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कोई भी सड़क मुगलों-पठानों के नाम पर नहीं होगी, सुवेंदु अध‍िकारी का...

होमताजा खबरदेश कोई भी सड़क मुगलों-पठानों के नाम पर नहीं होगी, सुवेंदु अध‍िकारी का ऐलान Last Updated:June 23, 2026, 23:28 IST बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मुगल, पठान और अत्याचारी ब्रिटिश शासकों के नाम वाली सड़कों के नाम बदलने की घोषणा की. सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलने पर व‍िपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है. बंगाल के सीएम सुवेंदु अध‍िकारी. कोलकाता. बंगाल में अब किसी भी सड़क या इलाके का नाम मुगलों, पठानों या अत्याचारी ब्रिटिश शासकों के नाम पर नहीं होगा, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को यह ऐलान क‍िया. उन्‍होंने कहा, हमने एक कमेटी बना दी है, जो इन सड़कों की समीक्षा कर रही है, जहां भी हमें गलती द‍िखेगी, हम उसे बदलेंगे. कोलकाता नगर निगम ने पार्क सर्कस इलाके की प्रमुख सड़क सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड कर दिया है. इस पर व‍िपक्ष सवाल खड़े कर रहा है. व‍िपक्ष का कहना है क‍ि इत‍िहास के साथ छेड़छाड़ की जा रही है. विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलने पर सवाल उठाए और कहा कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ हो रही है. उन्होंने कहा कि सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री हुसैन शहीद सुहरावर्दी के नाम पर नहीं, बल्कि उनके दादा मौलाना ओबैदुल्ला सुहरावर्दी के नाम पर रखा गया था. यह सड़क 1932 में प्रसिद्ध चिकित्सक और कोलकाता विश्वविद्यालय के पहले मुस्लिम कुलपति सर हसन सुहरावर्दी के नाम पर रखी गई थी, जो हुसैन शहीद सुहरावर्दी के चाचा थे. नामकरण तत्कालीन कलकत्ता इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने किया था. कमेटी में कौन कौन शाम‍िल सुवेंदु अधिकारी ने बनर्जी के दावे का जवाब ऐतिहासिक संदर्भों के साथ दिया और कहा कि कोलकाता की सड़कों के नाम में अब कोई मुगल या पठान नाम नहीं रहेगा. उन्होंने कहा, सुहरावर्दी नाम नहीं रहेगा. कोलकाता में कोई मुगल, पठान या अत्याचारी ब्रिटिश नाम नहीं रहेगा. उन्होंने सड़कों और सार्वजनिक स्थानों के नामों की समीक्षा के लिए समिति बनाने की घोषणा की. अधिकारी ने बताया कि यह समिति स्वामी प्रदीप्तानंद की अध्यक्षता में बनेगी और लोग इसमें सुझाव दे सकते हैं. अब सिर्फ असली देशभक्तों के नाम पर ही सड़कों के नाम रखे जाएंगे. सिस्‍टर न‍िवेद‍िता का नाम भी बदल देंगे क्‍या? सुवेंदु अध‍िकारी ने कहा, सिस्टर निवेदिता को छोड़कर कोई विदेशी नाम नहीं रहेगा. अगर एपीजे अब्दुल कलाम जैसे असली देशभक्त हैं तो हमें जानकारी दें, राज्य सरकार उनका सम्मान करेगी. आप बंगाली संस्कृति और गर्व को मिटा नहीं सकते. हालांकि अधिकारी ने सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलने को ‘ऐतिहासिक गलती सुधारने’ की दिशा में कदम बताया है, लेकिन इससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और जयराम रमेश के साथ-साथ सीपीआई(एम) ने भाजपा शासित राज्य सरकार पर ऐतिहासिक तथ्यों की अनदेखी का आरोप लगाया है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kolkata,West Bengal Source link

