भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Author name: scsmdos@gmail.com

ताज़ा खबर

मां तो मां है… बेटी का नाम आया तो व‍िधानसभा में फफक...

Last Updated:June 23, 2026, 23:21 IST बंगाल विधानसभा में सीएम सुवेंदु अधिकारी ने अभया केस में न्याय का वादा किया. जब सुवेंदु ये ऐलान कर रहे थे, तब आरजी कर की पीड़‍िता की मां के आंसू छलक पड़े. सुवेंदु ने बताया क‍ि तीन आईपीएस निलंबित कर द‍िए गए हैं.कोई भी नहीं बचेगा. बेटी को न्‍याय की बात हुई तो छलका आरजी कर पीड़‍िता की मां का दर्द. बंगाल व‍िधानसभा का माहौल उस वक्त अचानक बेहद भारी हो गया, जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आरजी कर की पीड़‍िता को इंसाफ दिलाने की हुंकार भरी. उनके शब्दों में गहरा दर्द और दृढ़ संकल्प था. उन्होंने बेहद भावुक होकर कहा कि बंगाल की जनता ने इस नई सरकार को अभया के आंसुओं का हिसाब मांगने के लिए चुना है.सीएम सुवेंदु के मुंह से बेटी के न्याय की बात सुनते ही वहां मौजूद पीड़िता की मां और विधायक रत्ना देवनाथ के सब्र का बांध टूट गया. भरी विधानसभा में उनकी सिसकियों ने हर किसी की आंखें नम कर दीं. अपने आंसुओं को पोंछते हुए उन्होंने रुंधे गले से कहा कि मैंने अपनी फूल सी बच्ची को हमेशा के लिए खो दिया है. जब सदन में मुख्यमंत्री ने इंसाफ का जिक्र किया, तो एक बेबस मां अपने जज्बातों को रोक नहीं पाईं. बेटी को खोने का दर्द और पिछली सरकार की बेरुखी उनकी आंखों से साफ छलक रही थी. रत्ना देवनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने सच्चाई दफन करने और गुनाहों पर पर्दा डालने की पूरी कोशिश की. तब कोई निष्पक्ष जांच नहीं हुई, बस एक मां की चीखों को अनसुना कर दिया गया. भले मेरी बच्ची अब कभी लौटकर नहीं आएगी, लेकिन अब मेरे इस घायल दिल को न्याय की आस है. देबनाथ ने बाद में कहा, मुझे उम्मीद है कि मेरी बेटी को न्याय मिलेगा। मैं यहां (विधानसभा में) सत्ता के लिए नहीं, बल्कि अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए आई हूं. BIG NEWS 🚨 BJP MLA Ratna Debnath breaks down in assembly. Highly emotional scene. CM Suvendu Adhikari assures justice in RG Kar Case. pic.twitter.com/9JabkPDr1m Source link

झारखंड

JT20 फाइनल में JSCA स्टेडियम के वेस्ट गेट पर भगदड़, कई घायल,...

Last Updated:June 23, 2026, 22:47 IST JSCA क्रिकेट स्टेडियम में JT20 के फाइनल मुकाबले को देखने के लिए अप्रत्याशित भीड़ उमड़ी. भीड़ के कारण स्टेडियम के वेस्ट गेट पर भगदड़ मच गई. इस भगदड़ में कई घायल हो गए. नाराज लोगों ने वेस्ट गेट पर जमकर हंगामा किया है. तीन घायलों को राज हॉस्पिटल भेजा गया. एक लड़का और दो लड़की राज हॉस्पिटल में एडमिट हैं. फोटो क्रेडिट: सोशल मीडिया रांची: JSCA क्रिकेट स्टेडियम में JT20 के फाइनल मुकाबले को देखने के लिए अप्रत्याशित भीड़ उमड़ी. भीड़ के कारण स्टेडियम के वेस्ट गेट पर भगदड़ मच गई. इस भगदड़ में कई घायल हो गए. नाराज लोगों ने वेस्ट गेट पर जमकर हंगामा किया है. तीन घायलों को राज हॉस्पिटल भेजा गया. एक लड़का और दो लड़की राज हॉस्पिटल में एडमिट हैं. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

धक्का-मुक्की शुरू हुई और हालात बेकाबू हो गए. पुलिस ने:गेट पर तोड़फोड़,...

