Last Updated:
Snake Bite: बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. ताजा मामला झारखंड के हजारीबाग का है. जहां एक सांप काटने के बाद अस्पताल की लापरवाही से छह साल के बच्चे की जान चली गई. उसे सोते वक्त सांप ने काटा था. जब परिवार अस्पताल लेकर पहुंचा तो वहां कोई स्वास्थ्यकर्मी नहीं होने की वजह से इलाज नहीं हो सका और बच्चे ने दम तोड़ दिया.
सर्पदंश से छह साल के मासूम बच्चे की मौत. (सांकेतिक तस्वीर)
हजारीबागः झारखंड के हजारीबाग से दिल दहलाने वाली खबर सामने आई. जहां सोते वक्त छह साल के मासूम बच्चे के बेड पर सांप आ धमका. बच्चा बेसुध सोता रहा और नाग ने उसे डस लिया. जैसे ही परिवार को पता चला तो आनन-फानन में उसे अस्पताल लेकर पहुंचे. लेकिन वहां का स्टाफ नदारद था. परिवार का आरोप है कि सही समय पर बच्चे को एंटी वेनम नहीं मिलने वजह से उसकी मौत हो गई.
हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड में सांप के डंसने से एक 6 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई. मृतक बच्चे की पहचान राजन कुमार के रूप में हुई है. घटना के बाद परिजनों ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं. बताया जा रहा है कि राजन कुमार अपने माता-पिता के साथ घर में सो रहा था. इसी दौरान एक जहरीला सांप बिस्तर तक पहुंच गया और बच्चे को डंस लिया. सांप के काटने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी. परिवार के लोग घबरा गए और उसे तुरंत इलाज के लिए केरेडारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे.
अस्पताल से गायब थे स्वास्थ्यकर्मी
परिजनों का आरोप है कि केरेडारी CHC पहुंचने पर उन्हें डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी नहीं मिले. उनका यह भी आरोप है कि बच्चे को समय पर एंटी-वेनम और प्राथमिक उपचार नहीं मिल सका. बच्चे की हालत बिगड़ती देख परिजन उसे लेकर हजारीबाग सदर अस्पताल के लिए रवाना हुए. लेकिन वहां पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जांच कर राजन कुमार को मृत घोषित कर दिया. मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है. वहीं, परिजनों के आरोपों के बाद केरेडारी CHC की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
सांप काटने पर क्या करें?
सांप के काटने पर घबराएं नहीं और मरीज को शांत रखें. उसे दौड़ने या चलने न दें, क्योंकि इससे जहर शरीर में तेजी से फैल सकता है. काटे गए अंग को ज्यादा हिलने-डुलने न दें और तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं. घाव पर कसकर रस्सी या कपड़ा न बांधें, न काटें-चूसें और न ही कोई झाड़-फूंक या घरेलू इलाज करें. समय पर डॉक्टर की सलाह और एंटी-वेनम से इलाज कराना जरूरी है.
About the Author
Journalist with a sharp focus on Bihar and Jharkhand, covering politics, crime, and trending stories with a strong ground-level perspective. Passionate about listening to stories, understanding them deeply, and…
और पढ़ें