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शिक्षक महोदय को इतनी हिम्मत कहां से आई कि उन्होंने खुले रूप में छात्रा के अभिभावक को ही धमकी दे डाली कि उनका कोई कुछ नहीं कर सकता. खैर यह जांच का विषय है कि मास्टर साहब के इस हिम्मत के तह में किसका सपोर्ट है. मामला अब लिखित रूप से जिला शिक्षा अधीक्षक के पास पहुंच गया है. बड़ा सवाल यह है कि वह स्कूल में मिड डे मील का खाना पकाने के लिए….
सिमडेगा: समय बदलने के साथ लोगों की सोच और व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव हुआ है. शास्त्रों में गुरु का स्थान भगवान से बढ़कर बताया गया है लेकिन, अब आधुनिक होते दौर में शिक्षा पहले की तरह नहीं रह गई. अब गुरू और शिष्य जैसी व्यवस्था नहीं है. अब अधिकतर चीजें पैसा, क्वालिटी और फेसिलिटी (सुविधा) के हिसाब से काम करती हैं. ऐसा समय है कि स्कूलों पर मनमानी फीस वसूलने के आरोप लग रहे हैं और स्कूल पढ़ाई से ज्यादा स्कूल ड्रेस और कॉपी-किबात बेचने में लगे हैं. इस बीच झारखंड के सिमडेगा के कुरडेग प्रखंड के राजकीय कृत मध्य विद्यालय दरीडीह से एक गजब मामला सामने आया है. यहां एक शिक्षक पर स्कूल के बच्चों और अभिभावक ने गंभीर आरोप लगाए हैं. यहां एक मास्टर साहब पर बच्चों से खाना पकाने के लिए लकड़ी मंगाने का आरोप है. लकड़ी नहीं देने पर वह बच्चों को स्कूल से निकालने की धमकी देते हैं.
मामला सिमडेगा जिले के कुरडेग प्रखंड के राज्यकीय कृत मध्य विद्यालय दरीडीह से सामने आया है. यहां पढ़ने वाली मासूम छात्र और उसके अभिभावक ने स्कूल के शिक्षक जनार्दन प्रसाद गुप्ता पर आरोप लगाए हैं कि टीचर बच्चों को हर दिन लकड़ी लेकर स्कूल आने का निर्देश देते हैं. बच्चे लकड़ी लेकर स्कूल नहीं आते हैं तो मास्टर साहब बच्चों को स्कूल से निकालने की धमकी देते हैं. इतना हीं नहीं छात्र के अभिभावक ने बताया कि मामले को लेकर जब वे जिला शिक्षा अधीक्षक के यहां आ रहे थे तो उक्त शिक्षक ने उन्हें फोन पर धमकी भी दी कि जहां जाना है जाओ, कोई मेरा कुछ नहीं कर सकता है.
अब शिक्षक महोदय को इतनी हिम्मत कहां से आई कि उन्होंने खुले रूप में छात्रा के अभिभावक को ही धमकी दे डाली कि उनका कोई कुछ नहीं कर सकता. खैर यह जांच का विषय है कि मास्टर साहब के इस हिम्मत के तह में किसका सपोर्ट है. मामला अब लिखित रूप से जिला शिक्षा अधीक्षक के पास पहुंच गया है. बड़ा सवाल यह है कि वह स्कूल में मिड डे मील का खाना पकाने के लिए बच्चों से लकड़ी मंगाते थे. इससे सवाल उठता है कि क्या स्कूल में गैस या आग का कोई सरकारी इंतजाम नहीं है क्या. अगर नहीं है तो क्या बच्चों की लाई लकड़ी के भरोसे मिड डे मील पकेगा.
जिला शिक्षा अधीक्षक ने कहा कि उनके पास मामला आया है. जिन शिक्षक द्वारा मध्यान भोजन पकाने के लिए लकड़ी की मांग की शिकायत मिली है उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच करने के बाद दोषी पाए जाने पर उक्त शिक्षक के ऊपर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी. शिक्षा विभाग के आला अधिकारी जिला शिक्षा अधीक्षक ने तो कार्रवाई की बात कही है लेकिन, क्या, कब और कैसी करवाई होगी यह तो आने वाला वक्त बताएगा. किसी शिक्षक का ऐसा रवैया बच्चों की मानसिक प्रताड़ना के साथ ही उनकी शिक्षा के लिए बड़ा खतरा है.
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