भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

सहारनपुर में कांवड़ियों की थकान मिटाने के लिए लगाई गईं 21 मशीन,...


Last Updated:

सहारनपुर में कांवड़ियों के लिए विशेष फुट मसाज की व्यवस्था की गई है. थकान दूर करने के लिए 21 मशीनें लगाई गई हैं, जो पैरों की मालिश कर आराम देती हैं. हरिद्वार से गंगाजल उठाकर सैकड़ो किलोमीटर का सफर तय कर कांवड़िये सहारनपुर से होते हुए हरियाणा, पंजाब जाते हैं. इस दौरान कांवड़ियों को भारी थकान हो जाती है, पांव में सूजन, नसों में जकड़न और शरीर में थकावट जिससे यात्रा करना और भी कठिन हो जाता है.

ख़बरें फटाफट

Amazon Prime DayTop Deals Inside

सहारनपुर: कांवड़ यात्रा जोरों पर चल रही है और कांवड़ लेकर अपने गंतव्य की और शिव भक्त तेजी से बढ़ रहे है. हरिद्वार से गंगाजल उठाकर सैकड़ो किलोमीटर का सफर तय कर कांवड़िये सहारनपुर से होते हुए हरियाणा, पंजाब जाते हैं. इस दौरान कांवड़ियों को भारी थकान हो जाती है, पांव में सूजन, नसों में जकड़न और शरीर में थकावट जिससे यात्रा करना और भी कठिन हो जाता है.

फुट मसाज की है व्यवस्था

सहारनपुर में कांवड़ियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. जहां प्रत्येक सेवा शिविर में भोलो के लिए विभिन्न तरह के खाने की व्यवस्थाएं की गई है. लेकिन खाने से ज्यादा जो अहम व्यवस्था है वह है फुट मसाज. जो की ज्यादातर हाथों से करते हुए देखी जाती है जींस सैकड़ो किलोमीटर का सफर पैदल तय कर आ रहे कांवड़ियों को राहत मिल सके. लेकिन सहारनपुर का एक ऐसा शिविर लगाया गया है जिसमें कांवड़ियों की थकान और उनके मसल्स को बेहतर करने के लिए मशीनों लगाई गई है. सहारनपुर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के द्वारा चिकित्सा सेवा समिति लगाया गया है जिसमें कांवड़ियों कि थकान उतारने के लिए 21 मशीन लगाई गई है.

कांवड़ियों की थकान दूर करने के लिए लगाई गई 21 मशीनें

कांवड़ लेकर हरिद्वार से अंबाला जा रहे कैलाश बताते हैं कि जो मशीन लगाई गई है इससे कांवड़ियों को थकावट कम होना महसूस हो रही है. यह बढ़िया मशीनें है और ऐसी मशीनें कांवड़ियों के लिए होना चाहिए. कांवड़िये बहुत दूर-दूर से चलकर आते हैं उनके पांव दुख जाते हैं हाथों से मालिश करते हैं तो उससे ज्यादा असर नहीं होता लेकिन मशीनों से ज्यादा आराम मिलता है. शिविर संचालक दीपक खेड़ा बताते हैं कि हम लोगों ने लगभग 6 मशीनों से पिछले साल शुरुआत करी थी और भोले बाबा की कृपा से साथियों के सहयोग से इस बार हमने 21 मशीन का टारगेट पूरा कर लिया है.

हमारे पास इसमें तीन तरह की मशीन है इसके अंदर मैग्नेट लगी भी होती है यह मैग्नेट पैरों के पंजों से सारे के सारे के पोर्शन खोल देती है जबकि ये दूसरी मशीन जोकि पैरों के अलग-अलग तरह के पोर्शन जैसे थाई से लेकर के एड़ी तक मसाज करती है. यानी कि भोले के पांव में कहीं पर भी कोई भी दर्द है उनके उस दर्द का निवारण यह मशीनें कर रही है. इसके साथ ही कांवड़ियों के लिए दवाइयों की व्यवस्थाएं भी की गई है.

About the Author

Rajneesh Kumar Yadav

Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…

और पढ़ें



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top