झारखंड

नावाडीह में बकरी चराने गए बुजुर्ग की ठनका गिरने से मौत

भास्कर न्यूज | विष्णुगढ़ विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत नरकी पंचायत के टोला नावाडीह में सोमवार को वज्रपात (ठनका) गिरने से एक 70 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान स्थानीय निवासी सोमर महतो उर्फ गोवर्धन महतो (70 वर्ष) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर को सोमर उर्फ गोवर्धन महतो रोजाना की तरह अपनी बकरियों को खोलकर घर से चराने के लिए निकले थे। इसी दौरान मौसम खराब हो गया। अचानक तेज गर्जना के साथ आसमानी बिजली (ठनका) गिर गई। इसकी चपेट में आने से गोवर्धन महतो गंभीर रूप से झुलस गए। वह वहीं अचेत होकर गिर पड़े। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। आनन-फानन में ग्रामीणों ने उन्हें इलाज के लिए स्थानीय चिकित्सक के पास ले जाने का प्रयास किया। दुर्भाग्यवश डॉक्टर तक पहुंचने से पहले ही उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया। चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। Source link

झारखंड

कजरी की महिलाएं स्वरोजगार कर लाल सोने की चमक से लिख रही...

. हजारीबाग जिले के चुरचू प्रखंड का कजरी गांव आज महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन गया है। जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर और प्रखंड मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव लाह उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। चुरचू और डाड़ी प्रखंड के 26 से अधिक गांवों जिनमें कजरी, बाली, चनारो, लशोध, करगी, दासोखाप, कुरकुट्टा, कुर्रा, खपिया, कनकी, होन्हेमोढ़ा और चैनपुर शामिल हैं। लाह उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जाता है। लाह का उत्पादन वर्ष में दो बार होता है। जुलाई महीने में कुसुम, बेर और सेमियालता के पेड़ों पर, जबकि जनवरी में मुख्यतः कुसुम के पेड़ पर लाह का उत्पादन किया जाता है। किसान 5 किलो से लेकर 300 किलो तक लाह का उत्पादन करते हैं और इससे मिलने वाला तैयार लाह छह गुना तक बढ़कर प्राप्त होता है। वर्तमान में सपोर्ट संस्था से जुड़ी लगभग एक हजार महिला किसान कुसुमी और रंगीनी लाह का उत्पादन कर हर साल 2 से 3 लाख रुपये तक की आमदनी कर रही हैं। लाह से बने उत्पादों की देशभर में अच्छी मांग है। यहां की महिलाओं द्वारा लाह की चूड़ियां, बाला, कैप्सूल, लिपस्टिक, लकड़ी पर पुताई के रंग, सिल, मूर्तियों पर चमक बढ़ाने वाली परत समेत कई आकर्षक वस्तुएं तैयार की जाती हैं। संस्था के चूड़ी सेंटर में गरम लाह के बाला, ठंडा लाह की चूड़ियां, गणेश–लक्ष्मी की मूर्तियां, पेन स्टैंड, पेपर वेट, फोटो फ्रेम और दिवाली लैंप जैसे हस्तशिल्प उत्पाद बनाए जाते हैं। यहां तैयार उत्पादों की थोक बिक्री रांची, जमशेदपुर (जुगसलाई), हजारीबाग, ओडिशा के संबलपुर, बरगढ़ और टीटलागढ़ तक होती है। साथ ही नाबार्ड और सरकारी विभागों द्वारा आयोजित मेलों रांची के मोरहाबादी मैदान और पटना गांधी मैदान में भी इन उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की जाती है। देशभर में लाह की चुड़ियों की अच्छी मांग Source link

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ईरान संकट में जब दुनिया परेशान थी तो कैसे बच गया भारत?...

