रांची कैथोलिक आर्चडायोसिस की ओर से 30 अगस्त को प्रस्तावित रैली को लेकर भाजपा नेता श्रद्धानंद बेसरा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों और हितों की रक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक या सामाजिक भ्रम फैलाना उचित नहीं है। आदिवासी समाज के अधिकार संविधान में पूरी तरह सुरक्षित हैं। इन अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक व्यवस्था मौजूद है। श्रद्धानंद बेसरा ने कहा कि धर्म और राजनीति को अलग रखते हुए आदिवासी समाज के वास्तविक मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। यदि किसी विषय को लेकर आपत्ति या चिंता है, तो उसका समाधान संवाद, संवैधानिक प्रक्रिया, और सरकार के समक्ष उचित माध्यम से मांग रखने से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी आदिवासी संस्कृति, परंपरा, और सामाजिक समरसता से है। ऐसे में किसी भी संस्था या संगठन को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए, जिससे समाज में विभाजन या तनाव की स्थिति उत्पन्न हो।
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