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खंडवा जिले से एक ऐसी सकारात्मक पहल सामने आई है, जो हजारों लोगों की जिंदगी बदल रही है. प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से जुड़ा प्रजापति ब्रह्माकुमारी समूह पिछले कई वर्षों से गांव-गांव और शहरों में नशा मुक्ति अभियान चला रहा है. इस संस्था ने अब तक करीब 20 हजार लोगों को शराब, तंबाकू, गुटखा और अन्य नशीली आदतों से दूर करने में सफलता हासिल की है.
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले से एक ऐसी सकारात्मक पहल सामने आई है, जो हजारों लोगों की जिंदगी बदल रही है. प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से जुड़ा प्रजापति ब्रह्माकुमारी समूह पिछले कई वर्षों से गांव-गांव और शहरों में नशा मुक्ति अभियान चला रहा है. इस संस्था ने अब तक करीब 20 हजार लोगों को शराब, तंबाकू, गुटखा और अन्य नशीली आदतों से दूर करने में सफलता हासिल की है.
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि यहां नशा छुड़ाने के लिए किसी दवा या कठोर उपचार का सहारा नहीं लिया जाता, बल्कि लोगों को मेडिटेशन और आध्यात्मिक ज्ञान के जरिए मानसिक रूप से मजबूत बनाया जाता है. संस्था का मानना है कि जब तक व्यक्ति का मन नहीं बदलेगा, तब तक वह नशे से पूरी तरह मुक्त नहीं हो सकता. इसी सोच के साथ राजयोग मेडिटेशन, सकारात्मक विचार और नियमित परामर्श के माध्यम से लोगों को नई दिशा दी जा रही है.
हजारों लोगों की छुड़वाई नशे की लत
संस्था की प्रभारी बीके शक्ति दीदी बताती हैं कि “हम गांव-गांव जाकर लोगों को समझाते हैं कि नशा सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को नुकसान पहुंचाने वाली समस्या है। मेडिटेशन के जरिए हम व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति बढ़ाते हैं, जिससे वह खुद ही नशा छोड़ने का निर्णय लेता है. उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में समय जरूर लगता है, लेकिन इसका असर स्थायी होता है.अब इस संस्था ने अपने अभियान को और बड़ा रूप देने का फैसला किया है.देशभर में 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत अधिक से अधिक लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी. खंडवा जिले में भी यह अभियान 5 से 20 अगस्त तक चलाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत आनंद नगर स्थित भाग्योदय भवन से की गई है. इस दौरान जिले में करीब 1 लाख लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है.
अब करोड़ों को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य
इस अभियान को शहरों तक सीमित न रखते हुए अब ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंचाया जा रहा है। ओंकारेश्वर, पंधाना, हरसूद और आसपास के गांवों में स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय, स्वास्थ्य केंद्र और पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इन कार्यक्रमों में युवाओं को खास तौर पर जोड़ा जा रहा है, ताकि वे नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण कर सकें. इस संस्था से जुड़ी सुरेखा दीदी का कहना है कि नशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को दीमक की तरह खोखला कर देता है. इससे शारीरिक बीमारियों के साथ-साथ मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद भी बढ़ता है. हमारा उद्देश्य है कि लोग खुद जागरूक बनें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें.यह अभियान राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की पुण्य स्मृति को समर्पित है, जिनका जीवन मानव सेवा और आध्यात्मिक जागरण के लिए समर्पित रहा. उनके आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए यह संस्था समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में लगातार काम कर रही है.