जामताड़ा: झारखंड के जामताड़ा से ऑपरेट हो रहे एक बड़े अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने खुलासा किया है. पुलिस की खुफिया टीम की कार्रवाई में नेटवर्क के मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी की निशानदेही पर भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ है. अलग-अलग चरणों में हुई कार्रवाई में पुलिस अब तक 230 किलो गांजा जब्त कर चुकी है, जबकि तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अब इस पूरे सिंडिकेट की सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है. अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (ADPC) को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस की खुफिया शाखा ने झारखंड से संचालित हो रहे एक बड़े अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है.
पुलिस ने इस कार्रवाई में नेटवर्क के मुख्य सप्लायर कालीपद भंडारी को गिरफ्तार किया है. कालीपद भंडारी झारखंड के जामताड़ा जिले के नाला थाना क्षेत्र अंतर्गत सूर्यापानी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है. पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर झारखंड सीमा से सटे पश्चिम बर्दवान जिले के बाराबनी थाना क्षेत्र में छापेमारी कर 122 किलोग्राम गांजा बरामद किया.
पुलिस के अनुसार, इस तस्करी नेटवर्क के खिलाफ अलग-अलग चरणों में कार्रवाई की गई. इससे पहले 17 जुलाई को सालानपुर थाना क्षेत्र से 105 किलो गांजा जब्त किया गया था वहीं 29 जुलाई को जामुरिया इलाके से गिरोह के दो अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से 4 किलो गांजा बरामद हुआ था.
तीनों कार्रवाइयों को मिलाकर पुलिस अब तक इस नेटवर्क से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और कुल 230 किलो गांजा जब्त किया गया है. आसनसोल दुर्गापुर पुलिस के डीसी वेस्ट सना अख्तर का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह गिरोह झारखंड से गांजे की सप्लाई कर आसपास के इलाकों में नेटवर्क चला रहा था हालांकि, गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लाई चेन और मादक पदार्थों की अंतिम खपत वाले क्षेत्रों का पता लगाने के लिए जांच जारी है.
एडीपीसी (ADPC) की इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए लगातार छापेमारी और पूछताछ कर रही है.
हालांकि, इस पूरे मामले में गिरफ्तार आरोपी कालीपदो भंडारी का नाम पहले भी बड़े गांजा तस्करी मामले में सामने आ चुका है. जानकारी के अनुसार 16 मार्च 2024 को असम के गुवाहाटी में एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) ने एक वाहन से 1020 किलो गांजे की बड़ी खेप पकड़ी थी. एनसीबी की जांच में इस खेप के पीछे जामताड़ा के नाला थाना क्षेत्र के सूर्यापानी गांव निवासी कालीपदो भंडारी का नाम सामने आया था.
इसके बाद 24 अगस्त 2024 को असम एनसीबी और नाला पुलिस की संयुक्त टीम ने उसके घर पर छापेमारी की थी इस दौरान घर से 12.80 लाख रुपये नकद, एक 7.65 एमएम पिस्टल, एक एयर गन और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे हालांकि उस समय आरोपी अपने घर से फरार था और अबतक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा थालेकिन वह लगातार गांजा तस्करी के अपने अंतराज्यीय नेटवर्क को ऑपरेट करता रहाजिससे जामताड़ा पुलिस की सूचना तंत्र,इंटेलिजेंस और कारवाई पर सवाल उठ रहे है
अब ADPC की कार्रवाई के बाद एक बार फिर जामताड़ा से जुड़े इस नेटवर्क का खुलासा हुआ है पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और लोगों पर शिकंजा कसा जाएगा. 230 किलो गांजे की बरामदगी और मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है, लेकिन इस कार्रवाई ने झारखंड से संचालित हो रहे अंतरराज्यीय मादक पदार्थ नेटवर्क पर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं अब देखना होगा कि जांच की अगली कड़ी में पुलिस इस नेटवर्क के कितने और चेहरों तक पहुंच पाती है.