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दीपावली पर घरों और प्रतिष्ठानों की सजावट के लिए फूलों की मांग चरम पर पहुंचने लगी है। इस मांग को पूरा करने के लिए राजधानी से सटे नगड़ी प्रखंड के साहेर गांव के खेतों से लेकर शहर के थोक बाजारों तक तैयारियां तेज हो गई हैं। नगड़ी के प्रगतिशील किसान लालमोहन महतो जहां रोजाना एक से दो हजार मालाएं बाजार भेजने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं, वहीं कोलकाता से भी ट्रकों में भरकर फूलों की आवक शुरू हो चुकी है। कारोबारियों का अनुमान है कि इस त्योहारी सीजन में राजधानी में फूलों का बाजार 2.5 से 3 करोड़ रुपए के पार जा सकता है। शहर के फूल विक्रेता मनोज मालाकार के अनुसार बाजार में फूलों की कोई किल्लत नहीं है। गुरुवार को शहर में 7 ट्रक फूल पहुंचे, जबकि धनतेरस के दिन लगभग 10 और ट्रक फूल आने की संभावना है। पीला गेंदा प्रति बंडल 600 और लाल गेंदा ₹450 रुपए तक मिल रहा है। पीला गेंदा प्रति माला 50 रुपए और लाल गेंदा का 40 रुपए में मिल रहा है। रोजाना 2000 तक गेंदा की मालाएं तैयार करा रहे लालमोहन नगड़ी के साहेर गांव में किसान लालमोहन महतो करीब दो एकड़ में पीले और लाल गेंदे फूल की खेती कर रहे हैं। वर्ष 2007-08 में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, कांके से कृषि प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने फूलों की खेती शुरू की थी। अब वे गेंदे के साथ चार एकड़ में ग्लैडियोलस की भी व्यावसायिक खेती कर रहे हैं। उनके खेतों में रोजाना 8 से 10 मजदूर काम में जुटे हैं। सामान्य दिनों में रोज लगभग 500 मालाएं तैयार होती हैं, अभी दीपावली पर मांग बढ़ने के कारण हर दिन 1,500 से 2,000 मालाएं बनवा रहे हैं।
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