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सिटी िरपोर्टर | बोकारो चास नगर निगम की तीसरी बोर्ड बैठक सोमवार को हंगामे के बीच स्थगित करनी पड़ी। पिछले दो बोर्ड बैठकों में लिए गए निर्णयों का अनुपालन नहीं होने से नाराज मेयर, डिप्टी मेयर और सभी पार्षदों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। कहा कि अधिकारी नहीं चाहते कि चास का विकास हो। बैठक में विवाद बढ़ने के बाद सभी जनप्रतिनिधि अपर नगर आयुक्त की कार्यशैली की शिकायत लेकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्याएं रखीं। मेयर भोलू पासवान ने अपर नगर आयुक्त पर विकास कार्यों में रुचि नहीं लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने चेंबर में बैठे रहते हैं और क्षेत्र में जाकर जनता की समस्याओं को देखने में रुचि नहीं दिखाते। विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के बजाए मामलों को लगातार टालने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि नगर निगम क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य लंबित हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों के रवैये का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि उपायुक्त अजय नाथ झा ने नगर निगम के कार्यों की स्वयं मॉनिटरिंग करने का आश्वासन दिया है। पार्षदों ने भी अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। कहा कि पिछले बैठकों में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे, लेकिन अब तक उनका धरातल पर अनुपालन नहीं हुआ। पार्षदों ने चेतावनी दी कि समस्याओं और मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन करने को विवश होंगे। इसपर उपायुक्त ने कहा कि चास के लिए पेयजल और सफाई सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल हैं। मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षद इन्हीं प्रमुख समस्याओं को लेकर उनसे मिलने आए थे। वे स्वयं दोनों मुद्दों की समीक्षा करेंगे और जनसमस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। कहा कि आम जनता का नगर निगम के प्रति विश्वास बना रहे, इसके लिए समस्याओं का समय पर समाधान जरूरी है। उपायुक्त ने कहा कि यदि बैठक स्थगित हुई है तो उसे दोबारा आयोजित किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों की मुख्य मांग थी कि पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों का जल्द से जल्द अनुपालन कराया जाए। जनप्रतिनिधि अपनी समस्याएं और शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखते हैं और यह व्यवस्था का हिस्सा है। कहा कि वे स्वयं अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर बेहतर समन्वय स्थापित करेंगे, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
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