Last Updated:June 23, 2026, 23:42 IST Indias Energy Sector : भारत के ऊर्जा सेक्‍टर ने दिखा दिया कि ईरान संकट के बीच जब दुनिया परेशान थी तो भी यहां ज्‍यादा असर नहीं दिखा. ग्‍लोबल परामर्श एजेंसी एसएंडपी ने बताया कि एनर्जी सेक्‍टर में भारत ने खुद को मजबूत स्थिति में लाने के लिए डाईवर्सिफिकेशन पर खासा काम किया है. ईरान युद्ध के समय भी भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर दिखाया. नई दिल्‍ली. अमेरिका और ईरान युद्ध के समय जब पूरी दुनिया परेशान थी और तेल-गैस संकट से जूझ रही थी तो भी भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर इसका ज्‍यादा असर नहीं दिखा. यह सवाल हर किसी के मन में आता है कि आखिर कैसे इतने बड़े संकट के बीच सरकार ने स्थिति को संभाला. अब ग्‍लोबल एजेंसी एसएंडपी के विशेषज्ञों ने खुलासा किया है कि खतरा देखकर मोदी सरकार ने कौन से मास्‍टर स्‍ट्रोक चले, जिससे आर्थिक जोखिम के असर को बेहद कमजोर बना दिया गया. एसएंडपी ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत ने एलएनजी और अन्य ईंधन की खरीद के लिए विभिन्न स्रोतों का इस्तेमाल किया जिससे उसे संकट से निपटने में मदद मिली. विशेषज्ञों के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आवाजाही बंद होने से वैश्विक एलएनजी आपूर्ति करीब 17 फीसदी बाधित हुई. हालांकि, विश्व के चौथे सबसे बड़े एलएनजी खरीदार भारत के ओमान, अमेरिका, नाइजीरिया और अंगोला को शामिल कर आपूर्ति स्रोतों का सफलतापूर्वक विस्तार करने से एलएनजी आयात पर न्यूनतम प्रभाव पड़ा. इससे अप्रैल और मई, 2026 में सालाना आधार पर इसमें क्रमश: 5 फीसदी और 2 फीसदी की ही कमी आई. फिर मजबूत होगा भारतएसएंडपी की इकाई एसएंडपी ग्लोबल एनर्जी ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते के साथ होर्मुज के दोबारा खुलने से ऊर्जा के प्रवाह में सुधार और बाजार की धारणा मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है. हालांकि, बाजार के सामान्य होने और रणनीतिक भंडार के स्तर को फिर से भरने में समय लगेगा. ये घटनाक्रम बताता है कि डाईवर्सिफाई सप्‍लाई चेन, मजबूत बुनियादी ढांचा और रणनीतिक स्रोत तक पहुंच महत्वपूर्ण हैं. खोज एवं उत्पादन बाजार, एलएनजी व्यापार एवं समुद्री लॉजिस्टिक के क्षेत्र में बदलती भू-राजनीतिक वास्तविकताओं के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता ही लंबे समय की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात बनकर उभरी है. भारत के बाजार ने दिखाई मजबूतीशोध और परामर्श सेवाएं देने वाली एसएंडपी ग्लोबल एनर्जी ने कहा कि भारत के एलएनजी समेत ईंधन बाजार ने मजबूती दिखाई है. होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक एलएनजी आपूर्ति करीब 17 फीसदी बाधित हुई. हालांकि, विश्व के चौथे सबसे बड़े एलएनजी खरीदार भारत ने उल्लेखनीय मजबूती दिखाई. ओमान, अमेरिका, नाइजीरिया और अंगोला को शामिल कर आपूर्ति स्रोतों का सफलतापूर्वक विस्तार करने से भारत के एलएनजी आयात पर न्यूनतम प्रभाव पड़ा है. इसी तरह, भारत ने कच्चे तेल के मामले में रूस के अलावा वेनेजुएला और अमेरिका समेत अन्य देशों से भी खरीद की है. भविष्‍य के लिए भी तैयार हो रहा भारतएसएंडपी ग्लोबल एनर्जी के प्रधान शोध विश्लेषक जोहान उतामा ने कहा कि भविष्य में आने वाली रुकावटों को कम करने के लिए भारत एलएनजी खरीद के अलग-अलग तरीकों में से कुछ को बनाए रखेगा जिससे उसकी लंबी अवधि की खरीद रणनीतियों पर सकारात्मक असर पड़ सकता है. होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बंद होने के कारण खाड़ी क्षेत्र में तरल ईंधन उत्पादन में प्रतिदिन 1.5 करोड़ बैरल की कमी आई. हालांकि, चीन और जापान द्वारा कच्चे तेल का आयात तेजी से घटाने और अमेरिका से अधिक निर्यात सहित आक्रामक भंडार और वैश्विक स्तर पर मांग प्रबंधन के कारण कीमत में उतार-चढ़ाव आश्चर्यजनक ढंग से सीमित रहा. होर्मुज बंद होना इतिहास की सबसे बड़ी बाधाएसएंडपी ग्लोबल एनर्जी के उपाध्यक्ष एवं शोध प्रमुख (तेल बाजार, ऊर्जा एवं मोबिलिटी) जिम बुरखर्द ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रभावी तौर पर बंद होना, इतिहास में तेल आपूर्ति में सबसे बड़ी बाधा थी. यह बाधा अब भी है लेकिन कीमतों की सीमित प्रतिक्रिया सबसे आश्चर्य में डालने वाली है. यदि होर्मुज और खाड़ी क्षेत्र से तेल की आपूर्ति और उत्पादन में सुधार होता भी है तो इसमें समय लगेगा और जून-जुलाई तक दुनियाभर में तेल भंडार में कमी बनी रहेगी. इसका मतलब है कि भंडार के और निचले स्तर पर आने से कीमतें बढ़ने का दबाव लौट सकता है. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

