गिरिडीह. झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (SIT) की जमीन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. बेंगाबाद अंचल अधिकारी (CO) की जांच रिपोर्ट के आधार पर दावा किया जा रहा है कि जिस जमीन पर करोड़ों रुपये की लागत से तकनीकी संस्थान संचालित हो रहा है, उसका एक हिस्सा सरकारी गैर-मजरूआ भूमि है. मामले में शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
शिकायत के अनुसार, बेंगाबाद अंचल अधिकारी की जांच रिपोर्ट (पत्रांक संख्या-351) में कोईरीडीह मौजा के खाता संख्या-10, प्लॉट संख्या-5 की करीब 30 एकड़ जमीन को सरकारी गैर-मजरूआ बताया गया है. आरोप है कि इसी भूमि में से लगभग 15 एकड़ हिस्से पर सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (SIT) का निर्माण किया गया है, जहां वर्तमान में डिप्लोमा, बीटेक समेत कई तकनीकी और प्रोफेशनल पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं.
मुखिया ने DC से लेकर ED तक भेजी शिकायत
बेंगाबाद प्रखंड की मधवाडीह पंचायत के मुखिया सिद्दीक अंसारी ने इस मामले को लेकर गिरिडीह के उपायुक्त (DC), बेंगाबाद अंचल अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), झारखंड के राज्यपाल, झारखंड सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को लिखित शिकायत भेजी है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
‘क्या कानून गरीब और प्रभावशाली लोगों के लिए अलग-अलग है?’
सिद्दीक अंसारी ने अपनी शिकायत में सवाल उठाया है कि यदि कोई गरीब व्यक्ति सरकारी जमीन पर छोटी-सी झोपड़ी भी बना लेता है तो प्रशासन तत्काल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करता है. कई मामलों में बुलडोजर भी चलाया जाता है. लेकिन यदि सरकारी जांच रिपोर्ट के अनुसार सरकारी भूमि पर वर्षों से एक बड़ा शैक्षणिक संस्थान संचालित हो रहा है, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने इसे कानून के समान अनुपालन का सवाल बताया है.
वर्षों से संचालित हो रहा संस्थान
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संस्थान में लंबे समय से शैक्षणिक गतिविधियां चल रही हैं और करोड़ों रुपये का कारोबार भी हो रहा है. इसके बावजूद शिकायतों और जांच रिपोर्ट के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने सरकार से मांग की है कि यदि जांच में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या अन्य अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए.
संस्थान और प्रशासन का पक्ष आना बाकी
फिलहाल इस पूरे मामले में सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (SIT) प्रबंधन और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है. News18 Hindi स्वतंत्र रूप से शिकायतों और आरोपों की पुष्टि नहीं करता है. संस्थान या प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर खबर को अपडेट किया जाएगा.