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रांची की इस जगह को कहते हैं ‘मिनी कोटा’, दूसरे राज्यों से...


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Ranchi’s Mini Kota: रांची के लालपुर स्थित हरिओम टावर और आसपास के इलाके में इतने कोचिंग संस्थान हैं कि इस जगह को ‘मिनी कोटा’ कहा जाता है. सैकड़ों कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, हॉस्टल, मेस जैसी सुविधाओं के कारण यह जगह दूसरे राज्यों से आने वाले स्टूडेंट्स का भी ठिकाना बनती है.

रांची के लालपुर स्थित हरिओम टावर और उसके आसपास का पूरा इलाका कोचिंग सेंटरों का बड़ा हब माना जाता है. यहां दो बड़े टावर हैं और आसपास की पूरी सड़क कोचिंग संस्थानों से भरी हुई है. यहां 500 से भी अधिक कोचिंग क्लासेस संचालित होती हैं. मेडिकल से लेकर यूपीएससी, प्लस टू मैथ्स, साइंस, एसएससी, रेलवे और कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अलग-अलग कोचिंग सेंटर यहां हैं. जिस भी कोर्स की तैयारी करनी हो, उसकी कोचिंग किसी न किसी फ्लोर पर आसानी से मिल जाएगी.

हर साल यहां बड़ी संख्या में छात्र सरकारी नौकरी और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आते हैं. बिहार, यूपी और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों से छात्र यहां पढ़ने पहुंचते हैं. यही कारण है कि यह रांची का सबसे अधिक हॉस्टल वाला इलाका भी माना जाता है. यहां करीब 2000 रुपये महीने में शेयरिंग रूम आसानी से मिल जाते हैं. जो छात्र अकेले रहना चाहते हैं, उनके लिए भी रूम मिल जाता है.

अधिक संख्या में छात्रों के होने की वजह से यहां खाने-पीने के कई लोकप्रिय स्टॉल भी हैं. खासकर मोमोज और चाट के लिए यह इलाका काफी मशहूर है. यहां अलग-अलग तरह के मोमोज मिलते हैं, जिन्हें खाने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचते हैं. शाम के समय यहां छात्रों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है और पूरे इलाके की रौनक देखते बनती है.

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यहां हर तरह के कोचिंग सेंटर मौजूद हैं. चाहे कोडिंग सीखनी हो, आईआईटी, यूपीएससी, जेपीएससी, एसएससी, रेलवे, मैथ्स-साइंस या पर्सनल कोचिंग की जरूरत हो, लगभग हर तरह की पढ़ाई की सुविधा यहां मिल जाती है. इसी टावर के नीचे स्टेशनरी की दुकानें भी हैं. यानी छात्रों को एक ही जगह पढ़ाई से जुड़ी लगभग हर जरूरत की चीज मिल जाती है. पास ही में हॉस्टल और मेस भी हैं.

यही कारण है कि इस इलाके को ‘मिनी कोटा’ भी कहा जाता है. यहां 24 घंटे छात्रों की रौनक देखने को मिलती है. इसकी एक बड़ी वजह यहां मौजूद लाइब्रेरी भी हैं, जो कई जगह 24 घंटे खुली रहती हैं. दूसरे राज्यों से आने वाले छात्र यहीं कोचिंग ज्वाइन करते हैं, क्योंकि पास में ही हॉस्टल, खाना और दूसरी जरूरी सुविधाएं कम खर्च में मिल जाती हैं.



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