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Ped Chalta Hai Film: पलामू में शूट हुई फिल्म ‘पेड़ चलता है’ का चयन कान्स फिल्म फेस्टिवल के वर्ल्ड प्रीमियर के लिए किया गया है. जल जंगल जमीन और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित इसमें थ्रिलर कहानी है. इस फिल्म के माध्यम से दुनिया झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता देखेगी.
पलामू: झारखंड के पलामू जिले के लिए गर्व का क्षण है कि यहां बनी फिल्म ‘पेड़ चलता है’ का चयन दुनिया के प्रतिष्ठित कान्स फिल्म फेस्टिवल के वर्ल्ड प्रीमियर कैटेगरी में हुआ है. यह फिल्म अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर पलामू की प्राकृतिक सुंदरता और यहां की कहानियों को दुनिया के सामने पेश करेगी. इस फिल्म की शूटिंग पलामू और आस पास के क्षेत्रों में हुई है. आइये जानते हैं इस फिल्म के बारे में.
कोलकाता के चर्चित निर्देशक देवादित्य बंदोपाध्याय के निर्देशन में बनी इस फिल्म की पूरी शूटिंग पलामू के विभिन्न लोकेशनों पर हुई है. इसमें पलामू टाइगर रिजर्व के घने जंगल, पलामू किला, शाहपुर किला और मेदिनीनगर के कई स्थानों को बेहद खूबसूरती से फिल्माया गया है. इसके साथ इस फिल्म में पलामू के कई कलाकार दिखेंगे. जो कि जल्द ही पर्दे पर भी आयेगा.
जल, जंगल, जमीन से जुड़ी है कहानी
बता दें कि इस फिल्म की कहानी जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर आधारित है, जिसे थ्रिलर और सस्पेंस के अंदाज में प्रस्तुत किया गया है. फिल्म को आउटलाइन एक्सप्रेशन के बैनर तले मासूम आर्ट ग्रुप के सहयोग से तैयार किया गया है. इसके क्रिएटिव प्रोड्यूसर अमित बहल हैं. जबकि मूल कहानी बंगला में लेखक पुलक दास ने लिखी है. इसका हिंदी रूपांतरण और संवाद पलामू के रंगकर्मी सैकत चटर्जी ने किया है. जो कि लगभग 100 मिनट की फिल्म है.
वहीं, फिल्म में मुंबई और कोलकाता के कई चर्चित कलाकारों के साथ-साथ पलामू के स्थानीय कलाकारों ने भी दमदार अभिनय किया है. वीरेंद्र सक्सेना, प्रमोद पाठक, कुमार सौरभ, सतेंद्र सोनी, मैनाक बनर्जी और सुब्रत बनर्जी जैसे कलाकार इसमें नजर आएंगे. वहीं, पलामू के करीब 50 कलाकारों ने इस फिल्म में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है, जिसे फिल्म समीक्षकों ने भी सराहा है. फिल्म के डीओपी विक्रम आनंद सावरेवाल और संगीत निर्देशक आनंद भास्कर हैं. जबकि फाइट डायरेक्टर के रूप में पलामू के सुमित वर्मन ने काम किया है. फिल्म की शूटिंग लगभग 20 दिनों तक बेतला और गारू क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में की गई.
100 मिनट की है यह फिल्म
इस फिल्म से जुड़े सैकत चटर्जी ने इसे पलामू और पूरे झारखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि यह सपना जैसा है. क्योंकि कान्स जैसे मंच पर फिल्म का प्रीमियर होना किसी भी कलाकार के लिए बड़ी उपलब्धि होती है. उन्होंने बताया कि यह फिल्म पहले एक छोटे प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे यह 100 मिनट की फीचर फिल्म बन गई. फिल्म की कहानी में पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया है. इसमें एक सस्पेंस से भरी कहानी के जरिए दिखाया गया है कि किस तरह इंसान और प्रकृति का संबंध महत्वपूर्ण है.
साथ ही आगे कहा कि यह फिल्म करीब 10 मिनट में बनाने की तैयारी थी, लेकिन इसे बढ़ाकर 100 मिनट की बनाई गई. फिल्म के प्रदर्शन की तिथि और समय जल्द घोषित किए जाएंगे. कान्स में प्रीमियर के बाद इसे अन्य अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भी भेजे जाने की योजना है.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें