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पुरुषोत्तम मास में श्रीविष्णु मंदिर में 24 घंटे का अखंड हरिनाम संकीर्तन...




भास्कर न्यूज|भरनो/गुमला पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर भरनो बस्ती बाजार टांड़ स्थित श्रीविष्णु मंदिर में सोमवार से 24 घंटे के अखंड हरिनाम संकीर्तन का भव्य आयोजन शुरू हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना व विधिवत धार्मिक अनुष्ठान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अखंड कीर्तन के आरंभ होते ही मंदिर परिसर व आसपास का क्षेत्र भक्ति और श्रद्धा के वातावरण से गुंजायमान हो उठा। अखंड हरिनाम संकीर्तन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंची कीर्तन मंडलियां भगवान विष्णु व श्रीहरि के नाम का संकीर्तन प्रस्तुत कर रही हैं। भजन-कीर्तन की मधुर धुनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। आयोजन में जरिया, कैरो, नरौली, मंडरो, सिसई, गणेशपुर, डोम्बा सहित आसपास के कई गांवों की प्रसिद्ध व अनुभवी कीर्तन मंडलियां भाग ले रही हैं। मंडलियों द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे भक्ति गीतों और हरिनाम संकीर्तन से श्रद्धालु भाव-विभोर हो रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि अखंड कीर्तन का उद्देश्य क्षेत्र में धार्मिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक चेतना का प्रसार करना व लोगों को भक्ति और सदाचार के मार्ग से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि पुरुषोत्तम मास सनातन धर्म में अत्यंत पुण्यदायी व विशेष महत्व का महीना माना जाता है। इस माह में भगवान विष्णु की उपासना, भजन-कीर्तन, जप-तप व दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इसी मान्यता को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अखंड हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया गया है। श्रीविष्णु मंदिर के पुजारी आचार्य अवधेश मिश्र ने कहा कि हरिनाम संकीर्तन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और मानसिक संतुलन का भी माध्यम है। अखंड कीर्तन को लेकर मंदिर परिसर की विशेष साफ-सफाई व आकर्षक सजावट की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है और बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा व बुजुर्ग श्रद्धापूर्वक संकीर्तन में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। कार्यक्रम की पूर्णाहुति 9 जून को वैदिक रीति-रिवाज व विधि-विधान के साथ संपन्न होगी। पूर्णाहुति के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा। आयोजन समिति ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी लोगों से कार्यक्रम में शामिल होकर भगवान श्रीहरि का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भगवान के नाम का स्मरण और संकीर्तन मनुष्य को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है व समाज में प्रेम, सद्भाव,भाईचारे और आपसी एकता को मजबूत करता है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से लोगों में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ती है और समाज में नैतिक मूल्यों का संरक्षण होता है।



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