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तेज धूप और उमस भरी गर्मी बन सकती है पशुओं की दुश्मन,...


भीषण गर्मी पड़ रही है और तापमान दिन में 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है. इस मौसम में जहां इंसान परेशान हैं, वहीं जानवर भी भीषण गर्मी से काफी प्रभावित हो रहे हैं. यदि आप पशुपालक हैं, तो इस भीषण गर्मी में सावधान हो जाएं, कहीं ऐसा न हो कि आपके पशु हीट वेव का शिकार हो जाएं और उनकी परेशानी बढ़ जाए. आइए जानते हैं कि ऐसे में पशुओं को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है.

इस भीषण गर्मी में पशुओं को बाहर न छोड़ें

लोकल 18 से बातचीत के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीपी चौरसिया ने बताया कि वर्तमान में वातावरण का तापमान बहुत अधिक है और उमस भरी गर्मी पड़ रही है. इस मौसम में मानव के साथ-साथ पशुधन के उत्पादन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. ऐसी स्थिति में पशुपालक अपने पशुओं को दिन में बाहर न छोड़ें. यदि उन्हें बाहर का चारा खिलाते हैं, तो सुबह और शाम के समय ही बाहर ले जाएं.

यदि आपने पशुशाला बनाई है और उसमें पशुओं को बांधते हैं, तो पशुशाला को हवादार बनाएं. उसे पूरी तरह बंद न रखें. पशुशाला ऐसी होनी चाहिए जिसमें हवा का आवागमन लगातार बना रहे.

प्रत्येक पशु को 40 से 50 लीटर पानी पिलाएं

यदि आपकी पशुशाला टीन शेड की बनी हुई है, तो टीन शेड के ऊपर घास-फूस या अन्य कोई सामग्री डाल दें, ताकि सीधे धूप पड़ने से टीन अधिक गर्म न हो. क्योंकि टीन शेड गर्म रहेगा तो नीचे का तापमान भी बढ़ जाएगा. साथ ही उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था रखें, जिससे गर्म हवा बाहर निकल सके.

इसके अलावा पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखें, ताकि पशु जब चाहें पानी पी सकें. वर्तमान समय में एक पशु को कम से कम 40 से 50 लीटर पानी अवश्य पिलाएं. इससे पशुओं का शरीर का तापमान नियंत्रित रहेगा. कोशिश करें कि पशुओं को दिन में 3 से 4 बार नहलाएं. सुबह और शाम को तो अवश्य नहलाएं और यदि संभव हो तो दोपहर में भी उन्हें पानी से ठंडक दें.

हीट वेव के कारण पशुओं में बढ़ सकती हैं कई समस्याएं

वर्तमान में पशुपालन विभाग द्वारा गलाघोंटू बीमारी का टीकाकरण कराया जा रहा है. यदि आपके पशु का टीकाकरण नहीं हुआ है, तो उसे अवश्य लगवाएं.

यदि इस भीषण लू में आपका पशु हीट वेव का शिकार हो जाता है, तो उसके शरीर का तापमान बढ़ सकता है. तापमान 107 से 108 डिग्री तक पहुंचने पर पशु हांफने लगता है और उसके शरीर में पानी की कमी होने लगती है. इससे पशु को भूख कम लगती है. यदि पशु दुधारू है, तो उसका दूध उत्पादन भी कम हो सकता है.

ऐसे में यदि आप पशुपालक हैं, तो इस भीषण गर्मी में अपने पशुओं का विशेष ध्यान रखें, नहीं तो पशुओं के साथ-साथ आपकी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं.



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