रांची के JSCA अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में मंगलवार की शाम भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि JPL T20 फाइनल मैच के दौरान भारी भीड़ जुट गई थी। मैच देखने के लिए क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम पहुंच गए, इससे पश्चिमी गेट पर भीड़ अधिक होने से अफरा-तफरी मच गई। इससे धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई थी। इसमें कई लोगों के घायल होने की सूचना है। वहीं, कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं। दोपहर से ही जुटने लगी थी भीड़ बताया जा रहा है कि फाइनल मैच को लेकर दोपहर से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। मैच शुरू होने से पहले पश्चिमी गेट पर सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच गए। सुरक्षा में तैनात जवान धीरे-धीरे जांच कर लोगों को प्रवेश की अनुमति दे रहे थे। इससे गेट पर लंबी लाइन खड़ी हो गई। इससे पीछे से लगातार बढ़ते भीड़ के दबाव के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। Source link

झारखंड

आनंद मार्ग स्कूल में योग पर चर्चा और कीर्तन

धालभूमगढ़| घाटशीला के प्रेम नगर स्थित आनंद मार्ग स्कूल में योग के महत्व पर विशेष चर्चा और कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में अवधूतिका आनंद ऊशासी आचार्य ने मौजूद लोगों और विद्यार्थियों के साथ योग के अलग-अलग पहलुओं पर बात की। कार्यक्रम में योग की परिभाषा और उद्देश्यों की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने दार्शनिकों के मतों का जिक्र किया। बताया गया कि योग सिर्फ शारीरिक अभ्यास नहीं है। यह मन और आत्मा का जुड़ाव है। एक मत में योग को चित्त की वृत्तियों के निरोध के रूप में बताया गया। दूसरे मत में सर्व चिंताओं का त्याग को वास्तविक योग कहा गया। तार्किक व्याख्या में संयोग योग इत्युक्त: जीवात्मा-परमात्मनः का अर्थ समझाया गया। बताया गया कि जीवात्मा का परमात्मा से मिलन ही योग है। यह अचेतन मन को चेतन मन से जोड़कर आत्मिक उन्नति की प्रक्रिया है। कार्यक्रम में योग के लाभ और इसके वैज्ञानिक आधार पर चर्चा हुई। योग साधना के दौरान मन को एकाग्र करने की विधियां बताई गईं। Source link

ताज़ा खबर

टीएमसी के चुनाव च‍िह्न पर बागी गुट ने ठोका दावा, चुनाव आयोग...

होमताजा खबरदेश TMC के चुनाव च‍िह्न पर बागी गुट ने ठोका दावा, EC को 11 पन्‍नों में सौंपे सबूत Last Updated:June 23, 2026, 21:27 IST ऋतब्रत बनर्जी गुट ने चुनाव आयोग में दावा किया कि वही असली TMC हैं. उन्‍होंने चुनाव आयोग से पार्टी नाम और सिंबल पर हक मांगा. ममता गुट और BJP ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी. बागी गुट ने टीएमसी के स‍िंबल पर ठोका दावा. ममता बनर्जी से बगावत करने वाले नेताओं ने अब पूरी टीएमसी पर ही दावा ठोक द‍िया है. ऋतब्रता बनर्जी की लीडरश‍िप में नेताओं का एक प्रत‍िन‍िध‍िमंडल मंगलवार को चुनाव आयोग से म‍िला और मुख्‍य न‍िर्वाचन अध‍िकारी को 11 पन्‍नों में सबूत सौंपे. बागी गुट ने बताया क‍ि वही असली टीएमसी हैं. इस तरह पार्टी के नाम और चुनाव च‍िह्न पर उन्‍हीं का हक है. उन्‍होंने पार्टी दफ्तर का नया पता और नेशनल वर्किंग कमेटी में क‍िसे क्‍या पद द‍िया गया है, उसकी जानकारी भी चुनाव आयोग को सौंपी. उधर इस घटनाक्रम के बीच अभ‍िषेक बनर्जी ममता बनर्जी से म‍िलने उनके घर पहुंचे हैं. आयोग के सूत्रों के अनुसार, बागी गुट ने बताया क‍ि टीएमसी के नए कार्यालय का पता 2031, राजडांगा मेन रोड, जीए-124, तीसरी मंजिल, कोलकाता-107 है. ऋतब्रता बनर्जी ने ये भी बताया क‍ि यह स्‍थायी पता नहीं है. हम नए हेडक्‍वार्टर के ल‍िए जगह की तलाश कर रहे हैं. जैसे ही वह जगह मिल जाएगी, हम उस पर न‍िर्माण शुरू करेंगे. बागी गुट ने बताया क‍ि नेशनल वर्किंग कमेटी ने पार्टी के कार्यवाहक अध्‍यक्ष, महासच‍िव, कोषाध्‍यक्ष जैसे अहम पदों पर नई न‍ियुक्‍त‍ियां की हैं. उन्‍होंने सभी पदाध‍िकार‍ियों के नाम भी सौंपे. पत्र में यह भी कहा गया है कि अगर पार्टी के भीतर कोई वित्तीय अनियमितता हुई है, तो एक ऑड‍िटर इसकी जांच करेगा. चुनाव आयोग से म‍िलने के बाद ऋतब्रता बनर्जी ने कहा, कल ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का जो स्पेशल सेशन हुआ है उसके बाद जो NCW का गठन हुआ, ऑल इंडिया चेयरपर्सन का चुनाव हुआ तो ये जब भी होता है तो चुनाव आयोग को सूचना देना पड़ता है तो एक रूटीन प्रक्रिया थी दिल्ली में हम लोग सूचना दे चुके हैं आज हम लोग यहां पर भी आए हुए थे कि कल क्या हुआ… ममता की पार्टी ने क्‍या कहाममता गुट के नेता कुणाल घोष ने कहा, हम सबको दोष नहीं देते हैं चुनाव को डेढ़-दो महीने हुए हैं वो अगर TMC हैं तो उनके नॉमिनेशन के साथ एक फॉर्म A और फॉर्म B जमा किया गया है उसमें ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का साइन है. उस साइन से ये साबित होता है कि वो लोग TMC के हैं और उस सिंबल के हकदार हैं. जिनके साइन से वो सब विधायक बने और आज बोल रहे हैं कि वो असली हैं . तो जनता देख रही है उन्हें जवाब मिल जाएगा. बीजेपी ने कसा तंजBJP नेता शिशिर बजोरिया ने कहा, जो वास्तव है कि न रहा तृण न रहा मूल, पूरे बंगाल में यहां की जनता ने जो प्रचंड वोट दिया है उसमें केवल कमल का फूल खड़ा रहा. देखते ही देखते कुछ दिनों में जो पार्टी 15 साल से यहां पर शासक थी जो (ममता बनर्जी) पीएम बनने का सपना देख रही थीं वो आज कहां से कहां पहुंच गईं. तो यही असलियत है. इतने दिन आप चोरी करके जीते और जिस दिन यहां पर जनता सही मायने में वोट दी तो सारा खेल खत्म हो गया। वो केवल हारी ही नहीं बल्कि पार्टी चूर-चूर हो गया. About the Author Gyanendra Mishra Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kolkata,West Bengal Source link

झारखंड

कब्ज से परेशान हैं तो रोज सुबह खाएं जौ का दलिया, जानें...

X कब्ज से परेशान हैं तो रोज सुबह खाएं जौ का दलिया, जानें इसकी आसान रेसिपी   झारखंड के आदिवासी इलाकों में जौ का दलिया सुबह के नाश्ते का अहम हिस्सा माना जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जौ का दलिया प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और पाचन भी बेहतर होता है. स्थानीय निवासी दिनेश उरांव बताते हैं कि गांवों में लोग जौ का दलिया खाकर दिन की शुरुआत करते हैं. उनका मानना है कि यह कब्ज की समस्या से राहत दिलाने के साथ-साथ वजन को नियंत्रित रखने में भी मदद करता है. जौ का दलिया बनाने के लिए सबसे पहले कद्दू, लौकी, कुंदरू या घर में उपलब्ध अन्य सब्जियों को काट लें. इसके साथ प्याज और हरी मिर्च भी तैयार कर लें. कड़ाही में थोड़ा तेल गर्म कर सभी सब्जियों को भून लें. इसके बाद हल्दी, नमक और थोड़ा धनिया पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें जौ का दलिया डालकर कुछ मिनट तक भूनें. फिर करीब दो गिलास पानी डालकर धीमी आंच पर 15 मिनट तक पकाएं. दलिया तैयार होने पर इसे गर्मागर्म परोसें. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

धालभूमगढ़: कृषि में सुधार और किसानों के सशक्तीकरण को लेकर हुई विशेष...

धालभूमगढ़| रावताड़ा पंचायत भवन में सोमवार को कृषि सुधार और किसानों के सशक्तीकरण को लेकर बैठक हुई। बैठक में बीडीओ बबली कुमारी, प्रखंड प्रमुख देवला हांसदा, एलडीएम संजीव कुमार चौधरी, मुखिया अर्जुन मांडी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी पीयूष कुमार मंडल मौजूद रहे। बैठक में ‘खेती बचाओ, केसीसी लोन’ अभियान पर जानकारी दी गई। ‘कृषिका ऐप’ की उपयोगिता भी बताई गई। अधिकारियों ने किसानों को सरकार की ओर से चल रही कृषि योजनाओं की जानकारी दी। एलडीएम संजीव कुमार चौधरी ने किसान क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले सस्ते ऋण और उसके लाभ बताए। समय पर ऋण भुगतान करने की अपील की। प्रखंड कृषि पदाधिकारी पीयूष कुमार मंडल ने किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए ‘कृषिका ऐप’ के इस्तेमाल पर जोर दिया। कहा कि किसान घर बैठे कृषि से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं। सरकारी लाभ भी पा सकते हैं। बैठक के दौरान कई किसानों ने नए केसीसी लोन के लिए आवेदन जमा किए। संबंधित अधिकारियों ने आवेदनों का सत्यापन किया। मौके पर बैंक प्रबंधन, साख फाउंडेशन के सीएफ इंचार्ज, किसान मित्र, किसान मौजूद रहे। Source link

झारखंड

मोहनपुर में अवैध आग्नेयास्त्र के साथ युवक हुआ गिरफ्तार, अदालत में पेश

भास्कर न्यूज | खड़गपुर पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली । गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मोहनपुर थाना पुलिस ने एक युवक को अवैध आग्नेयास्त्र के साथ गिरफ्तार किया। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार युवक की पहचान मुन्ना खान के रूप में हुई है। वह मोहनपुर थाना क्षेत्र के जेनकापुर गांव का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि मुन्ना खान के घर में अवैध रूप से एक हथियार रखा गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए मोहनपुर थाना पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया और जेनकापुर स्थित उसके घर पर छापेमारी अभियान चलाया। पुलिस की टीम जब मुन्ना खान के घर पहुंची, तो पूरे इलाके में हलचल मच गई। पुलिस ने घर की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान घर से एक अवैध आग्नेयास्त्र बरामद किया गया। हथियार बरामद होते ही पुलिस ने मुन्ना खान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और बाद में उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद हथियार आरोपी के पास कैसे पहुंचा। जांच अधिकारी यह भी खंगाल रहे हैं कि कहीं आरोपी किसी आपराधिक गिरोह से जुड़ा तो नहीं है। इसके अलावा, यह भी जांच की जा रही है कि हथियार को कहां से खरीदा गया था, क्या इसका इस्तेमाल किसी आपराधिक घटना में किया गया है और इस मामले में अन्य लोगों की भी संलिप्तता है या नहीं। सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस इस पूरे मामले के पीछे किसी बड़े नेटवर्क की संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है। इसी वजह से मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी मुन्ना खान को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दांतन अदालत में पेश किया गया। Source link

ताज़ा खबर

भारत के सबसे जरूरी सेक्‍टर पर हावी है चीन! वहीं से आता...

Last Updated:June 23, 2026, 20:43 IST Pharma Sector : भारत का फार्मा सेक्‍टर काफी तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन परेशानी यह है कि देश में आज भी दवा बनाने के लिए कच्‍चे माल की 65 फीसदी आपूर्ति चीन से होती है. नीति आयोग ने इतनी ज्‍यादा निर्भरता पर चिंता जताई है. आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि भारत जेनरिक दवाओं में अच्‍छा काम कर रहा है, लेकिन उसकी चिंता एपीआई का एक ही स्रोत से ज्‍यादातर आयात होता है. भारत का दवा सेक्‍टर पूरी तरह चीन से आयात पर निर्भर है. नई दिल्‍ली. किसी भी देश के लिए दो सबसे जरूरी चीजें होती हैं. पहली शिक्षा और दूसरी स्‍वास्‍थ्‍य. जाहिर है कि अगर इनमें से किसी भी सेक्‍टर पर सबसे ज्‍यादा असर किसी एक ही देश का हो तो बात चिंता करने वाली है. इसी चिंता को नीति आयोग ने भी जाहिर किया है. आयोग ने कहा है कि भारत की औषधि आपूर्ति श्रृंखला जरूरी रसायन यानी कच्चे माल (एपीआई) और मुख्य शुरुआती सामग्री के लिए चीन से होने वाले आयात पर बहुत अधिक निर्भर है. यह बात चिंताजनक है. आयोग ने व्यापार पर जारी तिमाही रिपोर्ट में यह भी कहा कि पर्यावरण से जुड़े नियमों का पालन करने की बढ़ती जरूरतों के कारण भारत में विनिर्माण और अनुसंधान एवं विकास की लागत काफी बढ़ गई है. नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत की औषधि आपूर्ति श्रृंखला प्रमुख रसायन, मुख्य शुरुआती सामग्री और अन्य जरूरी उत्पादों के लिए चीन से होने वाले आयात पर बहुत अधिक निर्भर है. इन वस्तुओं के आयात में चीन की 65 फीसदी हिस्सेदारी है. यह भारत के सबसे जरूरी सेक्‍टर के लिए चिंताजनक है. तकनीक पर करना होगा कामनीति आयोग ने बताया कि कमजोर नवोन्मेष और वाणिज्यिक परिवेश ने नवोन्मेषकों और लंबे समय के निवेश के लिए अनिश्चितता पैदा कर दी है. इसमें अधिक मूल्य वाले औषधि खंड में विविधता लाने पर जोर दिया गया. रिपोर्ट में पेटेंट वाणिज्यिकरण, अनुसंधान सहयोग और स्टार्टअप ‘इनक्यूबेशन’ को तेजी देने के लिए नियामकीय पारदर्शिता बढ़ाने और उद्योग और शिक्षा क्षेत्र के बीच मजबूत प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की भी बात कही गई है. दुनिया का दवाखाना है भारतरिपोर्ट जारी करते हुए नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि भारत को दुनिया का दवाखाना माना जाता है. फिलहाल नीति आयोग ने पाया है कि भले ही हम औषधि क्षेत्र में मात्रा के मामले में अच्छा कर रहे हैं, लेकिन हमें मूल्य श्रृंखला में ऊपर जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की कुछ साख है और उन्हें कोई कारण नहीं दिखता कि अगर भारतीय औषधि कंपनियां अच्छी गुणवत्ता और सही कीमत वाले ब्रांडेड उत्पाद लाती हैं, तो वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी जगह क्यों नहीं बना सकतीं. जेनरिक दवाओं का बड़ा सप्‍लायरभारत सस्ती जेनेरिक दवाओं (मात्रा के हिसाब से) का एक बड़ा आपूर्तिकता है, जो अफ्रीका की लगभग 50 फीसदी, अमेरिका की 40 फीसदी और ब्रिटेन की 25 फीसदी जेनेरिक दवाओं की जरूरतें पूरी करता है. बीते वर्ष वैश्विक औषधि बाजार की मांग 1,300 अरब डॉलर थी. इसमें 1,020 अरब डॉलर के औषधि और 261 अरब डॉलर के एपीआई यानी मुख्य रसायन शामिल थे. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

झारखंड

कम पानी में ज्यादा सिंचाई, स्प्रिंकलर विधि से होगी 60 प्रतिशत पानी...

