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झारखंड

गोड्‌डा के पोड़ैयाहाट मुखिया पर दिनदहाड़े फायरिंग:हमले में बाल-बाल बचे, एक आरोपी...

गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र में मुखिया अनुपम भगत पर गुरुवार को दिनदहाड़े फायरिंग की गई। बांझी रोड स्थित एक अवैध शराब अड्डे के पास तीन अपराधियों ने उन पर हमला किया, जिसमें मुखिया बाल-बाल बच गए। इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपितों में से एक नयन यादव ने बाद में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। नयन यादव पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र के द्रोपद का रहने वाला है और वर्तमान में पोड़ैयाहाट में रह रहा था। इस वारदात में उसके साथ अंकित यादव और विकास यादव भी शामिल थे। अनुपम भगत को निशाना बनाते हुए फायरिंग की यह घटना दिनदहाड़े हुई, जब बाइक सवार तीन हमलावरों ने मुखिया अनुपम भगत को निशाना बनाते हुए दो राउंड फायरिंग की। सौभाग्य से दोनों गोलियां उन्हें नहीं लगीं। इस घटना से बांझी रोड और पोड़ैयाहाट बाजार क्षेत्र में दहशत फैल गई। अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। नाराज लोगों ने पोड़ैयाहाट मुख्य बाजार बंद कर दिया और सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना था कि पोड़ैयाहाट में पहले भी कई बार गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कुछ लोगों की जान भी गई है। सूचना मिलते ही पोड़ैयाहाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने मुखिया अनुपम भगत और स्थानीय लोगों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बताते चलें कि अंकित यादव व नयन यादव में दोनों आपस में भाई हैं। पुलिस उससे पूछताछ कर घटना के कारणों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। वहीं, इस घटना को लेकर मुखिया अनुपम भगत ने बताया कि वह अपने बांझी स्थित अपने घर से बाइक पर सवार होकर निकले थे। इसी क्रम में अवैध शराब अड्डे के पास बाइक सवार तीन अपराधियों ने दो गोलियां चलाई। दोनों गोलियां मेरे सिर के उपर से छू कर निकल गई और‌ मैं बाल-बाल बच गया। Source link

झारखंड

धनबाद में निजी गार्ड की संदिग्ध अवस्था में मौत:व्यवसायी के बंगले में...

धनबाद की चांचनी कॉलोनी में एक व्यवसायी के बंगले में कार्यरत निजी गार्ड अनिल कुमार सिंह (45) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने मुआवजे की मांग करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया और बंगले परिसर में हंगामा किया। सूचना मिलने पर धनबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक अनिल कुमार सिंह ठाकुर कुल्ही के रहने वाले थे। परिजनों के अनुसार, वे पिछले लगभग 20 वर्षों से व्यवसायी जितन अग्रवाल के बंगले में गार्ड के रूप में कार्यरत थे और वहीं रहकर 24 घंटे ड्यूटी करते थे। गुरुवार सुबह परिवार को फोन कर बंगले पर बुलाया गया, लेकिन उन्हें अनिल की मौत की जानकारी नहीं दी गई। मौके पर पहुंचने पर परिजनों ने अनिल को मृत पाया। उनके कान और मुंह से खून निकल रहा था, जिससे परिजनों को मौत पर संदेह है। मृतक के परिजन कमलेश सिंह ने आरोप लगाया कि यदि अनिल की तबीयत खराब हुई थी, तो इसकी सूचना समय रहते परिवार को दी जानी चाहिए थी, ताकि उन्हें अस्पताल ले जाया जा सके। उन्होंने कहा कि या तो उनके साथ कुछ अनहोनी हुई है या फिर लापरवाही के कारण उनकी मौत हुई है। परिजनों ने 15 लाख रुपए मुआवजे की मांग की है और कहा है कि जब तक उचित मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा। इस संबंध में धनबाद थाना प्रभारी मनोज पांडे ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। Source link

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Counterfeit Ghee Factory | Fake Ghee Racket – दिल्ली-हरियाणा में नकली घी...

नई द‍िल्‍ली. अगर आपके गले के नीचे से घी लगी हुई रोटी नहीं उतरती है तो पहले ये खबर पढ़ लें क्‍योंक‍ि आपकी लापरवाही आपकी सेहत ब‍िगाड़ सकती है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने दिल्ली और हरियाणा में नकली और मिलावटी घी बनाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है. कार्रवाई के दौरान 6,500 लीटर से ज्यादा संदिग्ध मिलावटी घी और कच्चा माल जब्त किया गया है. एफएसएसएआई के उत्तरी क्षेत्र के निदेशक देवेश कुमार महला के निर्देशन में केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर यह कार्रवाई की. ऐसे खुला नकली घी का खेल एफएसएसएआई को कुछ डिजिटल और प्रिंट विज्ञापनों की जानकारी मिली थी, जिनमें प्रीमियम देसी घी और गाय का घी बेचा जा रहा था. इन विज्ञापनों में न तो एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर दिया गया था और न ही जरूरी लेबलिंग की जानकारी थी. इसके बाद अधिकारियों ने ग्राहक बनकर संबंधित मोबाइल नंबर पर संपर्क किया और घी के नमूने खरीदे. इन नमूनों को जांच के लिए एफएसएसएआई द्वारा मान्यता प्राप्त NABL लैब में भेजा गया. जांच में क्या मिला? लैब रिपोर्ट में सामने आया कि घी खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा. जांच में पता चला कि कथित घी में वनस्पति तेल और दूसरे गैर-दुग्ध पदार्थ मिलाए गए थे. यानी इसे मिलावट करके तैयार किया जा रहा था. दिल्ली के द्वारका में छापा जांच के बाद एफएसएसएआई की टीम ने दिल्ली के द्वारका स्थित ढुलसिरस गांव में पारित राम से जुड़े एक ठिकाने पर छापा मारा. यहां से करीब 1020 लीटर संदिग्ध तेल बरामद हुआ, जिसका इस्तेमाल नकली घी बनाने में किया जा रहा था. इसके अलावा लगभग 1500 लीटर संदिग्ध मिलावटी घी भी जब्त किया गया. पूरा माल मौके पर ही कब्जे में ले लिया गया. हरियाणा में भी बड़ी कार्रवाई इसके बाद हरियाणा के सोनीपत में एम/एस बाला जी फूड प्रोडक्ट्स, प्लॉट नंबर-29A, सेक्टर-53, फेज-5 पर छापा मारा गया. यहां से बाजार में सप्लाई के लिए पैक किया गया 4000 लीटर से ज्यादा संदिग्ध मिलावटी घी बरामद हुआ. एफआईआर दर्ज, कानूनी कार्रवाई शुरू एफएसएसएआई ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. मामले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है. जब्त किए गए सभी उत्पादों को नियमानुसार सुरक्षित रखा गया है और आगे की जांच के लिए नमूने भी लिए गए हैं. एफएसएसएआई की लोगों से अपील एफएसएसएआई ने लोगों से अपील की है कि खाद्य पदार्थ खरीदते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें— – पैकेट पर एफएसएसएआई लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर देखें.– उत्पाद की पूरी लेबलिंग और निर्माता की जानकारी जांचें.– पैकेजिंग सही और सीलबंद होनी चाहिए.‘ अगर कोई घी या खाद्य पदार्थ बाजार भाव से बहुत सस्ता मिल रहा है, तो सतर्क रहें क्योंकि वह नकली या मिलावटी हो सकता है. एफएसएसएआई ने कहा है कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और जांच अभी जारी है. Source link

झारखंड

पलामू के इस एफपीओ को 95% सब्सिडी पर मिली तेल मिल, अब...

Last Updated:June 18, 2026, 10:08 IST Palamu Pandwa FPO Oil Mill: पलामू के पंडवा में पंडवा फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड एफपीओ ने वेजफेड रांची की मदद से तेल मिल शुरू की है. इस मिल पर 95 परसेंट अनुदान पर मिला है. सरसों तेल से किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है. जब वे फसल उगाने से लेकर प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और सेल खुद करेंगे तो आमदनी में इजाफा होगा. ख़बरें फटाफट पलामू. बदलते दौर में किसानों की आय दुगनी करने के लिए सरकार भी कई तरह की योजना चला रही है. जिसका लाभ लेकर किसान अपनी आय बढ़ा रहे हैं. मगर आज भी कई किसान अपनी उपज को खेत से सीधे बाजार में बेच देते हैं, जिससे उन्हें फसल का वास्तविक मूल्य और मुनाफा नहीं मिल पाता है. हालांकि किसान अगर केवल उत्पादन तक सीमित न रहकर अपनी उपज की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बाजार में आपूर्ति की व्यवस्था खुद करें, तो उनकी आय कई गुना बढ़ सकती है. इसी सोच को साकार करने की दिशा में पलामू जिले के पंडवा प्रखंड में किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से तेल मिल स्थापित की जा रही है. आय बढ़ाने का माध्यमदरअसल, पलामू जिले के पंडवा प्रखंड के किसानों के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में पंडवा फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीओ) के माध्यम से तेल मिल स्थापित की जा रही है. जिसके बाद किसानों को केवल खेती तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि वे अपने उत्पाद का प्रसंस्करण (प्रोडक्शन) और बाजार तक आपूर्ति (सप्लाई) कर अतिरिक्त लाभ अर्जित कर सकेंगे. किसान अब सरसों जैसी तिलहनी फसलों का उत्पादन कर सीधे तेल निकालकर बिक्री कर सकेंगे, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है. साथ ही तेल मिल से तैयार उत्पाद स्थानीय बाजार में उपलब्ध होने से उपभोक्ताओं को भी शुद्ध तेल मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. 95 परसेंट अनुदान पर मिली है मिलपंडवा प्रखंड के किसान ओमकार नाथ ने लोकल18 को बताया कि यह तेल मिल वेजफेड रांची के सहयोग से मिली है. जिसमें लगभग 25 लाख रुपये की इस योजना में सरकार की ओर से 95 प्रतिशत अनुदान दिया गया है, जबकि लाभुकों को मात्र 5 प्रतिशत राशि का योगदान करना पड़ा. तेल मिल की स्थापना के लिए करीब 30×40 फीट क्षेत्र में मशीनें लगाई जा रही हैं. उन्होंने कहा कि यह परियोजना एफपीओ के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी. आगे मशीनरी भी मिलेगीओमकार नाथ ने आगे कहा कि पंडवा फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड पिछले चार वर्षों से कार्यरत है और वर्तमान में इससे 765 किसान जुड़े हुए हैं. एफपीओ के माध्यम से किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर खाद और बीज उपलब्ध कराया जाता है. इसके साथ भविष्य में कृषि मशीनरी भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे किसान किराये पर लेकर खेती में उपयोग कर सकेंगे. इससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादन क्षमता के साथ आय भी बढ़ेगी. किसानों को मिलेगा फायदाउन्होंने यह भी कहा कि एफपीओ के शुरुआती चरण में सरकार का भरपूर सहयोग मिलता है, लेकिन आगे चलकर संस्था को खुद अपने संसाधनों से संचालन करना होता है. इसी उद्देश्य को लेकर तेल मिल की स्थापना की जा रही है, ताकि एफपीओ को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके. वर्तमान में किसान सरसों को 50 से 60 रुपये प्रति किलो की दर से बेच देते हैं, लेकिन तेल निकालकर बेचने पर उन्हें कहीं ज्यादा मुनाफा मिलेगा. जहां सरसों के तेल की बिक्री लगभग 200 रुपये प्रति लीटर तक की जा सकती है. इससे किसानों को फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा और अपने क्षेत्र में कृषि आधारित व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

झारखंड

चौधरीबांध में बना एक करोड़ का शिव मंदिर:कलश यात्रा के साथ शुरू...

गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड अंतर्गत चौधरीबांध गांव में गुरुवार को श्री 1008 शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा नौ दिवसीय पंचकुंडीय महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। यह महायज्ञ कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा 25 जून को होगी, जबकि महायज्ञ का समापन 26 जून को किया जाएगा। कलश यात्रा में गांव और आसपास के क्षेत्रों से महिलाएं, युवतियां, पुरुष और बच्चे शामिल हुए। श्रद्धालु सिर पर कलश लेकर मंदिर परिसर से सुंदरोटांड़ नदी तक पहुंचे। वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए वहां वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच कलशों में पवित्र जल भरा गया। इसके बाद शोभायात्रा के रूप में श्रद्धालु पुनः मंदिर परिसर लौटे, जहां आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना और अन्य वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। यह महायज्ञ चौधरीबांध गांव में नवनिर्मित शिव मंदिर में शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। लगभग एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस मंदिर का निर्माण कार्य वर्ष 2016 में शुरू हुआ था। ग्रामीणों के सहयोग और लगभग 10 वर्षों के सामूहिक प्रयास के बाद मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो सका है। आयोजन समिति के अनुसार, 25 जून को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और नंदी सहित शिव परिवार की विधि-विधानपूर्वक प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। वहीं, 26 जून को हवन, पूर्णाहुति, कन्या पूजन, कन्या भोजन एवं विशाल भंडारे के साथ महायज्ञ का समापन किया जाएगा। गांव को आकर्षक ढंग से सजाया गया महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन संगीतमय झांकियों से सुसज्जित श्रीराम कथा एवं शिव पुराण महाकथा का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रसिद्ध कथावाचक श्रद्धालुओं को धर्म और अध्यात्म का संदेश देंगे। आयोजन को लेकर पूरे गांव को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में रंग-बिरंगी रोशनी और तोरण द्वार लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि गांव की एकता और सामूहिक प्रयास का प्रतीक है। यह मंदिर अब क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल होने जा रहा है। Source link

शिक्षा

ICAI CA Final Result 2026 Declared

7 मिनट पहले कॉपी लिंक इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ICAI की ओर से ICAI CA फाइनल रिजल्ट 2026 आज यानी 18 जून को जारी कर दिया गया है। रिजल्ट में पटियाला के नूर सिंगला ने टॉप किया है और उनकी ऑल इंडिया रैंक-1 आई है। नूर ने 600 में से 499 अंक हासिल किए हैं यानी, 83.17% पाए हैं। वहीं हावड़ा के रितीज सराफ सेकेंड टॉपर रहे हैं, उनके 475 नंबर यानी, 79.17% के साथ AIR 2 हासिल की है। जबकि डोंबिवली (पूर्व) के सोहन अनिल मांजरेकर ने 473 नंबर यानी, 78.83% के साथ AIR 3 हासिल की है। ICAI के ऑफिसियल डेटा के मुताबिक, CA फाइनल एग्जाम में 7,931 उम्मीदवार पास हुए हैं। उम्मीदवार ICAI की ऑफिशियल वेबसाइट icai.org और icaiexam.icai.org पर जाकर रिजल्ट चेक और डाउनलोड कर सकते हैं। रिजल्ट डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग करना होगा। आईसीएआई की ओर से रिजल्ट के साथ-साथ पासिंग परसेंटेज और मेरिट लिस्ट भी जारी की गई है। इस बार परीक्षा में हुआ बड़ा बदलाव इस साल से ICAI ने फिर से साल में दो बार परीक्षा आयोजित करने की पुरानी व्यवस्था लागू कर दी है। अब CA की परीक्षाएं केवल मई और नवंबर में होंगी, जबकि जनवरी सेशन को खत्म कर दिया गया है। इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षा सिस्टम को ट्रेडिशनल एकेडमिक स्ट्रक्चर के अनुरूप बनाना है. ऑफिशियल वेबसाइट से ऐसे चेक करें रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट icai.org और icaiexam.icai.org पर जाएं। होमपेज पर ICAI CA Final Result 2026 लिंक पर क्लिक करें। लॉगिन क्रेडेंशियल दर्ज करें। लॉगिन डिटेल्स भरने के बाद रिजल्ट स्क्रीन पर ओपन हो जाएगा। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। एग्जाम में शामिल सब्जेक्ट इस परीक्षा के इंटरमीडिएट लेवल पर छात्रों की अकाउंटिंग, टैक्सेशन, ऑडिटिंग और फाइनेंशियल मैनेजमेंट जैसे सब्जेक्ट का मूल्यांकन किया जाता है। स्कोर कार्ड में मिलेगी ये जानकारी ऑनलाइन जारी होने वाले स्कोरकार्ड में हर एक सब्जेक्ट के मार्क्स, कुल प्राप्त अंक, पास या फेल का स्टेटस और अगर लागू हो तो डिस्टिंक्शन की जानकारी भी दी जाएगी। छात्रों के लिए ICAI की खास सलाह ICAI ने उम्मीदवारों को सोशल मीडिया या अन्य अनऑफिशियल वेबसाइट पर शेयर किए जा रहे रिजल्ट लिंक से सावधान रहने की सलाह दी है। छात्रों को ऑफिशियल पोर्टल के माध्यम से ही अपना रिजल्ट देखना चाहिए। अगर स्कोरकार्ड में किसी भी तरह की कोई गलती दिखाई देती है, तो तुरंत ICAI के हेल्पडेस्क से संपर्क करें। ये खबर भी पढ़ें NEET के बाद, UPSC सिविल सर्विस भर्ती पर भी विवाद:प्रीलिम्‍स का पैटर्न बदलने का आरोप, पिछले साल से कम कैंडिडेट्स ने क्‍वालिफाई किया एग्‍जाम एजेंसी NTA के बाद अब UPSC को भी छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। 24 मई 2026 को UPSC सिविल सर्विस प्रीलिम्स का एग्जाम हुआ। उम्मीदवारों ने इस साल के पेपर को यूपीएससी का अब तक का सबसे टफ पेपर बताया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

झारखंड

धनबाद में चलती स्कॉर्पियो में लगी आग:लोगों ने गाड़ी से बाहर कूदकर...

