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Jamshedpur Flood: जमशेदपुर में बारिश कहर बरपा रही है. भारी बारिश और दो बांधों के गेट खुलने के बाद जिले के निचले इलाकों में बाढ़ के हालात हैं. सैकड़ों घरों में पानी भर गया, जिसकी वजह से लोगों को मकान खाली कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.
जमशेदपुर में निचले इलाकों में पानी भरा.
जमशेदपुरः झारखंड में बारिश का तांड़व देखने को मिल रहा है. लगातार हुई मूसलाधार बारिश और दो बांधों के फाटक खुलने के बाद जमशेदपुर में बाढ़ के हालात बन गए. शहर की स्वर्णरेखा और खरकाई नदी उफान पर हैं. दोनों नदियों का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. इसका असर शहर के कई निचले इलाकों में देखने को मिला. जहां सैकड़ों घरों में पानी घुस गया, कई लोगों को आधी रात अपना घर खाली करना पड़ा.
उड़ीसा के बड़ेविंड डैम के 6 फाटक और सरायकेला के चांडिल डैम के 13 फाटक खोले जाने के बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा. खरकाई नदी खतरे के निशान से करीब 5.37 मीटर ऊपर बह रही है. जबकि स्वर्णरेखा नदी भी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई है. पानी बढ़ने के बाद शहर के कई निचले इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए. बागबेड़ा, शास्त्री नगर, कदमा, रामनगर, सोनारी, मानगो और बारीडीह समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया. लोगों के घरों में रखा सामान खराब हो गया. कई परिवार अचानक पानी बढ़ने के कारण अपने घरों में ही फंस गए.
देर रात तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
स्थिति बिगड़ने के बाद जिला प्रशासन ने NDRF की टीम को रेस्क्यू के लिए लगाया. देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को घर खाली कराकर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. बाढ़ का असर शहर के पॉश इलाकों तक भी पहुंच गया. बिष्टुपुर इलाके में रमाडा और अलकोर होटल के आसपास तक पानी पहुंचने की बात सामने आई है. बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से खाने-पीने का सामान भी उपलब्ध कराया जा रहा है.
बांधों से छोड़ा जा रहा पानी बना खतरा
फिलहाल, राहत की बात यह है कि पिछले करीब 24 घंटे से जमशेदपुर में बारिश बहुत कम हुई. इससे लोगों को कुछ राहत मिली. हालांकि, बांधों से छोड़े जा रहे पानी और आने वाले दिनों में फिर बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन सतर्क है. जिला प्रशासन चांडिल डैम और उड़ीसा के बांध अधिकारियों के लगातार संपर्क में है. प्रशासन की कोशिश है कि जलस्तर बढ़ने से पहले नदी किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाए. फिलहाल जमशेदपुर के कई इलाकों में बाढ़ का पानी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है और राहत-बचाव का काम जारी है.
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