्यापन शुरू हुआ तो लाभुकों की संख्या घटकर 50.23 लाख पर पहुंच गई।
| जिला | जनवरी 2025 | जून 2026 | घटे |
| बोकारो | 3,60,938 | 3,20,000 | 40,938 |
| चतरा | 1,98,238 | 1,75,816 | 22,422 |
| देवघर | 2,85,377 | 2,40,392 | 44,985 |
| धनबाद | 4,00,030 | 3,46,284 | 53,746 |
| दुमका | 2,22,310 | 2,03,310 | 19,000 |
| पू. सिंहभूम | 3,07,333 | 2,85,704 | 21,629 |
| गढ़वा | 2,42,502 | 2,23,412 | 19,090 |
| गिरिडीह | 4,72,405 | 4,55,518 | 16,887 |
| गोड्डा | 2,24,736 | 1,94,681 | 30,055 |
| गुमला | 1,75,650 | 1,54,235 | 21,415 |
| हजारीबाग | 2,92,780 | 2,47,367 | 45,423 |
| जामताड़ा | 1,61,690 | 1,47,453 | 14,237 |
| खूंटी | 93,701 | 86,955 | 6,746 |
| कोडरमा | 1,39,370 | 1,33,043 | 6,327 |
| लातेहार | 1,44,637 | 1,29,110 | 15,527 |
| लोहरदगा | 1,01,814 | 86,955 | 14,859 |
| पाकुड़ | 1,99,202 | 1,53,228 | 45,974 |
| पलामू | 3,72,937 | 3,44,849 | 28,088 |
| रामगढ़ | 1,39,502 | 1,27,287 | 12,215 |
| रांची | 4,51,083 | 3,86,156 | 64,927 |
| साहिबगंज | 1,90,198 | 1,71,168 | 19,030 |
| सरायकेला | 1,68,492 | 1,54,815 | 13,677 |
| सिमडेगा | 99,156 | 82,785 | 16,371 |
| प. सिंहभूम | 2,17,710 | 1,72,557 | 45,153 |
इस आधार पर हुआ सत्यापन…
- जिन महिलाओं की उम्र 50 साल से ज्यादा हो गई, उनके नाम हटा दिए गए।
- जिन खातों में बायोमेट्रिक ई-केवाईसी या आधार सीडिंग पेंडिंग थी या फर्जी खाते मिले, उनके नाम काटे गए।
- खाद्य आपूर्ति विभाग के राशन कार्ड डेटाबेस से मिलान किया गया। परिवार में दोहराव पाए जाने पर छंटनी हुई।
- जिन महिलाओं को केंद्र या राज्य की अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रही थी, उन्हें अपात्र घोषित किया गया।
- आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों की महिलाओं की छंटनी की गई।
- वैसे नाम भी काटे गए, जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी या पेंशनधारक मिले।
लेकिन नए नाम नहीं जुड़े: इस योजना के लिए 18 से 50 वर्ष की महिलाएं पात्र होती हैं। योजना में शामिल जिन महिलाओं की उम्र 50 साल से ज्यादा हो गई, उनके नाम काट दिए गए। लेकिन 18 साल की किसी भी नई महिला का नाम योजना में शामिल नहीं किया गया।
