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Palamu Koyal River Floods: पलामू में भारी बारिश से कोयल नदी उफान पर है. बता दें कि 10 साल बाद कोयल नदी का जलस्तर इतना बढ़ा है. प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है. वहीं, निचले इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है.
पलामू समेत राज्य भर में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है. जिसके बाद हुई पलामू में भारी बारिश का बेहद रोमांचक और भयावह दृश्य कोयल नदी में देखने को मिल रहा है. पलामू और मेदिनीनगर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद कोयल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. कहा जा रहा करीब 10 साल बाद नदी में इस तरह का उफान देखने को मिल रहा है. नदी खतरे के निशान के करीब पहुंचने से तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है. प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया है.
बता दें कि मेदिनीनगर स्थित कोयल रिवर फ्रंट पूरी तरह नदी के बढ़े जलस्तर की चपेट में आ गया है. सामान्य दिनों में जहां लोग नदी किनारे घूमने और बैठने पहुंचते हैं, वहां अब पानी का कब्जा है. जहां तस्वीरों में रिवर फ्रंट का बड़ा हिस्सा पानी में डूबा नजर आ रहा है. जलस्तर में वृद्धि के कारण कोयल रिवर फ्रंट का क्षेत्र में भी पानी फैल गया है.
स्थानीय लोगों ने कहा कि कोयल नदी के बढ़ते जलस्तर का असर मेदिनीनगर के निचले रिहायशी इलाकों में भी दिखने लगा है. कांदु मोहल्ला समेत कई हिस्सों में नदी और बारिश का पानी पहुंच गया है. इससे लोगों को आवागमन और दैनिक कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
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बता दें कि कोयल नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि के पीछे ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश को प्रमुख कारण माना जा रहा है. लगातार बारिश के कारण नदी में पानी का प्रवाह बढ़ा और देखते ही देखते नदी उफान पर पहुंच गई. हालांकि, शुक्रवार को समय बीतने के साथ जलस्तर में कुछ कमी के संकेत मिले हैं, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है.
मौसम विभाग के अनुसार पलामू में पिछले 24 घंटे के दौरान 41.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा है. मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले घंटों में नदी और निचले इलाकों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है.
मौसम विभाग के अनुसार 13 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तटीय पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में बना अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र डिप्रेशन में बदल गया. यह तटीय पश्चिम बंगाल में कैनिंग के पास केंद्रित था और करीब 40 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व कोलकाता से दूर था. मौसम विभाग ने बताया कि यह सिस्टम अगले 24 घंटे के दौरान लगभग उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर बढ़ने की संभावना है.
बता दें कि डिप्रेशन के झारखंड की ओर बढ़ने के पूर्वानुमान के बीच पलामू में बारिश को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. लगातार बारिश होने की स्थिति में कोयल नदी का जलस्तर फिर बढ़ सकता है. ऐसे में नदी के किनारे, निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है.
वहीं, कोयल नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है. नदी के जलस्तर, निचले इलाकों में पानी की स्थिति और बारिश पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. फिलहाल जलस्तर में कुछ कमी आने से राहत के संकेत जरूर हैं, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी के कारण खतरा पूरी तरह खत्म नहीं माना जा रहा है. ऐसे में नदी किनारे जाने और तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से लोगों को बचने की सलाह दी गई है.