![]()
आइए, लगाइए भैया, झंडी मुंडी, मुकुट खाली है.. चूड़ियां खाली है.. लगाइए भैया एक का तीन, एक का तीन… । यह आवाज किसी फल मंडी या बाजार के कारोबारी की नहीं, बल्कि जुए की मंडी में दांव लगाने के लिए लोगों को बुलाने वाले की है। राजधानी में झारखंड सरकार के नेपाल हाउस सचिवालय के ठीक पीछे, हॉस्पिटल लाइन के पास सिद्धार्थ नगर में हर शाम जुए का बाजार सज रहा है। शाम 5 बजे शुरू होने वाला यह खेल सुबह 4 बजे तक चलता है। गुरुवार रात 9 बजे से 1 बजे तक दैनिक भास्कर की टीम मौके पर मौजूद रही। इस दौरान सड़क किनारे करीब आधा दर्जन जुए के बोर्ड लगे मिले और 100 से अधिक लोगों की भीड़ दांव लगाती दिखी। भास्कर के हिडन कैमरे में यहां की गतिविधियां कैद हुई हैं। रिपोर्टर से जुआरी बोला- आइए भैया… आप भी दांव लगाइए, 100 रु. के 300 मिलेंगे रिपोर्टर: यहां क्या चल रहा है भैया, इतनी भीड़ क्यों लगी है? जुआरी : जुआ चल रहा है। 100 रुपए लगाइए, तो 300 रुपए मिलेंगे। आप भी लगाइए, किस्मत अच्छी रही तो पैसा तीन गुना हो जाएगा। रिपोर्टर: रोज कितने का दांव लगता है? – रात में खूब भीड़ होती है। दस लाख रु. तक का खेल होता है। रिपोर्टर: जुआ कब से चल रहा है? – दुर्गा पूजा से, छठ तक चलेगा। रिपोर्टर: यहां तो लड़कियां भी दिख रही हैं। वे भी दांव लगाती हैं? – हां, युवक-युवतियां सभी खेलते हैं। ऑनलाइन पेमेंट की भी व्यवस्था है। रिपोर्टर: खेल को कौन चलाता है? – संजय नाम का आदमी है। हर बोर्ड पर उसके तीन-चार आदमी रहते हैं। 5 मिनट की दूरी पर है डोरंडा थाना : यह गैरकानूनी खेल डोरंडा थाने से महज 1.8 किमी की दूरी पर हो रहा है। थाने से पुलिस को यहां तक गाड़ी से पहुंचने में सिर्फ 5 मिनट का समय लगेगा। इतनी कम दूरी पर यह अवैध धंधा आराम से चल रहा है। आसपास के लोग बताते हैं, थाने को भी जानकारी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है। कार्रवाई होगी, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा नेपाल हाउस के पास ऐसा कुछ हो रहा इसकी जानकारी तो नहीं है। जुए का बाजार सज रहा है, ऐसी सूचना नहीं मिली। जुआ खेलना और खेलाना दोनों कानूनन अपराध है। अब जानकारी हो गई है तो इस पर एक्शन लेते हुए फौरन कार्रवाई कराई की जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
– पारस राणा, सिटी एसपी
Source link