झारखंड

28 candidates contested for seven posts, 1073 soldiers cast their votes.

. गढ़वा जिला पुलिस मेंस एसोसिएशन का बहुप्रतीक्षित चुनाव सोमवार को कड़े सुरक्षा और शांतिपूर्ण वातावरण के बीच संपन्न हो गया। पुलिस लाइन परिसर में बनाए गए मतदान केंद्र पर सुबह से ही जबरदस्त उत्साह देखा गया। जिले के विभिन्न थानों, ओपी, पुलिस लाइन और अन्य तकनीकी इकाइयों में तैनात पुलिस जवानों ने कतारों में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। एसोसिएशन के कुल 7 महत्वपूर्ण पदों के लिए इस बार कुल 28 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है, खासकर अध्यक्ष पद को लेकर सरगर्मी सबसे तेज है। युवा चेहरे भी मैदान में उतरे वर्तमान अध्यक्ष और मुख्य दावेदार रवि कुशवाहा के सामने इस बार लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर ‘हैट्रिक’ बनाने की बड़ी चुनौती है। वहीं, सचिव और कोषाध्यक्ष पद पर भी कई नए और युवा चेहरों के मैदान में उतरने से पुराने दिग्गजों के समीकरण बिगड़ते दिख रहे हैं। चुनाव पदाधिकारी सुशील कुमार सिन्हा की देखरेख में पूरी चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में कुल 1073 पुलिस जवानों ने हिस्सा लिया। निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए साबेलू रहमान खान, अमित कुमार तिवारी, संजय कुमार राम एवं अजय कुमार सिंह को विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। सोमवार शाम मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को सील कर दिया गया। देर रात तक मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। देर रात नौ बजे मतगणना शुरू, बढ़त मिलने पर समर्थकों में उत्साह पुलिस मेंस एसोसिएशन चुनाव संपन्न होने के बाद सोमवार रात 9 बजे से मतगणना का कार्य शुरू हो गया। मतगणना केंद्र पर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। जैसे-जैसे मतों की गिनती आगे बढ़ रही है, बढ़त हासिल करने वाले प्रत्याशियों के समर्थकों में उत्साह का माहौल बनता जा रहा है। मतगणना के दौरान कई प्रत्याशी अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त बनाते नजर आए, जिसके बाद उनके समर्थकों ने जीत के प्रति विश्वास जताते हुए खुशी का इजहार किया। अध्यक्ष: 4 उम्मीदवार उपाध्यक्ष: 4 उम्मीदवार सचिव: 3 उम्मीदवार संयुक्त सचिव: 3 उम्मीदवार कोषाध्यक्ष: 4 उम्मीदवार केंद्रीय सदस्य: 5 उम्मीदवार अंकेक्षक (ऑडिटर): 5 उम्मीदवार Source link

झारखंड

धान का बिचड़ा भी थोड़ा-थोड़ा करके लगाते रहें : डॉ. अशोक

गढ़वा | बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय, गढ़वा के कृषि व वानिकी संकाय विभाग के डीन डॉ. अशोक कुमार ने कहा है कि अलनीनो का प्रभाव अब दिखाई पड़ने लगा है। झारखंड में इस वर्ष खरीफ में अभी तक मानसूनी वर्षा में एक तिहाई से ज्यादा की कमी बताई जा रही है। कारण, मानसून ट्रफ का कमजोर होना बताया जा रहा है। साथ ही मानसून की वर्षा के लिए बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी वाली हवाओं का आना जरूरी होता है। परंतु अभी मजबूत सिस्टम नहीं बन पा रहा है। इसलिए बादल तो बन रहे हैं, लेकिन अच्छी वर्षा का अभाव है। कुछ समय से मानसून के आगे बढ़ने की गति धीमी रही है। इसके कारण गढ़वा एवं इसके आसपास के जिलों में सामान्य से बहुत कम वर्षा हुई है। परंतु पिछले सप्ताह कहीं हल्की, तो कहीं मध्यम दर्जे की वर्षा रिकॉर्ड की गई है। पुनः अब 27 जून से अच्छी वर्षा का पूर्वानुमान है। वैसे 27 से पूर्व भी कहीं छीटपुट, तो कहीं मध्यम दर्जे की वर्षा होगी। दिन का अधिकतम तापमान 33 से 38, एवं रात का न्यूनतम तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। उन्होंने कहा है कि खेत जोतने लायक स्थिति होने पर दलहन में अरहर, उर्द, मूंग, एवं तेलहन में मूंगफली और तिल और धान्य फसल में मक्का की बुवाई जल्द से जल्द करने की कोशिश करें। धान का बिचड़ा भी थोड़ा-थोड़ा करके लगाते रहें। जहां धान का बिचड़ा 14-15 दिन का हो गया हो, अच्छी वर्षा होने पर रोपाई करें। दलहन-तेलहन में बुवाई के समय प्रति एकड़ डीएपी 45 किलोग्राम, यूरिया 5 किलोग्राम, एमओपी यानी पोटाश खाद 17 किलोग्राम, सल्फर पाउडर 10 किलोग्राम, बोरेक्स पाउडर (10% वाला) 4 किलोग्राम, एवं चुना या डोलोमाइट 1.5 क्विंटल प्रयोग करें। ओल, अरबी (पेचकी/कच्चु), हल्दी एवं अदरक की फसलों में 30 दिनों बाद 30 से 40 किलो यूरिया, एवं 12 से 15 किलो एमओपी डालें। पुनः 60 दिनों बाद इतनी ही मात्रा में खाद डालें। खरीफ सब्जी की फसलों में पानी निकास की व्यवस्था बनाए रखें। डॉ. अशोक कृ​िष वैज्ञानिक गढ़वा । आप खेती-किसानी से जुड़े किस विषय पर जानकारी चाहते हैं, वॉट्सएप नंबर 8092597083 पर सिर्फ मैसेज करें। Source link

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ITR Update : पता है सबसे ज्‍यादा टैक्‍स छूट किस सेक्‍शन में...

