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Khadi Sector : देश के खादी एवं ग्रामोद्योग सेक्टर में तेज ग्रोथ दिख रही है. सेक्टर से जुड़े आयोग ने कहा है कि जल्द ही वह नया पोर्टल लॉन्च करने वाला है, क्योंकि देश में इस सेक्टर की बिक्री करीब 2 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई है. आयोग ने इससे जॉब पैदा होने की संभावना भी जताई है.
भारत में खादी के सामानों की बिक्री 2 लाख करोड़ तक पहुंच गई है.
नई दिल्ली. खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के चेयरमैन मनोज कुमार ने मंगलवार को कहा कि जल्द ही ‘खादी इंडिया’ उत्पादों के लिए अपने ई-कॉमर्स पोर्टल का नया संस्करण पेश करेंगे. शॉपिफाई की ओर से संचालित यह हाइटेक ई-कॉमर्स पोर्टल ग्लोबल स्टैंडर्ड के अनुरूप होगा और उपयोगकर्ता को बेहतर अनुभव कराएगा. इसमें उत्पादों को आसानी से खोजने के लिए स्पष्ट रूप से परिभाषित श्रेणियां और यूजर्स के लिए ‘शॉप द लुक’ जैसे ‘इंटरैक्टिव’ फीचर्स होंगे.
मनोज कुमार ने बताया कि मोबाइल-फर्स्ट दृष्टिकोण के साथ डिजाइन किए गए इस पोर्टल में हाई रिजॉल्यूशन वाले तस्वीरों के जरिये बेहतर तरीके से उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा और भुगतान की बेहतर सुविधाएं होंगी. इसके अलावा यह मंच ब्रांड की कहानी को भी सशक्त बनाएगा. केवीआईसी अब नए भारत में डिजिटल बदलाव की ओर बढ़ रहा है. आने वाले दिनों में हम खादी का ई-कॉमर्स पोर्टल पेश करने जा रहे हैं, जो आधुनिक होगा और ‘जेनरेशन जेड’ के लिए उपयुक्त होगा.
पिछले साल हुई थी रिकॉर्ड बिक्री
आयोग ने बताया कि खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री वित्तवर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 1,87,105 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी. आयोग के अनुसार, वित्तवर्ष 2024-25 में यह बिक्री 1,70,551.37 करोड़ रुपये थी, जबकि 2013-14 में यह 31,154 करोड़ रुपये थी. वित्त वर्ष 2026-27 में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 2.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है. आंकड़ों के अनुसार, खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन 2013-14 में 26,109 करोड़ रुपये था, जो वित्तवर्ष 2025-26 में करीब पांच गुना होकर 1,25,296 करोड़ रुपये हो गया.
खादी सेक्टर ने जमकर रोजगार भी बांटे
उन्होंने कहा कि रोजगार के मोर्चे पर खादी और ग्रामोद्योग गतिविधियों में कुल रोजगार 2013-14 में 1.30 करोड़ था, जो 2025-26 में बढ़कर 2.04 करोड़ हो गया. खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 2025-26 में 66,494 नई इकाइयां स्थापित की गईं. इन इकाइयों के लिए 7,375 करोड़ रुपये के कर्ज पर 2,457 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी भी दी गई है. इन इकाइयों के जरिये अब तक 7,31,434 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें