![]()
नाम- खाता की गड़बड़ी में सुधार का सिस्टम बंद, 57% म्यूटेशन आवेदन खारिज रांची सहित राज्यभर में जमीन का म्यूटेशन यानि दाखिल-खारिज कराना बड़ी चुनौती बन गई है। सबसे खराब स्थिति रांची की है, क्योंकि यहां जमीन की खरीद-बिक्री दूसरे जिले के मुकाबले काफी अधिक है। जमीन खरीदने वालों को म्यूटेशन कराने में पसीने छूट रहे हैं। क्योंकि, अंचलों में म्यूटेशन के आवेदन स्वीकृत होने से अधिक रिजेक्ट हो रहे हैं। जिले के 22 अंचलों के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 5,91,079 म्यूटेशन के मामले आए हैं। इनमें 3,37,265 आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए। जबकि, महज 2,37,956 मामलों में म्यूटेशन स्वीकृत किया गया। वहीं, 15,858 मामले अब भी लंबित हैं। मतलब अंचलाधिकारियों ने कुल जमा हुए आवेदनों में करीब 57% को रिजेक्ट कर दिया। इसकी मुख्य वजह ऑनलाइन रजिस्ट्री के डेटा में गड़बड़ी बताई जा रही है। अंचल के अधिकारियों का कहना है कि रजिस्ट्री के बाद एनजीडीआरएस पोर्टल से अंचल कार्यालयों को मिलने वाले डीड और डेटा में विसंगतियां आ रही हैं। पहले उसमें सुधार करने की व्यवस्था राजस्व उप निरीक्षकों के हाथ में थी, लेकिन अब वह सिस्टम बंद हो गया है। ऐसे में नाम, जाति, खाता-प्लॉट में सुधार नहीं हो रहा है। इस वजह से आवेदनों को रिजेक्ट किया जा रहा है। दोबारा आवेदन के बाद भी नहीं सुधर रही गड़बड़ी जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद खरीदार को उम्मीद रहती है कि म्यूटेशन के माध्यम से सरकारी रिकॉर्ड में उसका नाम दर्ज हो जाएगा। लेकिन डेटा में विसंगति आने पर आवेदन रिजेक्ट हो जाता है। इसके बाद आवेदक को फिर से आवेदन करना पड़ता है। परेशानी यह है कि दोबारा आवेदन करने के बाद भी मूल डीड और पोर्टल के डेटा में अंतर दूर नहीं हो रहा है। ऐसे में आवेदकों को बार-बार अंचल कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इसका असर जमीन की खरीद-बिक्री के बाद रिकॉर्ड दुरुस्त कराने वाले लोगों पर पड़ रहा है। कांके में सबसे अधिक आवेदन रिजेक्ट, पेंडिंग केस भी ज्यादा अंचलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो कांके में सबसे अधिक 65,834 आवेदन रिजेक्ट हुए हैं। नामकुम में 61,980, नगड़ी में 34,729 और रातू में 31,876 आवेदनों को रिजेक्ट कर दिया गया हैं। दूसरी ओर, म्यूटेशन के लंबित मामलों में भी कांके 3,744 पहले स्थान पर है। नामकुम में 2,563 मामले लंबित हैं। अंचल जमा आवेदन निष्पादित खारिज लंबित सभी सीओ को समस्या दूर करने को कहा है सभी सीओ को म्यूटेशन के केस में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। जिन अंचलों में 30 दिन या 90 दिन से अधिक समय से केस पेंडिंग हैं, वहां समीक्षा करते हुए उसका निपटारा करने के लिए कहा गया है। पोर्टल में समस्या आ रही है तो उसे दूर कराने के लिए भी कहा गया है। जल्द ही समस्या दूर होगी। – मंजूनाथ भजंत्री, उपायुक्त, रांची
Source link