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दिल्ली हाट में गुमला के रागी लड्डुओं की धूम, सैकड़ों महिलाएं भी...


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दिल्ली हाट में गुमला के लड्डुओं की धूम, सैकड़ों महिलाएं भी हुईं आत्मनिर्भर

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इसमें सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं को रोजगार भी मिला है. इसे बढ़ावा देने के लिए किसानों के बीच निःशुल्क रागी के बीज का वितरण किया जाता रहा है, ताकि रागी का अधिक से अधिक उत्पादन किया जा सके.

रागी के दिन लौट आए हैं. गुमला में 2022 में निवर्तमान डीसी सुशांत गौरव की पहल से रागी मिशन का शुभारंभ किया गया था. धीरे-धीरे हजारों किसान इस योजना से जुड़ कर रागी के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. इसे बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले में रागी प्रोसेसिंग यूनिट का अधिष्ठापन किया गया है.

इसमें सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं को रोजगार भी मिला है. इसे बढ़ावा देने के लिए किसानों के बीच निःशुल्क रागी के बीज का वितरण किया जाता रहा है, ताकि रागी का अधिक से अधिक उत्पादन किया जा सके. वहीं गुमला के रागी प्रोसेसिंग यूनिट में रागी से आटा, लड्डू, भुजिया, ठेकुआ, बिस्कुट, नमकीन आदि का निर्माण किया जा रहा है.

वहीं, 31 जुलाई तक देश की राजधानी नई दिल्ली में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास वित्त निगम के द्वारा हाट लगाई गई है. दिल्ली हाट में गुमला जिला में निर्मित रागी उत्पादों की बिक्री के लिए भी स्टॉल लगाया गया है. दिल्ली हाट में पूरे देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए विभिन्न उत्पादों के स्टॉल हैं, जिसमें गुमला के रागी से निर्मित उत्पादों की धूम है.

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वर्तमान उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की पहल पर गुमला के रागी उत्पादों को पैन इंडिया स्तर पर प्रचारित करने और देश में रागी की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए दिल्ली हाट में रागी उत्पादों का स्टॉल लगाया गया है. एमवीएम बाघिमा पालकोट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड गुमला की अध्यक्ष भगवती देवी ने Local 18 को बताया कि हम सभी लगभग डेढ़ साल से एमवीएम कंपनी में जुड़कर रागी मिशन में काम कर रहे हैं. रागी प्रोसेसिंग यूनिट जिला के जशपुर रोड रामनगर/ करौंदी बाजार समिति परिसर में है, जहां हम महिलाएं रागी से विभिन्न प्रकार का उत्पाद बनाते हैं. इससे लगभग 120 महिलाएं जुड़ी हैं.

आगे बताया कि हम लोग रागी से विभिन्न प्रकार के उत्पाद बना रहे हैं, जिसमें मुख्य रूप से लड्डू, निमकी, ठेकुआ, कुकीज, मिक्सचर, चिप्स आदि शामिल है. हमारे डीसी कर्ण सत्यार्थी की पहल से रागी से निर्मित उत्पादों का दिल्ली हाट में स्टॉल लगाया गया है. वहां भी हमारे द्वारा रागी से निर्मित प्रोडक्ट को काफी लोग पसंद कर रहे हैं. रागी से निर्मित उत्पादों का रोजाना लगभग 5 से 6 हजार की बिक्री हो रही है. विशेष रूप से रागी के लड्डू को लोग खूब पसंद कर रहे हैं.

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