भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

₹20 लाख की मेंबरशिप, सालों की वेटिंग… रसूखदारों के जिमखाना क्लब का...


होमताजा खबरदेश

20 लाख की मेंबरशिप वाले जिमखाना क्लब का साम्राज्‍य खत्‍म, सरकार ने तय की तारीख

Last Updated:

Delhi Gymkhana Club News: लुटियंस दिल्ली में पीएम आवास के बगल में स्थित ऐतिहासिक दिल्ली जिमखाना क्लब की 27.3 एकड़ जमीन को केंद्र सरकार ने वापस लेने का आदेश दिया हैण्‍ भूमि और विकास कार्यालय (L&DO) ने क्लब की लीज रद्द करते हुए उसे 5 जून तक परिसर खाली करने का अल्टीमेटम दिया है. सरकार के मुताबिक इस रणनीतिक भूखंड की जरूरत देश के रक्षा बुनियादी ढांचे (डिफेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत और सुरक्षित करने के लिए है.

ख़बरें फटाफट

20 लाख की मेंबरशिप वाले जिमखाना क्लब का साम्राज्‍य खत्‍म, सरकार ने तय की तारीखZoom

दिल्‍ली के जिमखाना क्‍लब की अंतिम गिनती शुरू.

नई दिल्ली. लुटियंस दिल्ली के दिल में बसा और देश की सबसे ताकतवर शख्सियतों का पसंदीदा ठिकाना दिल्ली जिमखाना क्लब अब इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है. एक ऐसी जगह, जहां रसूखदारों की पीढ़ियां बीत जाती थीं, लेकिन एंट्री नहीं मिलती थी. उद्योगपतियों और बड़ी कंपनियों के लिए ₹20 लाख की भारी-भरकम कॉर्पोरेट मेंबरशिप देने के बाद भी लोग सालों-साल सिर्फ एक अदद सदस्यता के लिए वेटिंग लिस्ट में तरसते रहते थे लेकिन रसूख, पैसे और रूतबे का यह अभेद्य साम्राज्य अब ताश के पत्तों की तरह ढहने वाला है. केंद्र सरकार ने एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए इस आलीशान क्लब की सत्ता को पूरी तरह उखाड़ फेंकने का निर्णय लिया है और परिसर खाली करने की तारीख तय कर दी है. प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित इस 27.3 एकड़ के वीवीआईपी ठिकाने को अब देश की सुरक्षा और सैन्य बुनियादी ढांचे के लिए पूरी तरह समर्पित कर दिया जाएगा, जिससे दिल्ली के सत्ता गलियारों में बड़ा भूचाल आ गया है.

केंद्रीय मंत्रालय ने आधिकारिक नोटिस जारी कर 27.3 एकड़ के इस पूरे विशाल परिसर को खाली करने का निर्देश दिया है. सरकार ने इस कार्रवाई के पीछे देश की संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े बेहद संवेदनशील कारणों का हवाला दिया है. आदेश में साफ कहा गया है कि यह पूरा भूखंड एक बेहद संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्र में आता है, जिसकी आवश्यकता देश के रक्षा बुनियादी ढांचे (डिफेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत और सुरक्षित करने के लिए है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि 5 जून को सरकारी अधिकारी इस जमीन का शांतिपूर्ण कब्जा वापस लेंगे और यदि इसमें कोई बाधा आई, तो कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी.

सदस्यता श्रेणी प्रारंभिक/रजिस्ट्रेशन फीस (अनुमानित) वेटिंग पीरियड / मुख्य बातें
कॉर्पोरेट मेंबरशिप (Corporate)*(सबसे महंगी और प्रीमियम श्रेणी)* ₹15 लाख से ₹20 लाख+ बड़ी कंपनियों और बहुराष्ट्रीय फर्मों के शीर्ष अधिकारियों के लिए। इसमें भी लंबी कतार होती है।
गैर-सरकारी / निजी श्रेणी (Non-Government) ₹5 लाख से ₹10 लाख उद्योगपतियों, डॉक्टरों, वकीलों और अन्य रसूखदार नागरिकों के लिए। इसमें 15 से 25 साल तक की सबसे लंबी वेटिंग लिस्ट होती है।
सरकारी श्रेणी (Government) ₹1.5 लाख से ₹2 लाख केवल सिविल सर्वेंट्स (IAS, IPS, IRS) और रक्षा बलों (Armed Forces) के अधिकारियों के लिए। इसमें वेटिंग पीरियड तुलनात्मक रूप से कम होता है।
मासिक मेंटेनेंस शुल्क (Monthly Charges) बेहद मामूली शुल्क सभी श्रेणियों के सदस्यों के लिए क्लब की सुविधाओं के उपयोग और रखरखाव के एवज में हर महीने लिया जाता है।

मामले से जुड़ी 5 मुख्य बातें
• 27.3 एकड़ की बेशकीमती जमीन: लुटियंस दिल्ली के दिल और पीएम आवास (लोक कल्याण मार्ग) के ठीक सामने स्थित इस क्लब की 27.3 एकड़ जमीन अब पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में आ जाएगी.
• रक्षा बुनियादी ढांचे का हवाला: केंद्र सरकार ने आदेश में स्पष्ट लिखा है कि इस जमीन का उपयोग देश की सुरक्षा और रक्षा ढांचे को मजबूत करने जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए किया जाएगा.
• लीज डीड तत्काल प्रभाव से रद्द: L&DO ने क्लब के साथ हुई लीज डीड (पट्टा विलेख) की धारा 4 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इस पट्टे को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है.
• इमारतों और बुनियादी ढांचे पर कब्जा: 5 जून को होने वाली इस ‘री-एंट्री’ प्रक्रिया के तहत जमीन के साथ-साथ वहां निर्मित सभी ऐतिहासिक इमारतें, खेल परिसर और अन्य ढांचे भारत के राष्ट्रपति (L&DO) के अधीन हो जाएंगे.
• जबरन कार्रवाई की चेतावनी: सरकार ने क्लब प्रबंधन से बिना किसी विवाद के शांतिपूर्ण तरीके से कब्जा सौंपने को कहा है, ऐसा न होने पर कानून सम्मत बल प्रयोग की चेतावनी भी दी गई है.

क्‍यों लेना पड़ा इतना सख्‍त फैसला?
दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली कराने का यह फैसला महज एक लीज विवाद या प्रशासनिक फेरबदल नहीं है बल्कि इसके गहरे रणनीतिक और सुरक्षा निहितार्थ हैं. पिछले कुछ वर्षों में वीवीआईपी इलाकों, विशेषकर प्रधानमंत्री आवास और उसके आसपास के सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. चूंकि यह क्लब पीएम आवास के बिल्कुल करीब स्थित है और यहां रोजाना सैकड़ों नागरिकों, मेहमानों और विदेशी नागरिकों की आवाजाही होती है इसलिए सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से इस क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रित करने की योजना पर काम कर रही थीं. इस जमीन का उपयोग आने वाले समय में रक्षा मंत्रालयों के संवेदनशील कार्यालयों या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अति-विशिष्ट विंग के विस्तार के लिए किया जा सकता है. यह कदम यह भी दर्शाता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक हितों के सामने सरकार किसी भी रसूखदार लॉबी के दबाव में आने वाली नहीं है.

About the Author

Sandeep GuptaChief Sub Editor

डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top