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10 आरोपियों पर पूरक चार्जशीट दायर जेपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में धांधली और ओएमआर शीट में टेंपरिंग कर नौकरी बेचने के मामले में सीआईडी ने 10 आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की है। इन सभी को अगस्त में गिरफ्तार किया गया था। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मनी ट्रेल के आधार पर तैयार इस चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। इसमें कहा गया है िक परीक्षा प्रणाली में सेंधमारी कर 11 अभ्यर्थियों से 1.10 करोड़ रुपए की वसूली की गई। सीडीपीओ के पद की दर 20 लाख रुपए तय थी। वहीं जेपीएससी 11वीं-13वीं सिविल सेवा के इंटरव्यू में 80 अंक बढ़ाकर डीएसपी बनाया गया था। -शेष पेज 14 पर जानिए…किस आरोपी की क्या थी भूमिका बुद्धेश्वर भगत (एजेंट): मुख्य आरोपी अभय कुमार तिवारी का बेहद करीबी माना जाता है। वह पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से डील करता था। उसके खिलाफ 11 अभ्यर्थियों से 1.10 करोड़ रुपए वसूलने के साक्ष्य मिले हैं। अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेज और वसूली गई रकम सिंडिकेट के शीर्ष स्तर पर पहुंचाने का जिम्मा इसी के पास था। ब्रज कुमार राम (पीए): जेपीएससी की तत्कालीन सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य का पीए ब्रज कुमार सिंडिकेट और अफसरों के बीच मध्यस्थ था। उसने 11वीं-13वीं सिविल सेवा के इंटरव्यू में 80 अंक बढ़वाकर डीएसपी बनवाया। इसकी एवज में उसने आदित्य पांडे से पांच लाख रुपए लिए। सीडीपीओ परीक्षा में 20-20 लाख रुपए में चार अभ्यर्थियों से सेटिंग की, जो सफल रहे। बिंसिस टेक्नोलॉजी को काम दिलाने के लिए ख्यांगते से मिलने आइजोल (मिजोरम) जाने और उनकी पत्नी को 2.50 लाख रुपए देने में भी संलिप्तता पाई गई। अरुण कुमार (निदेशक बिंसिस) : जेपीएससी परीक्षाओं के संचालक का काम अवैध तरीके से हासिल करने की साजिश रचने का आरोप।
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