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एनसीडी कार्यक्रम के तहत एसएस प्लस-2 हाई स्कूल, चांडिल में गुरुवार को मुख एवं दंत स्वास्थ्य जांच शिविर, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह एवं डीडीओ डॉ. कामिनी लता के निर्देशन में आयोजित शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 120 छात्राओं के मुख एवं दंत स्वास्थ्य की जांच की तथा उन्हें तंबाकू के दुष्प्रभावों और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। शिविर में डॉ. शानदार हसन रिजवी एवं डॉ. पूनम कुमारी ने छात्राओं की ओरल स्क्रीनिंग की। डॉ. पूनम कुमारी ने दांतों की सही देखभाल, नियमित ब्रश करने की विधि और मौखिक स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पाद शुरुआत में शौक लगते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह लत बनकर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का कारण बनते हैं। उन्होंने कहा, “गुटखा खाने में भले ही मजा लगे, लेकिन हर थूक में जहर होता है। कार्यक्रम में बताया गया कि गुटखा, खैनी, पान मसाला, बीड़ी और सिगरेट जैसे तंबाकू उत्पाद मुंह के कैंसर, फेफड़ों के कैंसर, हृदय रोग सहित कई गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं। चिकित्सकों ने सभी से तंबाकू से दूरी बनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। शिविर के दौरान राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मानसिक रोगों के लक्षण, बचाव एवं समय पर उपचार के महत्व पर भी चर्चा की गई। छात्राओं को तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्राओं को तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने की शपथ दिलाई गई। विशेषज्ञों ने संतुलित आहार, नियमित दंत जांच और स्वच्छता अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने का संदेश दिया।
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