Thalapathy Rahul Gandhi Friendship: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जब किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला. जनादेश में किसी को भी बहुमत नहीं मिला, तो सबको लगा कि राज्य में गहरा राजनीतिक संकट खड़ा हो जाएगा. लेकिन ‘थलापति’ विजय की पार्टी तमिझगा वेत्री कड़गम (टीवीके) को बिना किसी झिझक के कांग्रेस का समर्थन मिल गया. बाहर से देखने वालों के लिए यह एक रातों-रात हुआ गठबंधन लग सकता है, लेकिन कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों और राजनीतिक जानकारों के लिए यह बिल्कुल भी चौंकाने वाला नहीं था. इसके पीछे कोई राजनीतिक मजबूरी नहीं, बल्कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और भावी मुख्यमंत्री विजय के बीच की वह 17 साल पुरानी केमिस्ट्री है, जिसने इस गठबंधन के लिए ‘फेविकोल’ का काम किया.
2009 का फ्लैशबैक: जब पहली बार मिले थे राहुल और विजय: दोनों के बीच राजनीतिक और वैचारिक तालमेल की कहानी आज की नहीं है. यह कहानी साल 2009 में शुरू हुई थी, जब राहुल गांधी राजनीति में अपेक्षाकृत नए थे और विजय तमिल सिनेमा में ‘इलाय தளபதி’ (युवा सेनापति) के रूप में सुपरस्टारडम की दहलीज पर खड़े थे.
अगस्त 2009 में कांग्रेस ने लोकसभा चुनावों में शानदार वापसी की थी. इसी दौरान दिल्ली में राहुल गांधी और विजय की पहली गुप्त मुलाकात हुई. कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, इस बैठक को तत्कालीन NSUI राष्ट्रीय सचिव गोपीनाथ पलानीअप्पन ने तय कराया था, जो व्यक्तिगत रूप से विजय को जानते थे. दिलचस्प बात यह है कि इसी चुनाव में गोपीनाथ इरोड (पूर्व) सीट से टीवीके उम्मीदवार से हार गए. इस मुलाकात में विजय के पिता और मशहूर फिल्म निर्देशक एस.ए. चंद्रशेखर भी साथ थे, जिनका झुकाव हमेशा से कांग्रेस की विचारधारा की ओर रहा है.
मुझे लगा किसी ने प्रैंक किया है
उस मुलाकात को लेकर बाद में विजय ने खुद खुलासा किया था कि यह बैठक राहुल गांधी की पहल पर हुई थी. विजय ने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘जब मुझे राहुल गांधी का बुलावा आया, तो पहले मुझे लगा कि कोई मेरे साथ मजाक (Prank) कर रहा है. मैं इतना बड़ा आदमी नहीं हूं कि राहुल मुझसे मिलें. लेकिन यह एक बड़ा मौका था. मैंने अपनी शूटिंग रद्द कर दी, अपने पिता के साथ दिल्ली गया और उनके आवास पर उनसे मुलाकात की.’ विजय राहुल की गर्मजोशी से खासे प्रभावित हुए थे. उन्होंने कहा था, ‘वह देश में बदलाव लाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं और उनका फोकस युवाओं पर है. ऐसे व्यक्ति का मुझसे मिलना मेरे, मेरे प्रशंसकों और तमिलनाडु के लोगों के लिए गर्व की बात है.’
जब राहुल ने दिया था ‘यूथ कांग्रेस चीफ’ का ऑफर
सूत्रों का दावा है कि उस दिन दोनों नेताओं के बीच राजनीति, सिनेमा और विजय के तत्कालीन संगठन ‘विजय मक्कल इयक्कम’ (VMI) को लेकर एक घंटे से ज्यादा लंबी बातचीत हुई. उस समय राहुल गांधी यूथ कांग्रेस के प्रभारी थे और संगठन में चुनाव कराकर उसे लोकतांत्रिक बनाने का प्रयास कर रहे थे. उसी दौरान राहुल ने विजय को तमिलनाडु यूथ कांग्रेस के प्रमुख का पद भी ऑफर किया था. सितंबर 2009 में कोयंबटूर में एक जनसभा में विजय और राहुल को एक साथ मंच भी साझा करना था, लेकिन आखिरी वक्त में विजय पीछे हट गए क्योंकि वह उस समय राजनीति में पूरी तरह से उतरने के लिए तैयार नहीं थे.
संपर्क कभी नहीं टूटा: 2024 से 2026 तक की कॉल्स
भले ही विजय ने तब कांग्रेस जॉइन नहीं की, लेकिन दोनों के बीच का यह व्यक्तिगत संपर्क कभी नहीं टूटा. पिछले 17 सालों में वे लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहे. जब 2024 में विजय ने औपचारिक रूप से अपनी राजनीतिक पार्टी ‘TVK’ लॉन्च की, तो राहुल गांधी ने तुरंत फोन कर उन्हें बधाई दी. बदले में, विजय ने पिछले साल राहुल गांधी को उनके जन्मदिन पर फोन कर शुभकामनाएं दीं. हाल ही में करूर भगदड़ की घटना के बाद भी दोनों के बीच बातचीत हुई थी, और अब तमिलनाडु चुनाव में टीवीके के शानदार प्रदर्शन के बाद राहुल ने सबसे पहले विजय को फोन घुमाया.
राहुल गांधी और ‘थलापति’ विजय की पहली मुलाकात कब और कहाँ हुई थी?
राहुल गांधी और विजय की पहली मुलाकात अगस्त 2009 में दिल्ली स्थित राहुल गांधी के आवास पर हुई थी.
2009 की इस अहम मुलाकात को किसने तय करवाया था?
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात को तत्कालीन NSUI राष्ट्रीय सचिव गोपीनाथ पलानीअप्पन ने तय कराया था, जो विजय को व्यक्तिगत तौर पर जानते थे.
पहली मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने विजय को क्या ऑफर दिया था?
बताया जाता है कि उस बैठक के दौरान राहुल गांधी ने विजय को ‘तमिलनाडु यूथ कांग्रेस के प्रमुख’ (TN Youth Congress Chief) का पद ऑफर किया था.
विजय ने राहुल गांधी से मुलाकात के अनुभव के बारे में क्या कहा था?
विजय ने कहा था कि उन्हें पहले लगा कि यह कोई प्रैंक है. उन्होंने अपनी शूटिंग रद्द कर दी और दिल्ली गए. वे राहुल की गर्मजोशी से बहुत प्रभावित हुए थे और इसे अपने तथा तमिलनाडु के लिए गर्व की बात बताया था.
दोनों नेताओं के बीच यह 17 साल पुरानी दोस्ती तमिलनाडु की वर्तमान राजनीति में कैसे काम आई?
इसी पुरानी दोस्ती और आपसी विश्वास के कारण 2026 के विधानसभा चुनाव में खंडित जनादेश आने के बाद कांग्रेस और टीवीके (TVK) के बीच गठबंधन पर तेजी से सहमति बन गई, जिससे विजय के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया.