Last Updated:
देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रावणी मेला के दौरान अब 150 AI आधारित कैमरों से कांवरियों की गिनती की जा रही है। यह सिस्टम एक ही श्रद्धालु की दोबारा गिनती होने से बचाता है और प्रशासन को भीड़ प्रबंधन में मदद करता है।
देवघर/परमजीत: देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में इस बार श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ का हिसाब रखने का तरीका पूरी तरह बदल गया है. पहले जहां कांवरियों की संख्या का अनुमान लगाने के लिए अलग-अलग स्तर पर मैनुअल गिनती और दूसरे माध्यमों का सहारा लिया जाता था, वहीं अब तकनीक ने इस पूरी व्यवस्था को अपने हाथ में ले लिया है. दुम्मा बॉर्डर से लेकर बाबा मंदिर परिसर और फिर कतार लगने वाले रास्ते के अंतिम छोर कुमैठा तक श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखने के लिए करीब 150 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आधारित फेस रीडिंग और हेड काउंटिंग कैमरे लगाए गए हैं. जिसकी निगरानी नेहरू पार्क स्थित ICMR मे की जा रही है.खास बात यह है कि ये कैमरे सिर्फ सामने से गुजरने वाले लोगों की संख्या दर्ज करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सिस्टम इस तरह तैयार किया गया है कि एक ही श्रद्धालु की दोबारा गिनती होने की संभावना को कम किया जा सके. यानी बाबा नगरी में इस बार भीड़ का आंकड़ा अब सिर्फ अनुमान नहीं बल्कि डिजिटल सिस्टम से मिलने वाला डेटा है.
क्या कहते है पदाधिकारी :
दुम्मा बॉर्डर पर तैनात पदाधिकारी देवघर प्रखंड के सीआई विजय मरांडी ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचित करते हुए कहाँ की अगर आप श्रावणी मेला के दौरान देवघर की सड़कों पर निकलेंगे तो हर तरफ कांवरियों की भीड़ दिखाई देगी. कोई कांवरिया सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर बाबाधाम पहुंच रहा है, तो कोई दुम्मा बॉर्डर पार करने के बाद सीधे कतार में शामिल हो रहा है. इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने-जाने के बीच यह पता लगाना कि आखिर एक दिन में कितने लोग बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण कर रहे हैं, प्रशासन के लिए हमेशा से बड़ी चुनौती रही है. क्योंकि एक ही कांवरिया मेला क्षेत्र में कई जगहों से गुजरता है और अगर अलग-अलग प्वाइंट पर उसकी गिनती हो जाए तो आंकड़ा बढ़ सकता है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए इस बार AI आधारित डिजिटल हेड काउंटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है. कैमरों के जरिए श्रद्धालुओं की आवाजाही को लगातार रिकॉर्ड किया जा रहा है और सिस्टम उपलब्ध आंकड़ों को डिजिटल तरीके से प्रोसेस कर रहा है.
जिला प्रशासन को मिल रहा है एक्यूरेट आंकड़ा :
इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जिला प्रशासन को श्रद्धालुओं की संख्या का अपडेटेड आंकड़ा काफी तेजी से मिल सकता है. इससे सिर्फ गिनती करने में ही मदद नहीं मिलेगी, बल्कि भीड़ के दबाव को समझने और उसी के हिसाब से व्यवस्था बनाने में भी प्रशासन को सहूलियत होगी. किस इलाके में ज्यादा भीड़ बढ़ रही है, किस रास्ते पर श्रद्धालुओं का दबाव ज्यादा है और किस दिशा में भीड़ को नियंत्रित करने की जरूरत है, इन तमाम चीजों पर नजर रखने में तकनीक मददगार साबित हो रही है.खासकर सावन की सोमवारी जैसे बड़े दिनों में जब लाखों श्रद्धालु एक साथ बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं, उस वक्त भीड़ प्रबंधन के लिए इस तरह की तकनीक काफी महत्वपूर्ण हो जाती है.
अभी तक 15 लाख से भी ज्यादा कांवरिया कर चुके है जलार्पण :
वहीं अगर इस साल के अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिला प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक श्रावणी मेला शुरू होने के बाद पहले दिन से लेकर बुधवार तक 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण कर चुके हैं. यानी कुछ ही दिनों में बाबाधाम में श्रद्धालुओं की संख्या 15 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है. वहीं बाबा मंदिर को मिलने वाली आमदनी भी करोड़ों रुपये के करीब पहुंचने की दिशा में है और प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार तक मंदिर की आमदनी 80 लाख रुपये से ज्यादा दर्ज की गयी है.आने वाले दिनों में सावन की सोमवारी और अन्य महत्वपूर्ण तिथियों पर श्रद्धालुओं की संख्या में और बड़ा इजाफा होने की संभावना है.
पूरा श्रावणी मेला डिजिटल तरीके से किया जा रहा नियंत्रण :
इस बार देवघर का श्रावणी मेला सिर्फ आस्था और भक्ति के लिहाज से ही खास नहीं है, बल्कि तकनीक के इस्तेमाल के मामले में भी एक नया उदाहरण बन रहा है. दुम्मा से लेकर बाबाधाम और कुमैठा तक लगाए गए AI कैमरे अब लाखों कांवरियों की भीड़ का डिजिटल हिसाब रखने में प्रशासन की मदद कर रहे हैं. जिस बाबाधाम में हर साल लाखों श्रद्धालु ‘बोल बम’ के जयघोष के साथ पहुंचते हैं, वहां अब यह भी डिजिटल तरीके से पता चल रहा है कि बाबा के दरबार में कितने भक्त पहुंचे और कितने लोगों ने बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण किया.आने वाले दिनों में जैसे-जैसे कांवरियों की भीड़ बढ़ेगी, वैसे-वैसे यह AI आधारित सिस्टम देवघर में भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की संख्या का सटीक आंकड़ा उपलब्ध कराने में कितना कारगर साबित होता है, यह देखने वाली बात होगी.
About the Author
जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…
और पढ़ें