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बिना खेत और भारी मशीन के शुरू करें यह बिजनेस, कम समय में मिलेगा बड़ा मुनाफा

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मशरूम की खेती कम लागत में ज्यादा कमाई देने वाला व्यवसाय बनता जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार, एक मशरूम बैग तैयार करने में करीब 30 रुपये का खर्च आता है, जबकि सही देखभाल करने पर इससे कई गुना ज्यादा मुनाफा हो सकता है. अगर कोई किसान 100 बैग से शुरुआत करता है, तो वह हर महीने 50 से 60 हजार रुपये तक की कमाई कर सकता है. यही वजह है कि कई लोग अब छोटे स्तर से शुरू कर इसे बड़े व्यवसाय में बदल रहे हैं.

देवघर: आज के समय में गांव के युवा सिर्फ नौकरी के भरोसे नहीं बैठे हैं, बल्कि खेती और छोटे व्यवसायों के जरिए अच्छी कमाई के रास्ते तलाश रहे हैं. इन्हीं में मशरूम की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है. कम जगह, कम लागत और कम समय में तैयार होने वाली इस खेती को अब लोग ‘सफेद सोना’ भी कहने लगे हैं. झारखंड में यह खेती किसानों और युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा साधन बनती जा रही है. खास बात यह है कि इसे शुरू करने के लिए बड़े खेत या भारी मशीनों की जरूरत नहीं पड़ती. घर के खाली कमरे, झोपड़ी या छोटे शेड में भी इसकी खेती आसानी से की जा सकती है.

क्या कहते है मशरुम एक्सपर्ट
देवघर कृषि विज्ञान केंद्र के मशरूम विशेषज्ञ रणजीत झा ने बताया कि आज कई युवा मशरूम की खेती सीखकर गांव में ही अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. उन्होंने कहा कि नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. खासकर गर्मी के मौसम में मिल्की मशरूम और ऑयस्टर मशरूम की खेती आसानी से की जा सकती है. बाजार में इनकी मांग लगातार बनी रहती है, जिससे किसानों को अच्छा दाम मिल जाता है.

घर बैठे कमा सकते हैं अच्छा मुनाफा
मशरूम की खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ज्यादा निवेश की जरूरत नहीं होती. विशेषज्ञों के अनुसार, एक मशरूम बैग तैयार करने में करीब 30 रुपये तक का खर्च आता है. सही तरीके से देखभाल करने पर इससे तीन गुना तक कमाई हो सकती है. अगर कोई किसान शुरुआत में 100 बैग तैयार करता है, तो वह हर महीने 50 से 60 हजार रुपये तक का मुनाफा कमा सकता है. कई लोग इस काम को छोटे स्तर से शुरू कर अब बड़े व्यवसाय में बदल चुके हैं.

मुफ्त में दी जाती है ट्रेनिंग
मशरूम की खेती के लिए कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से मुफ्त ट्रेनिंग भी दी जाती है. यह प्रशिक्षण 5 से 7 दिनों का होता है, जिसमें किसानों और युवाओं को मशरूम उत्पादन की पूरी जानकारी दी जाती है. ट्रेनिंग में मशरूम बैग तैयार करने, तापमान और नमी बनाए रखने, फसल को सुरक्षित रखने, तुड़ाई, पैकिंग और बाजार तक पहुंचाने की जानकारी दी जाती है.

रोजगार का शानदार मौका
विशेषज्ञों का कहना है कि मशरूम की खेती में साफ-सफाई और सही तापमान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. सही जानकारी और मेहनत के साथ यह व्यवसाय कम समय में अच्छी आमदनी दे सकता है. यही वजह है कि गांवों में मशरूम की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है. कई महिलाएं भी स्वयं सहायता समूह के जरिए इसकी खेती कर आत्मनिर्भर बन रही हैं. कम खर्च और कम जगह में शुरू होने वाला यह व्यवसाय ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का शानदार अवसर बनता जा रहा है.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें



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