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सिविल सेवा पीटी व बैकलॉग परीक्षाएं रद्द होंगी: सीएम:झारखंड विधानसभा का मानसून...




छात्र आंदोलन पर हो रहे हंगामे के कारण विधानसभा का मानसून सत्र निर्धारित अवधि से एक दिन पहले मंगलवार को ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा-सरकार 14वीं सिविल सेवा पीटी और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने को तैयार है। टीडीपीएल द्वारा ली गई परीक्षाओं की जांच होगी। जिन परीक्षाओं पर विवाद है, सबकी जांच होगी। रिफॉर्म का काम चल रहा है। परीक्षा में सुधार के लिए सरकार आईआईटी-आईआईएम जैसे संस्थानों की मदद लेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी में सुधार को लेकर सरकार ने जो सुझाव दिए हैं, उस पर आंदोलनकारी छात्र भी सहमत हैं। सरकार का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में सुधार करना है। युवाओं के हितों की रक्षा करनी है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है, जबकि विपक्ष सिर्फ राजनीति चमकाने में लगा है। हम काम को अंजाम तक न पहुंचा पाएं, इसके लिए विपक्ष पूरी ताकत से ​लगा है। लेकिन ये लोग हल्ला करते रहें, हम अपना काम करते रहेंगे। भैंस के आगे बीन बजाने का फायदा नहीं होने वाला है। हमें अपना काम करते जाना है। सीएम ने सदन में पूछा कि यह टीडीपीएल कंपनी कहां की है? फिर कहा-यह यूपी के लखनऊ की है। वहीं से साजिश रचकर बिहार ओर यूपी के लोगों के साथ मिलकर झारखंड के युवाओं को दिग्भ्रमित किया जा रहा है। टीडीपीएल द्वारा ली गई परीक्षाओं की भी जांच होगी, भाजपा लोकतंत्र खरीदना चाहती है, इनके यहां छापा पड़े तो नोट मिलेंगे भाजपा विधायक सीपी सिंह ने 50 हजार के नोटों के बंडल सदन में लहराते हुए कहा, इसी के बल पर सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी की सीटें बेची हैं। और सीटें बची हों तो इसे एडवांस के तौर पर स्वीकार करें। इसके बाद हंगामा चरम पर पहुंच गया। सीएम ने कहा-व्यापारियों की जमात से आने वाले इस समूह के हर व्यक्ति की जेब में नोटों के बंडल भरे पड़े हैं। इसी के बल पर ये लोकतंत्र को खरीदना चाहते हैं। इनके घरों पर छापा मारा जाए तो नोटों के ऐसे कई बंडल मिल जाएंगे। मंदिर तक को इन्होंने नहीं छोड़ा है। परजीवी भाजपा ने छात्रों के आंदोलन को अपना राजनीतिक मंच बनाया मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जोरदार हंगामा शुरू हो गया। प्रश्नकाल नहीं चला। पक्ष-विपक्ष दोनों वेल में आ गए। नारेबाजी शुरू हो गई। सिर्फ 11 मिनट बाद ही सदन दोपहर 12 बजे तक के ​स्थगित कर दी गई। दोपहर 12:03 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई, लेकिन 12:10 बजे कार्यवाही फिर स्थगित हो गई। दूसरी पाली में भी हंगामा हुआ। इसके बाद मुख्यमंत्री ने छात्र आंदोलन पर सरकार का पक्ष रखना शुरू किया। उन्होंने कहा कि भाजपा परजीवी है। उसने छात्रों के आंदोलन को अपना राजनीतिक मंच बनाने की कोशिश की है। पहले गेरूआ और अब छात्रों का चोला पहनकर दिग्भ्रमित करने में लगे हैं। छात्रों की आड़ में ये अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। पर, छात्रों की बात छात्रों के साथ होगी। उन्हें न्याय मिल कर रहेगा। मुख्यमंत्री ने करीब 15 मिनट बात रखी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों वेल में एक-दूसरे के खिलाफ नारे लगाते रहे। सबसे बड़ा परजीवी झामुमो, कांग्रेस की बैशाखी पर मलाई खा रहा: आदित्य सीएम के परजीवी बयान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि सबसे बड़ा परजीवी तो झामुमो है, जो कांग्रेस की बैशाखी पर सत्ता की मलाई खा रहा है। राहुल गांधी के समर्थन से सरकार चलाने वालों से बड़ा परजीवी और कौन हो सकता है। मुख्यमंत्री ओछी बातें छोड़ें और छात्रों की मांगों पर ध्यान दें। उन्हें जेएसएससी सीजीएल और जेपीएससी परीक्षाओं की सीबीआई जांच करानी ही पड़ेगी। यह निर्णय लेने में वे जितना विलंब करेंगे, उतनी तेजी से उनकी गद्दी हिलेगी।



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