रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. आंदोलनकारी छात्रों ने अब सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया है. JPSC-JSSC सुधार मंच की ओर से यह घोषणा की गई है. वहीं, छात्रों का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों को लेकर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा. आंदोलन को लेकर छात्रों ने अपनी रणनीति भी साफ कर दी है और कहा है कि अब उनका आंदोलन गांधी के रास्ते पर नहीं, बल्कि भगत सिंह के तर्ज पर होगा.
परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग
आंदोलन कर रहे छात्र JSSC-CGL समेत 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षाओं को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं. इसके साथ ही पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग भी उठाई जा रही है. छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं से अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ रहा है और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उनका भरोसा कमजोर हुआ है. छात्रों के मुताबिक अब इस कार्यक्रम के जरिए वे सरकार के सामने अपनी नाराजगी दर्ज कराएंगे और सीजीएल परीक्षा को लेकर अपनी मांग को मजबूती से उठाएंगे.
इसके अलावा छात्र नेताओं का कहना है कि कई दिनों से आंदोलन चलने के बावजूद उनकी प्रमुख मांगों का समाधान नहीं हुआ है. ऐसे में आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का निर्णय लिया गया है. जहां 20 अगस्त के प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में छात्रों के मुख्यमंत्री आवास पहुंचने की संभावना है.
24 जिलों में पुतला दहन का ऐलान
साथ ही आंदोलन के तहत छात्रों ने 16 अगस्त को राज्य के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन करने की घोषणा भी की है. रांची में यह कार्यक्रम अल्बर्ट एक्का चौक पर आयोजित करने की बात कही गई है. छात्रों ने सरकार पर उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाते हुए आंदोलन को और व्यापक बनाने का संकेत दिया है. छात्रों ने कहा कि सीजीएल परीक्षा को लेकर लंबे समय से अभ्यर्थियों के बीच असंतोष है. उनका आरोप है कि उनकी मांगों पर सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है. इसी के विरोध में आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है.
मुख्यमंत्री आवास घेराव से बढ़ेगी प्रशासन की चुनौती
20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव के ऐलान के बाद प्रशासन के सामने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ सकती है. इससे पहले भी JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी. वहीं, अब विधानसभा मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के बाद बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की खबर सामने आई थी.
मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
छात्रों ने स्पष्ट किया है कि केवल आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा. उनका कहना है कि जब तक परीक्षा से जुड़ी उनकी प्रमुख मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता और जांच की मांग पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा है कि युवाओं की मेहनत को अनियमितताओं की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा. ऐसे में अब 20 अगस्त के प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव पर सरकार और प्रशासन की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं.
‘सीजीएल रद्द नहीं कर सकते तो इस्तीफा दें मुख्यमंत्री’
छात्र नेताओं ने मुख्यमंत्री को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि अगर सरकार सीजीएल को रद्द नहीं कर सकती है तो मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए. आंदोलनकारियों ने यह भी घोषणा की है कि पुतला दहन कार्यक्रम में राहुल गांधी और हेमंत सोरेन के पुतले भी दहन किए जाएंगे.