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नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा के विधायकों ने बुधवार को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम जाकर आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान बाबूलाल मरांडी ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए जेपीएससी और जेएसएससी की सभी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की पुरजोर मांग उठाई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जो लोग आज पैसे देकर नौकरी खरीदेंगे, वे अगले 30 साल तक झारखंड में करप्शन का रायता फैलाएंगे। वे राज्य को लूटकर पूरी तरह खोखला कर देंगे। इस गलत परिपाटी को हर हाल में खत्म करना होगा। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि छात्रों की सभी मांगें पूरी तरह से जायज हैं। भाजपा सड़क से लेकर विधानसभा सदन तक छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और इस मुद्दे को विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाएगी। मुलाकात के दौरान भाजपा विधायक सीपी सिंह, नवीन जायसवाल, मनोज यादव, नागेंद्र महतो, डॉ. नीरा यादव, आलोक चौरसिया, देवेंद्र कुंवर, अमित यादव, शत्रुघ्न महतो, उज्ज्वल दास, मंजू कुमारी, प्रदीप प्रसाद, पूर्णिमा साहू वहां मौजूद रहे। आजसू विधायक निर्मल महतो भी उपस्थित थे। अन्य वरिष्ठ नेताओं में प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, रांची महानगर अध्यक्ष वरुण साहू सहित कई अन्य पदाधिकारी शामिल थे। यह पेपर लीक नहीं, सीधे नौकरी बेचने का मामला है… बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और भर्ती एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि जेपीएससी और जेएसएससी के जरिए खुलेआम नौकरियां बेची गई हैं। केवल 14वीं जेपीएससी ही नहीं, बल्कि जेएसएससी सीजीएल, उत्पाद सिपाही भर्ती सहित पिछले 6 सालों में आयोजित सभी परीक्षाओं में भारी अनियमितता हुई है। उत्पाद सिपाही भर्ती में तमाड़ में चुने हुए अभ्यर्थियों को सवाल रटवाए गए थे। इससे पहले भी जेएसएससी द्वारा पैसे लेने वाले अभ्यर्थियों को बिहार, नेपाल और रांची में 120 प्रश्नों के उत्तर रटवाए गए थे, जो परीक्षा में हु-ब-हु पूछे गए। जेपीएससी की परीक्षा का कट-ऑफ मार्क्स पहले जारी नहीं किया गया। हाईकोर्ट की फटकार के बाद जब जारी हुआ, तो पता चला कि असफल छात्रों के नंबर चयनित अभ्यर्थियों से अधिक थे। सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठाए : नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की संवेदनशीलता पर भी सवाल उठाया और कहा कि इस कड़कड़ाती बारिश में छात्र विषम परिस्थितियों में डटे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन नियम-कायदों की आड़ में उन्हें परेशान कर रहा है। मौके पर उन्होंने छात्रों की समस्याओं पर भी बात की। छात्रों की चिंता जायज, लेकिन आंदोलन की राजनीति नहीं हो : दीपिका पांडेय ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि छात्रों के आंदोलन पर जाने से पहले ही सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। जेपीएससी मामले की सीआईडी जांच चल रही है और दोषियों को सजा दिलाने के लिए सरकार को मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार लीक-प्रूफ परीक्षा प्रणाली और तय परीक्षा कैलेंडर लागू करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। दीपिका ने कहा कि छात्रों की चिंताएं पूरी तरह जायज हैं और सरकार उनके आंदोलन को दोष नहीं देती। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र समझदार हैं और उन्हें बरगलाया नहीं जा सकता।
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