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कार्तिक उरांव ने आदिवासी समाज को नई दिशा दी : नीरू




भास्कर न्यूज| लोहरदगा लोहरदगा, महान आदिवासी जननेता, समाज सुधारक व आदिवासी समाज के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले बाबा कार्तिक उरांव की जयंती के अवसर पर हिरही जतरा में श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहा। इस अवसर पर झारखंड आंदोलनकारी व लोहरदगा के पूर्व विधायक स्वर्गीय कमल किशोर भगत की धर्मपत्नी, लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र की पूर्व प्रत्याशी तथा झारखंड मुक्ति मोर्चा की केंद्रीय समिति सदस्य नीरू शांति भगत शामिल हुईं। उन्होंने बाबा कार्तिक उरांव को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके संघर्ष, विचारों और समाज के प्रति योगदान को याद किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नीरू शांति भगत ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने आदिवासी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने समाज को शिक्षा के प्रति जागरूक करने, अपनी पहचान और संस्कृति को संरक्षित रखने व अधिकारों के लिए संगठित होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और समाज सेवा का उदाहरण है, जिससे आज की युवा पीढ़ी को भी सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने समाज को आगे बढ़ाने, लोगों को जागरूक करने व आदिवासी समुदाय को मजबूत पहचान दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनके बताए रास्ते पर चलकर शिक्षा, एकता और सामाजिक विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए। महापुरुषों की जयंती मनाने का वास्तविक उद्देश्य केवल उन्हें याद करना नहीं, बल्कि उनके विचारों को जीवन में उतारना भी है। नीरू शांति भगत ने अपने संबोधन में स्वर्गीय कमल किशोर भगत के सामाजिक और राजनीतिक योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विधायक रहते हुए कमल किशोर भगत ने आम जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और समाज के विभिन्न वर्गों के हित में कार्य करने का प्रयास किया। कहा कि बाबा कार्तिक उरांव और स्वर्गीय कमल किशोर भगत जैसे जननेताओं के जीवन में समाज के प्रति समर्पण की भावना प्रमुख रही। उनके विचारों को याद रखना और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए प्रयास करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उनके सपनों का समाज वही होगा, जहां शिक्षा का विस्तार हो, सामाजिक समानता को महत्व मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलें और प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार प्राप्त हो। इसके लिए सरकार, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। हिरही जतरा में बाबा कार्तिक उरांव की जयंती के अवसर पर उनके विचारों और आदर्शों को अपनाने तथा समाज और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संदेश दिया गया।



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