होमताजा खबरकृषि कम पानी में ज्यादा सिंचाई, स्प्रिंकलर विधि पर सरकार दे रही 90% सब्सिडी Last Updated:June 23, 2026, 09:16 IST Jharkhand Sprinkler Irrigation Subsidy: झारखंड के पलामू समेत सूखा प्रभावित इलाकों में स्प्रिंकलर से सिंचाई करना एक बेहतरीन विकल्प है क्योंकि इससे 60 प्रतिशत तक कम पानी लगता है. श्रम और समय की बचत होती है और सरकार इस पर 90 परसेंट तक सब्सिडी दे रही है. ख़बरें फटाफट पलामू. झारखंड राज्य के अंतर्गत पलामू जिला समेत राज्य के अधिकांश इलाके आज भी वर्षा आधारित कृषि पर निर्भर हैं. वहीं, खरीफ सीजन की शुरुआत हो चुकी है. विशेष रूप से पलामू का क्षेत्र सूखा प्रभावित और कम वर्षा वाला माना जाता है. यहां के किसान दलहन, तिलहन, सब्जी और दूसरी फसलों की खेती में पारंपरिक सतही सिंचाई पद्धति का उपयोग करते हैं, जिसमें पानी की अधिक खपत होती है और समय व श्रम भी ज्यादा लगता है. बदलते दौर में किसानों को मौसम और लगातार घटते भूजल स्तर को देखते हुए अब आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाना बेहद जरूरी है. जल संकट के बीच उपयोगी तकनीकजिला कृषि विज्ञान केंद्र, पलामू के विनोद पांडे ने लोकल 18 को बताया कि देश के कई राज्यों, जैसे झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में पानी की कमी गंभीर चुनौती बनी हुई है. झारखंड का अधिकांश भाग पठारी क्षेत्र होने के कारण यहां भूजल स्तर अपेक्षाकृत नीचे रहता है. ऐसे में किसानों को खेती के लिए उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना जरूरी हो जाता है. इसमें स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई करने में सक्षम है और जल संरक्षण का प्रभावी माध्यम बन सकती है. 60 प्रतिशत तक पानी की होगी बचतवे आगे कहते हैं कि स्प्रिंकलर प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें सतही सिंचाई की तुलना में करीब 60 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है. इसमें पाइप और नोजल के माध्यम से फसलों पर वर्षा जैसी सिंचाई की जाती है, जिससे पानी का समान वितरण होता है. इससे खेत में जलभराव की समस्या भी नहीं होती और पौधों को जरूरी मात्रा में नमी और पानी मिलता है. धान को छोड़कर लगभग सभी फसलों में इसका सफल उपयोग किया जा सकता है. समय और मजदूरी दोनों की बचतपारंपरिक सिंचाई में किसानों को तीन से चार मजदूरों की जरूरत पड़ती है और पूरे खेत की सिंचाई में काफी समय लगता है. वहीं, स्प्रिंकलर प्रणाली के माध्यम से लगभग आधे घंटे में एक एकड़ भूमि की सिंचाई संभव है. इससे किसानों का समय बचता है, श्रम लागत कम होती है और सिंचाई का काम अधिक सुविधाजनक बन जाता है. किसान केवल यह सुनिश्चित करें कि सभी पाइप और नोजल से पानी का प्रवाह सही तरीके से हो रहा हो. 90 प्रतिशत अनुदान का लाभसरकार किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली पर किसानों को 90 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है. जिन किसानों के पास तालाब, कुआं, आहर, चेकडैम या बोरिंग जैसी जल स्रोत सुविधाएं हैं, वे इस योजना का लाभ लेकर कम पानी में बेहतर खेती कर सकते हैं. अधिक जानकारी और आवेदन के लिए किसान अपने संबंधित जिला कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. इस योजना का लाभ ले सकते हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

Scroll to Top