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झारखंड के सभी जिलों में शनिवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की ओर से धरना दिया गया। इसी क्रम में बोकारो भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की बोकारो जिला इकाई ने भी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष विनोद कुमार महतो के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर झारखंड के राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि झारखंड में पिछले कई वर्षों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित धांधली, पेपर लीक और परीक्षा माफियाओं की संलिप्तता के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन मामलों से नाराज अभ्यर्थी पिछले छह दिनों से रांची में आंदोलन कर रहे हैं। भाजयुमो ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से वर्ष 2019 के बाद आयोजित सभी जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल तथा अन्य भर्ती परीक्षाओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की। तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते की गिरफ्तारी की मांग इसके साथ ही, फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर दोषियों के खिलाफ शीघ्र सुनवाई और कड़ी सजा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई। भाजयुमो ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते पर मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की। आयोग के तीनों सदस्यों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ परीक्षा के दौरान जान गंवाने वाले सभी अभ्यर्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। कार्यक्रम में भाजयुमो पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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