धनबाद जिले के निरसा में एनएच-19 पर एक चलती स्कॉर्पियो में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा वाहन जलकर राख हो गया। हालांकि, वाहन में सवार सभी लोग समय रहते बाहर निकल गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यह घटना पुराने निरसा थाना से लगभग 100 मीटर दूर धनबाद की ओर जाने वाली सड़क पर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कॉर्पियो सड़क पर चल रही थी तभी उसमें आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। उस समय वाहन में 4 से 5 लोग सवार थे, जिन्होंने तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। देखिए घटना से संबंधित तीन तस्वीरें मिक्सर मशीन की टंकी से पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश घटना की सूचना दमकल विभाग को दी गई, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। पास में खड़ी एनएच मिक्सर मशीन की टंकी से पानी लाकर लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की। उनकी तत्परता से आग को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया, हालांकि तब तक वाहन पूरी तरह जल चुका था। वाहन मालिक विराज मंडल ने बताया कि स्कॉर्पियो महज आठ महीने पहले खरीदी गई थी और कुछ दिन पहले ही उसकी सर्विसिंग कराई गई थी। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। सूचना मिलने पर निरसा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। आग लगने के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर जाम लग गया था, जिसे बाद में सामान्य कराया गया। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। Source link

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पूर्व PM इंद्र कुमार गुजराल के बेटे से फ्रॉड, ₹78000000 ले उड़े...

होमताजा खबरDelhi पूर्व PM इंद्र कुमार गुजराल के बेटे से फ्रॉड, ₹78000000 ले उड़े जालसाज Last Updated:June 18, 2026, 12:51 IST Former PM Son Fraud Case: सरकार और पुलिस-प्रशासन की तरफ से साइबर फ्रॉड को लेकर लगातार जागरुकता अभियान चलाया जाता है. इसके बावजूद ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले सामने आते रहते हैं. एक बार फिर से साइबर फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया है. देश के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे और पूर्व सांसद नरेश कुमार गुजराल के साथ साइबर फ्रॉड किया गया है. (फाइल फोटो/PTI) Former PM Son Fraud Case: पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे और पूर्व सांसद नरेश कुमार गुजराल ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए हैं. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस के अनुसार, ठगों ने नरेश गुजराल की तस्वीर का इस्तेमाल कर उनके एक कर्मचारी को व्हाट्सएप पर संदेश भेजा और खुद को गुजराल बताकर बातचीत की. ठग ने कर्मचारी से कहा कि वे एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त हैं और तत्काल एक बैंक खाते में आरटीजीएस (RTGS) के जरिए रकम ट्रांसफर करनी है. भरोसा होने के कारण कर्मचारी ने निर्देशों का पालन किया, जिसके बाद करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

झारखंड

जांच में आतंकी साजिश का खुलासा, दो महीने से रची जा रही...

Last Updated:June 18, 2026, 12:33 IST रांची में RSS ऑफिस पर पेट्रोल बम हमले को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं. पुलिस को आतंकी संगठन से तार जुड़ने के सबूत मिले हैं. इस मामले में आरोपियों ने वीडियो बनाकर भेजने की साजिश कबूली है. फिलहाल ऑफिस के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. ऑफिस पर रात में हुआ था हमला रांची: झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के ऑफिस पर हुए पेट्रोल बम हमले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया है कि यह कोई सामान्य आपराधिक घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक बड़ी साजिश रची गई थी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक हमले के तार एक आतंकी संगठन से जुड़े लोगों तक पहुंच रहे हैं. जानकारी के मुताबिक निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय को निशाना बनाने की योजना करीब दो महीने से बनाई जा रही थी. आरोपियों ने हमले की पूरी तैयारी पहले से कर रखी थी. घटना को अंजाम देने के बाद उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया था. इतना ही नहीं, हमले के बाद यह वीडियो एक अन्य व्यक्ति को भेजा गया था. रात को पेट्रोल बम से हमलाबताया जा रहा है कि देर रात एक कार में सवार दो लोग RSS कार्यालय के पास पहुंचे. इसके बाद उन्होंने कार्यालय की ओर पेट्रोल बम फेंका और मौके से फरार हो गए. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. सदर डीएसपी समेत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. घटनास्थल की जांच की गई और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए. जांच में अब तक क्या क्या मिला? जांच के दौरान पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया. पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने हमले की साजिश, उसकी तैयारी और वीडियो बनाने की बात कबूल की है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे. फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस घटना के बाद रांची समेत राज्य के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. About the Author Manish Kumar मनीष कुमार इस समय न्यूज18 हिंदी में बिहार, झारखंड और दिल्ली की टीम को लीड कर रहे हैं. इन राज्यों की बड़ी खबरों से लेकर खास फीचर स्टोरी तक, उनकी नजर हर अहम मुद्दे पर रहती है. उनका मुख्य उद्देश्य है कि हर जरूरी ख…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

रांची RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला:बम हमले में शामिल दोनों आरोपी...

रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना को अंजाम देने के बाद फरार हुए दोनों आरोपियों को एसआईटी ने बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, आरोपी स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस से भागने की कोशिश कर रहे थे। पहले उन्हें कोडरमा जंक्शन पर चिन्हित किया गया, लेकिन तब तक ट्रेन खुल चुकी थी। इसके बाद पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए गया जिले के रफीगंज स्टेशन पर ट्रेन रुकवाकर दोनों को उतारा और हिरासत में लिया। फिलहाल पुलिस दोनों से गहन पूछताछ कर रही है, जिससे मामले में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। देर रात पेट्रोल बम से हमला, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात यह पूरी घटना मंगलवार देर रात करीब 12:30 बजे की है। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, दो युवक कार से कार्यालय के पास पहुंचे और कुछ दूरी पर वाहन खड़ा कर दिया। इसके बाद वे पैदल कार्यालय परिसर तक आए और पेट्रोल से भरी कांच की बोतलों में आग लगाकर उन्हें अंदर फेंक दिया। पहली बोतल रात 12:38 बजे फेंकी गई, जबकि करीब एक मिनट बाद दूसरी बोतल भी फेंकी गई। एक बोतल छत पर गिरकर टूट गई, जिससे पेट्रोल फैल गया और आग की लपटें उठीं, लेकिन आसपास ज्वलनशील सामग्री नहीं होने के कारण आग खुद ही बुझ गई। दूसरी बोतल प्रवेश द्वार के पास गिरी, लेकिन उसमें आग नहीं लगी। बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही आरएसएस कार्यकर्ता और भाजपा नेता मौके पर पहुंच गए, वहीं पुलिस-प्रशासन भी सक्रिय हो गया। एनआईए और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की गंभीरता को देखते हुए दोपहर करीब तीन बजे एनआईए की तीन सदस्यीय टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने बंद कमरे में प्रांत प्रचारकों के साथ बैठक की और फिर घटनास्थल का निरीक्षण किया। छत पर जाकर टूटे हुए बोतलों के टुकड़ों की जांच की गई और नमूने एकत्र किए गए। करीब 3:50 बजे टीम वहां से लौट गई, हालांकि आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। इधर, नेता प्रतिपक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता भी कार्यालय पहुंचे और घटना की जानकारी ली। वहीं, बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने भी मौके से अहम साक्ष्य जुटाए हैं। घटना के समय दफ्तर में थे 20 लोग मौजूद संघ की ओर से इस मामले में चुटिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। शिकायत के अनुसार, घटना के समय कार्यालय परिसर में करीब 20 लोग मौजूद थे, जिनमें प्रचारक, विद्यार्थी, चालक, रसोइया और अन्य कर्मचारी शामिल थे। सभी अपने कमरों में सो रहे थे। धमाके की आवाज से उनकी नींद खुली, लेकिन तत्काल कुछ समझ नहीं आया। सुबह करीब पांच बजे छत पर जाने के दौरान हमले का पता चला। संघ के एक प्रचारक ने बताया कि यह कार्यालय 1990 से संचालित है। झारखंड में इस तरह का हमला पहली बार हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए कई टीमों का गठन किया है। दावा किया है कि पूरे घटनाक्रम का जल्द खुलासा किया जाएगा। Source link

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