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- In The First Phase, The Track Will Be Laid From Tatanagar To Howrah, Announced The Railway Minister During The Inauguration Of The Tatanagar Khatipura Express.
जमशेदपुर4 घंटे पहले
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हावड़ा-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम करने के लिए चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी। केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पहले चरण में टाटानगर से हावड़ा को चौथी लाइन से जोड़ने की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। इस व्यस्त रेलमार्ग पर अतिरिक्त लाइन बनने से ट्रेनों के परिचालन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। वे सोमवार को टाटानगर-खातीपुरा एक्सप्रेस के ऑनलाइन उद्घाटन के दौरान संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि रेलवे देश में आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 1,300 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। बड़े और व्यस्त स्टेशनों के आसपास उपग्रह स्टेशन भी तैयार किए जा रहे हैं, ताकि नई ट्रेनें चलाई जा सकें। उन्होंने बताया कि टाटानगर से जयपुर के लिए ट्रेन चलाने की मांग करीब 10 साल से हो रही थी। जयपुर स्टेशन पर अधिक व्यस्तता और पुनर्विकास कार्य के कारण यह सेवा शुरू नहीं हो पा रही थी। खातीपुरा में उपग्रह स्टेशन तैयार होने के बाद अब यह ट्रेन शुरू की गई है।
रेलमंत्री ने बताया कि झारखंड में गोविंदपुर, गोड्डा, लोहरदगा, रामगढ़ और मुरी में नए स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं, टाटानगर स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है। स्टेशन के पुनर्विकास और नई रेल लाइन जैसी योजनाओं से क्षेत्र में रेलवे की आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में काम हो रहा है।
गंगासागर को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने गंगासागर को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग रखी। फिलहाल कोलकाता के सियालदह स्टेशन से दक्षिण शाखा की लोकल ट्रेन से काकद्वीप या नामखाना जाना पड़ता है। नामखाना गंगासागर पहुंचने के लिए अंतिम रेलवे स्टेशन है। इसके आगे रेल संपर्क उपलब्ध कराने की मांग की गई। शुभेंदु अधिकारी ने हावड़ा, लिलुआ और खड़गपुर के रेलवे डिपो का विस्तार करने, उन्हें आधुनिक बनाने और रेल कारखाना स्थापित करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकेंगे।
… खड़गपुर से झारसुगुड़ा तक चौथी लाइन को मिल चुकी है स्वीकृति
हावड़ा-मुंबई रेलमार्ग पर खड़गपुर से झारसुगुड़ा तक 367 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन बनाने की मंजूरी रेल मंत्रालय पहले ही दे चुका है। इस परियोजना पर 6,528 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। यह रेल लाइन पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के आठ जिलों से होकर गुजरेगी। इसमें पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इस रेलखंड पर परिचालन का दबाव अधिक है। यहां रेल क्षमता का उपयोग 118% तक पहुंच चुका है। चौथी लाइन बनने से ट्रेनों के आवागमन में सहूलियत मिलेगी और रेलमार्ग पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। इससे यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के परिचालन में सुधार की उम्मीद है।
