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Best Tourist Spot: जमशेदपुर के पास ढाईकुशुम गांव नई टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन गया है. यह स्पॉट हरियाली, झरने और कॉटेज के लिए मशहूर है. यहां कश्मीर जैसे नजारे और सुकून भरा मौसम लोगों को बहुत ही आकर्षित करता है. आइये जानते हैं इस बेस्ट टूरिस्ट स्पॉट के बारे में.
जमशेदपुर: कुछ साल पहले सोशल मीडिया पर एक रील काफी वायरल हुई थी, जिसमें सवाल पूछा गया था “झारखंड को कौन जानता है, झारखंड में है ही क्या?” लेकिन अगर कोई व्यक्ति एक बार भी झारखंड की प्राकृतिक खूबसूरती को करीब से देख ले, तो शायद उसके मन में ऐसा सवाल दोबारा कभी न आए. घने जंगल, ऊंचे पहाड़, बहती नदियां, झरने और सुकून से भरी वादियां… झारखंड प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं हैं.
सोनमर्ग या गुलमर्ग को टक्कर देता है झारखंड का ये गांव
अगर आप जमशेदपुर से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर घाटशिला रोड की ओर निकलते हैं तो रास्ते में एक बेहद खूबसूरत जगह पड़ती है ढाईकुशुम गांव. इन दिनों यह गांव तेजी से लोगों के बीच पसंदीदा टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनता जा रहा है. यहां पहुंचते ही ऐसा महसूस होता है मानो आप झारखंड में नहीं बल्कि कश्मीर के किसी खूबसूरत इलाके जैसे सोनमर्ग या गुलमर्ग में आ गए हैं.
यहां चारों तरफ है हरियाली
ढाईकुशुम गांव की सबसे खास बात यहां की प्राकृतिक शांति और ठंडी हवाएं हैं. गर्मी के दिनों में भी यहां का मौसम लोगों को सुकून देता है. दूर-दूर तक फैली हरी-भरी घास, पहाड़ों के बीच बहती नदी, छोटे-छोटे झरने और हर तरफ फैली हरियाली इस जगह को बेहद खास बना देती है. शहर की भागदौड़ और शोर-शराबे से दूर यह जगह लोगों को प्रकृति के बेहद करीब ले जाती है.
यहां आने वाले पर्यटक सिर्फ घूमने नहीं बल्कि खुद को मानसिक रूप से रिलैक्स करने भी आते हैं. कई लोग अपने परिवार, दोस्तों या पार्टनर के साथ यहां समय बिताना पसंद करते हैं.
पर्यटकों के ठहरने के लिए है बेस्ट कॉटेज
इस गांव की सबसे खास बात यह है कि यहां पर्यटकों के ठहरने के लिए खूबसूरत कॉटेज भी बनाए गए हैं. लकड़ी और प्राकृतिक डिजाइन से बने ये कॉटेज लोगों को एक अलग ही अनुभव देते हैं. सुबह की ठंडी हवा, पक्षियों की आवाज और पहाड़ों के बीच उगता सूरज यहां के माहौल को और भी खूबसूरत बना देता है. ढाईकुशुम गांव उन लोगों के लिए एक परफेक्ट जगह बन चुका है जो भीड़भाड़ से दूर कुछ पल सुकून के बिताना चाहते हैं. यहां का शांत वातावरण लोगों को मानसिक शांति के साथ प्रकृति से जुड़ने का एहसास कराता है.
बता दें कि झारखंड सिर्फ खदानों और उद्योगों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और अनदेखी वादियों के लिए भी जाना जाता है. ढाईकुशुम गांव इसकी एक खूबसूरत मिसाल है, जो हर आने वाले को अपनी सुंदरता से मंत्रमुग्ध कर देता है.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें