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विश्व आदिवासी दिवस 2026 के अवसर पर जिले में तीन दिनों तक विभिन्न आदिवासी, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इन कार्यक्रमों की श्रृंखला को आदि फेस्ट नाम दिया गया है। आदि फेस्ट के माध्यम से जिले की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली तथा पर्यावरण संरक्षण के मूल्यों को पर्व के रूप में मनाकर जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं आदि फेस्ट के पहले दिन शनिवार को सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस नदिया के विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर स्थित मैदान में मानव श्रृंखला बनाकर आदि फेस्ट की आकर्षक आकृति तैयार की। विद्यार्थियों की इस मनमोहक प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों ने आदिवासी संस्कृति और प्रकृति के प्रति जुड़ाव का संदेश दिया। कक्षा 6 से 12वीं तक के बच्चों ने आदिवासियत और आदिवासी जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर मनमोहक चित्रकारी भी की। वहीं उपायुक्त संदीप कुमार मीना, पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी, डीडीसी राज महेश्वरम, परियोजना निदेशक आईटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग, अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, उप निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी दास सुनंदा चंद्रमौलेश्वर, कार्यपालक दंडाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं दी साथ ही प्रकृति संरक्षण, पर्यावरणीय मूल्यों और आदिवासी जीवनशैली में निहित प्रकृति के साथ सह अस्तित्व की भावना के बारे में प्रेरित किया। पदाधिकारियों ने कहा कि प्रकृति केवल हमारे उपयोग की वस्तु नहीं बल्कि हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। आदिवासी समाज की परंपराओं में प्रकृति, जंगल, जल और जमीन के संरक्षण की भावना सदियों से विद्यमान रही है। इन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। वहीं बताया गया कि आदि फेस्ट के आगामी दो दिनों में भी आदिवासी संस्कृति, परंपरा, कला, प्रकृति एवं पर्यावरण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। तीन दिवसीय इस आयोजन के माध्यम से जिले में आदिवासी विरासत और प्रकृति संरक्षण के संदेश को उत्सव के रूप में जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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