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अब रेस कोर्स की जमीन भी होगी खाली, 150 एकड़ में फैला...


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अब रेस कोर्स की जमीन होगी खाली, 150 एकड़ में फैला है क्लब, HC ने दी हरी झंडी

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दिल्ली हाईकोर्ट डिवीजन बेंच ने दिल्ली रेस क्लब को मिली अंतरिम राहत हटाई, केंद्र के कारण बताओ नोटिस पर रोक खत्म, अब सरकार कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगी.

अब रेस कोर्स की जमीन होगी खाली, 150 एकड़ में फैला है क्लब, HC ने दी हरी झंडीZoom

दिल्ली हाईकोर्ट ने रेस कोर्स क्लब की जमीन खाली कराने का रास्ता साफ कर दिया है.

Delhi Race Course Club Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली रेस क्लब मामले में केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है. कोर्ट उस अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया है, जिसके तहत सार्वजनिक परिसर कानून के तहत जारी कारण बताओ नोटिस पर रोक लगाई गई थी. अदालत ने केंद्र सरकार की अपील स्वीकार करते हुए अपने ही सिंगल बेंच के फैसले को पलट दिया. मामला दिल्ली रेस क्लब को केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए नोटिस से जुड़ा है. केंद्र ने क्लब को सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया था. इस नोटिस में क्लब से पूछा गया था कि उसे संबंधित जमीन और परिसर से बेदखल क्यों न किया जाए. यह क्लब करीब 150 एकड़ जमीन में फैला हुआ है.

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने क्लब को अंतरिम राहत देते हुए नोटिस पर रोक लगा दी थी और केंद्र सरकार को तत्काल कार्रवाई से रोका था. अदालत ने उस समय कहा था कि बिना उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाए किसी संस्थान को जबरन बेदखल नहीं किया जा सकता. हालांकि अब डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार की दलीलों को स्वीकार करते हुए कहा कि कारण बताओ नोटिस पर शुरुआती स्तर पर रोक लगाना उचित नहीं था. अदालत ने माना कि संबंधित प्राधिकरण को कानून के तहत अपनी प्रक्रिया पूरी करने का अधिकार है और नोटिस जारी करना केवल प्रारंभिक कार्रवाई है.

जमीन की लीज काफी पहले समाप्त हो चुकी है

सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार ने अदालत में कहा कि दिल्ली रेस क्लब जिस जमीन पर संचालित हो रहा है, उसकी लीज काफी पहले समाप्त हो चुकी है और क्लब का कब्जा अब वैधानिक जांच के दायरे में है. सरकार ने यह भी तर्क दिया कि सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े मामलों में प्रशासनिक प्रक्रिया को बीच में रोकना उचित नहीं होगा. इस मामले में पहले भी हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि यदि वह क्लब को हटाना चाहती है तो ड्यू प्रोसेस ऑफ लॉ यानी विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करना होगा. अदालत ने मार्च में केंद्र को जबरन कब्जा लेने से रोका था.

दिल्ली रेस क्लब का कहना है कि वह लंबे समय से वैध रूप से परिसर का उपयोग कर रहा है और नियमित रूप से ग्राउंड रेंट का भुगतान करता रहा है. क्लब ने यह भी दलील दी थी कि उसका मामला होल्डिंग ओवर टेनेंसी के तहत आता है, इसलिए अचानक बेदखली की कार्रवाई गैरकानूनी होगी.

अब डिवीजन बेंच के ताजा फैसले के बाद केंद्र सरकार को आगे की कार्रवाई करने का रास्ता साफ हो गया है. हालांकि इसका मतलब तत्काल बेदखली नहीं है, बल्कि अब संबंधित प्राधिकरण कानून के तहत सुनवाई और अन्य प्रक्रियाएं आगे बढ़ा सकेगा. दिल्ली रेस क्लब का यह मामला राजधानी के कई पुराने और प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़ी जमीनों और लीज विवादों के बीच अहम माना जा रहा है. हाल के महीनों में केंद्र सरकार ने कई प्रमुख क्लबों और संस्थानों की जमीनों की समीक्षा शुरू की है.

About the Author

संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें



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