नई दिल्ली: भारत 15 अगस्त को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. इस ऐतिहासिक मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे. यह उनका लगातार 13वां भाषण होगा. इस बार का स्वतंत्रता दिवस समारोह कई मायनों में बिल्कुल अलग होने वाला है. सबसे बड़ी बात यह है कि लाल किले पर पहली बार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन होगा. यह पल हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है. पूरा देश देशभक्ति के माहौल में डूबा हुआ है. लाल किला परिसर में सिक्योरिटी बहुत कड़ी कर दी गई है. ‘विकसित भारत’ का सपना और ‘युवा शक्ति’ की ऊर्जा इस आयोजन का मुख्य केंद्र होगी. पीएम मोदी देश को एक नया विजन दे सकते हैं.
नेहरू ने 1947 से 1963 तक लगातार 17 बार देश को संबोधित किया था. साल 2025 में पीएम मोदी ने अपना सबसे लंबा भाषण दिया था. यह संबोधन 103 मिनट तक चला था जो एक नया रिकॉर्ड था. इस साल भी देश की जनता को उम्मीद है कि पीएम मोदी कुछ बड़े डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का ऐलान कर सकते हैं.
लाल किले के इस भव्य समारोह में पहली बार क्या खास होने जा रहा है?
इस बार के जश्न में एक बहुत ही खास ऐतिहासिक पल शामिल किया गया है. इस बार लाल किले पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा. यह इस गीत की 150 साल की विरासत को सम्मान देने का एक तरीका है. रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘यह कार्यक्रम वंदे मातरम की ऐतिहासिक विरासत और देश की युवा शक्ति को पूरी तरह समर्पित है’.
झंडा फहराने के बाद सेना का बैंड इसकी धुन बजाएगा. वहां मौजूद सभी लोग एक साथ वंदे मातरम गाएंगे और फिर राष्ट्रगान होगा. युवा शक्ति और विकसित भारत के टारगेट पर पूरा समारोह केंद्रित रहेगा. समारोह में 5000 विशेष अतिथियों को भी बुलाया गया है. ये गेस्ट समाज के अलग-अलग वर्गों का प्रतिनिधित्व करते हैं.
लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी का ऐतिहासिक संबोधन (File Photo : PTI)
तिरंगा फहराने के दौरान सेना की सलामी और सिक्योरिटी व्यवस्था कैसी रहेगी?
प्रधानमंत्री के लाल किला पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उनका स्वागत करेंगे. इसके बाद पीएम मोदी को सलामी मंच तक ले जाया जाएगा. सेना के तीनों अंगों और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम उन्हें सलामी देगी. इस बार भारतीय सेना को पूरे कार्यक्रम के कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी मिली है.
झंडा फहराते ही 21 तोपों की शानदार सलामी दी जाएगी. स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से यह सेरेमोनियल सलामी होगी. कैप्टन सोनिया सिंह चौहान पीएम को झंडा फहराने में मदद करेंगी. जैसे ही राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा सेना के जवान राष्ट्रीय सलामी देंगे. यह दृश्य हर साल की तरह इस बार भी बहुत रोमांचक होने वाला है.
जब पीएम मोदी झंडा फहरा रहे होंगे तब आसमान का नजारा भी देखने लायक होगा. भारतीय वायु सेना के दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर आयोजन स्थल पर फूलों की बारिश करेंगे. एक हेलीकॉप्टर तिरंगा लेकर उड़ेगा और दूसरे पर वंदे मातरम लिखा होगा. इन हेलीकॉप्टर्स की कमान विंग कमांडर रजत और स्क्वाड्रन लीडर अंकित वार्ष्णेय संभालेंगे.
इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री देश की जनता को संबोधित करेंगे. उनके भाषण के बाद एनसीसी कैडेट्स और ‘मेरा भारत’ के वॉलंटियर्स वंदे मातरम का सामूहिक गान करेंगे. इस तरह यह ऐतिहासिक आयोजन अपनी पूर्णता को प्राप्त करेगा. देश के अलग-अलग राज्यों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.
प्रधानमंत्री की सुरक्षा और गार्ड ऑफ ऑनर की कमान किन अधिकारियों के हाथों में होगी?
लाल किले की सिक्योरिटी को पूरी तरह से अभेद्य बनाया गया है. दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं. सलामी गारद की टुकड़ी में सेना और पुलिस के जवान शामिल होंगे. इस टीम में एक अधिकारी और 24 जवान मौजूद रहेंगे. इस पूरे गार्ड ऑफ ऑनर की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल अर्जुन सिंह संभालेंगे. सेना की टुकड़ी का नेतृत्व मेजर आदित्य शर्मा करेंगे. नौसेना की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर नीलम राणा के पास होगी. वायु सेना का नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर विपिन कुमार करेंगे. दिल्ली पुलिस की कमान एडीसीपी विनीत कुमार संभालेंगे.