Baba Bageshawar : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं. आगामी 5 से 7 जून के बीच गुजरात के राजकोट स्थित रेसकोर्स मैदान में उनका ‘सनातन सेतु हनुमंत कथा’ और ‘दिव्य दरबार’ आयोजित होने जा रहा है. इस भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन इसके साथ ही राजकोट में श्रद्धा, विज्ञान और अंधविश्वास के बीच एक बड़ा वैचारिक युद्ध छिड़ गया है. विभिन्न संगठन और धार्मिक नेता बाबा बागेश्वर के चमत्कारों को लेकर आमने-सामने आ गए हैं.
विवाद की शुरुआत राजकोट के जाने-माने वकील और सहकारी नेता परसोत्तम पिपलिया की एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई. उन्होंने कड़ा विरोध जताते हुए लिखा, ‘आनंदो भोले भक्तों, घर-आंगन में अंधविश्वास का कुंभ मेला लगने जा रहा है.’ पिपलिया ने मीडिया से कहा कि उन्हें बाबा के धार्मिक कथा करने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन धर्म के नाम पर जो कथित चमत्कार और अंधविश्वास फैलाया जा रहा है, वह बेहद खतरनाक है. उन्होंने बाबाओं को चुनौती देते हुए कहा, ‘मुझ पर अपनी तंत्र-मंत्र विद्या आजमा कर दिखाएं, यह सब केवल धोखा है.’ उन्होंने कहा कि एआई और विज्ञान के इस युग में पर्ची से कैंसर ठीक करने के दावे नई पीढ़ी को गुमराह कर रहे हैं.
विज्ञान जाथा का 1 करोड़ रुपये का सीधा चैलेंज
इस पूरे विवाद में अब ‘विज्ञान जाथा’ के चेयरमैन जयंत पंड्या ने भी एंट्री ले ली है और बाबा बागेश्वर को सीधी चुनौती दे डाली है. पंड्या ने बाबा की ‘पर्ची प्रथा’ को पूरी तरह से फर्जी और बकवास करार दिया है. उन्होंने ऐलान किया है कि यदि बाबा या कोई भी व्यक्ति विज्ञान जाथा द्वारा पूछे गए 3 सवालों के सही जवाब दे देगा, तो उसे 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का इनाम दिया जाएगा. पंड्या ने यहां तक कह दिया कि अगर बाबा सच्चे साबित हुए तो वे हमेशा के लिए विज्ञान जाथा को बंद कर देंगे.
अंधविश्वास फैलाया तो करेंगे FIR दर्ज
जयंत पंड्या ने एक और कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पीएम मोदी ईधन बचाने की अपील करते हैं, जबकि इस कथा में लाखों लोग वाहनों से आएंगे जिससे भारी मात्रा में पेट्रोल-डीजल बर्बाद होगा. उन्होंने आयोजकों और धीरेंद्र शास्त्री को सख्त चेतावनी दी है कि यदि वे राजकोट आकर अंधविश्वास फैलाते हैं या कोई ‘पर्ची चमत्कार’ दिखाते हैं, तो विज्ञान जाथा तुरंत पुलिस स्टेशन जाकर उनके खिलाफ केस (प्राथमिकी) दर्ज कराएगा.
साधु समाज ने भी खोला मोर्चा
हैरानी की बात यह है कि बाबा बागेश्वर का विरोध सिर्फ वैज्ञानिक सोच वाले संगठन ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि साधु समाज भी उनके खिलाफ है. सनातन धर्म समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योतिरनाथ बापू ने धीरेंद्र शास्त्री पर तीखा हमला बोला है. बापू ने कहा, ‘सनातन धर्म एक अद्भुत और वैज्ञानिक धर्म है, लेकिन विज्ञान की आड़ में खेल करने वाला एक ‘खिलाड़ी’ राजकोट आ रहा है, जो मंच पर पर्ची के नाम पर चमत्कार का नाटक कर लोगों को मूर्ख बनाता है.’
यह अंधविश्वास नहीं, आस्था है- आयोजक
इन तमाम विरोधों के बीच सौराष्ट्र सनातन समिति के नेता मंगेश देसाई ने आयोजन का मजबूती से बचाव किया है. देसाई ने कहा कि इसमें अंधविश्वास जैसी कोई बात नहीं है. यह लाखों लोगों की भीड़ के बीच खुले मंच पर होने वाली हनुमान जी की भक्ति और आस्था का विषय है. उन्होंने कहा कि जो लोग बंद कमरों में धागे-ताबीज देकर पैसे ऐंठते हैं, उसे अंधविश्वास कहते हैं. धीरेंद्र शास्त्री तो केवल दुनिया भर में सनातन धर्म का प्रचार करने आ रहे हैं.
राजकोट में बाबा बागेश्वर का कार्यक्रम कब और कहां आयोजित हो रहा है?
बाबा बागेश्वर (धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री) का ‘सनातन सेतु हनुमंत कथा’ और दिव्य दरबार 5 से 7 जून के बीच राजकोट के रेसकोर्स मैदान में आयोजित होने जा रहा है.
विज्ञान जाथा के चेयरमैन जयंत पंड्या ने बाबा बागेश्वर को क्या चैलेंज दिया है?
विज्ञान जाथा के चेयरमैन जयंत पंड्या ने बाबा की पर्ची प्रथा को फर्जी बताते हुए कहा है कि अगर वे उनके 3 सवालों के सही जवाब दे दें, तो उन्हें 1 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा और विज्ञान जाथा बंद कर दिया जाएगा.
वकील परसोत्तम पिपलिया ने बाबा बागेश्वर के दरबार को लेकर क्या कहा है?
वकील परसोत्तम पिपलिया ने बाबा के कार्यक्रम को ‘अंधविश्वास का कुंभ मेला’ करार दिया है और कहा है कि आज के AI युग में पर्ची से कैंसर जैसी बीमारियां ठीक करने के दावे नई पीढ़ी को गुमराह कर रहे हैं.
साधु समाज के ज्योतिरनाथ बापू ने धीरेंद्र शास्त्री का विरोध क्यों किया है?
सनातन धर्म समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योतिरनाथ बापू ने धीरेंद्र शास्त्री को ‘खिलाड़ी’ बताते हुए कहा है कि वे मंच पर पर्ची के नाम पर चमत्कार का नाटक करके लोगों को मूर्ख बनाते हैं, जिससे समाज में अंधविश्वास फैलता है.