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Anti-Venom Process: कैसे बनता है एंटीवेनम? बिग 4 सांप और घोड़ों से...


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Snake Anti-Venom Process: सांप के विष से ही एंटीवेनम तैयार होता है. भारत में ‘बिग फोर’ सांपों के विष से हर साल 40 हजार मौतें होती हैं. घोड़ों में विष इंजेक्ट कर एंटीबॉडी से एंटीवेनम बनता है. भारत में एंटीवेनम ‘बिग फोर’ सांपों (कोबरा, रसल वाइपर, सॉ स्केल्ड वाइपर, करैत) के विष से बनता है. विष की थोड़ी मात्रा घोड़ों में इंजेक्ट कर एंटीबॉडी बनाई जाती है, जिससे एंटीवेनम तैयार होता है. इसके उपयोग में चूक जानलेवा हो सकती है.

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पश्चिम चम्पारण: क्या आप जानते हैं कि भारत सहित पूरी दुनिया में सांप के विष का तोड़ (एंटीवेनम) खुद सांप के विष से ही तैयार किया जाता है. वैसे सांप जो सबसे अधिक दंश और उससे होने वाली मौतों के जिम्मेवार हैं, के विष को ही एंटीवेनम के लिए उपयोग में लाया जाता है. बात यदि भारत की करें तो यहां मुख्य रूप से चार ऐसे सांप पाए जाते हैं, जो सबसे अधिक दंश के लिए बदनाम हैं. उनके विष की वजह से हर साल करीब 40 हजार लोगों की जान चली जाती है. इस लेख में हम आपको इन्हीं विषयों पर कुछ बेहद रोचक जानकारी साझा कर रहे हैं.

सांप के विष से तैयार होता है एंटीवेनम
वाइल्ड लाइफ पर करीब दो दशकों से काम कर रहे विशेषज्ञ अभिषेक बताते हैं कि एंटी वेनम भी वेनम ही होता है. जिसे एंटीबॉडी के रूप में तैयार कर उपयोग में लाया जाता है. इसके उपयोग में हल्की सी भी चूक आपकी जान ले सकती है. ऐसे में आम इंसान को कभी भी सांप उसके विष या एंटीडोट से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए.

भारत में हर साल 40 हज़ार मौतें
अभिषेक बताते हैं कि भारत में मुख्य रूप से चार सांपों को ध्यान में रखते हुए एंटीवेनम को तैयार किया जाता है. इनमें स्पेक्टेकल्ड कोबरा (गेहूंवन), रसल वाइपर, सॉ स्केल्ड वाइपर और कॉमन करैत शामिल हैं. एक आंकड़े के मुताबिक भारत में हर वर्ष सांप के दंश से करीब 40 हजार मौतें होती हैं. जिसमें से 36 हजार मौतें सिर्फ इन्हीं चार सांपों के डसने से होती हैं. यही कारण है कि इन्हें बिग फोर के रूप में भी जाना जाता है.

ऐसे किया जाता है एंटीवेनम को तैयार
भारत में इन्हीं चार सांपों के विष से एंटीवेनम को तैयार किया जाता है. सबसे पहले ‘बिग फोर’ सांपों से सुरक्षित रूप से विष निकाला जाता है.फिर निकाले गए विष की हल्की और सुरक्षित मात्रा घोड़ों के शरीर में इंजेक्ट की जाती है. ध्यान देने वाली बात यह है कि ये घोड़े खास तरह के होते हैं. उनका इम्यून सिस्टम इस विष के खिलाफ एंटीबॉडी बनाने लगता है, जिसे निकालकर प्रयोगशाला में प्लाज़्मा से अलग किया जाता है और शुद्ध करके एंटीवेनम तैयार किया जाता है.

About the Author

Amit Ranjan

अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …

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