Last Updated:June 23, 2026, 23:45 IST Tax Claim on Home Loan : अगर आप भी आईटीआर भरने जा रहे और पुराने रिजीम का चुनाव करने वाले हैं तो इनकम टैक्‍स की धारा 24 के बारे में जरूर जान लीजिए. यह अकेली ऐसी धारा है जो आपको 2 लाख रुपये की टैक्‍स छूट क्‍लेम करने का मौका देती है. यह छूट कैसे मिलती है और कितने पैसों पर क्‍लेम किया जा सकता है. इसकी जानकारी लेने के बाद ही आईटीआर भरना शुरू करें. होम लोन पर टैक्‍स छूट क्‍लेम करने के लिए 2 सेक्‍शन बनाए गए हैं. नई दिल्‍ली. इनकम टैक्‍स रिटर्न भरने का समय शुरू हो चुका है. नौकरीपेशा हो या प्रोफेशनल अथवा बिजनेस करने वाला, सभी को हर साल आईटीआर भरना जरूरी होता है. वैसे तो अभी तक ज्‍यादातर टैक्‍सपेयर्स नए रिजीम की तरफ शिफ्ट हो चुके हैं, लेकिन कुछ करदाता ऐसे हैं जो आज भी पुराने रिजीम में ही आईटीआर भरना पसंद करते हैं. इन करदाताओं ने निवेश कर रखा है और कई तरह की टैक्‍स छूट भी क्‍लेम करते हैं. इनकम टैक्‍स कानून के तहत एक ऐसी भी धारा है, जो सबसे ज्‍यादा टैक्‍स छूट का मौका देती है. इसमें आप 2 लाख रुपये सीधे तौर पर टैक्‍स बचा सकते हैं. दरअसल, हम बात कर रहे हैं होम लोन की. अब घर खरीदने का सपना तो सभी का होता है. ऐसे में मिडिल क्‍लास को उसके खरीदे घर पर टैक्‍स छूट देकर राहत पहुंचाने के लिए इनकम टैक्‍स कानून में दो सेक्‍शन बनाए गए हैं. एक है धारा 80सी जिसके तहत होम लोन के मूलधन पर 1.5 लाख रुपये तक टैक्‍स छूट क्‍लेम की जा सकती है. लेकिन, असली छूट तो आयकर अधिनियम की धारा 24बी के तहत मिलती है. इस सेक्‍शन के तहत आप सीधे तौर पर 2 लाख रुपये की टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं. क्‍या है सेक्‍शन 24बीइनकम टैक्‍स कानून की धारा 24बी को होम लोन के ब्‍याज पर छूट दिलाने के लिए बनाया गया है. इस सेक्‍शन के तहत टैक्‍सपेयर्स को उनके लोन पर चुकाए गए ब्‍याज पर टैक्‍स छूट क्‍लेम करने का मौका मिलता है. इनकम टैक्‍स कानून इस सेक्‍शन के तहत पूरे 2 लाख रुपये क्‍लेम करने का मौका देता है. आप सालभर में होम लोन पर जो ब्‍याज भरते हैं, उसमें से 2 लाख रुपये तक के खर्च को टैक्‍स छूट के लिए क्‍लेम कर सकते हैं. कब मिलती है टैक्‍स छूटइनकम टैक्‍स की धारा 24बी के तहत 2 लाख रुपये की टैक्‍स छूट तभी क्‍लेम की जा सकती है, जबकि घर आपका खुद का हो. इस सेक्‍शन में टैक्‍स छूट क्‍लेम करने के लिए जरूरी है कि आपके घर का निर्माण होम लोन लेने के 5 साल के भीतर पूरा किया जा सके. यह टैक्‍स छूट बना बनाया मकान खरीदने के अलावा, मकान के निर्माण, पुनर्निर्माण, रिपेयर आदि किसी भी काम के लिए उठाए होम लोन पर ली जा सकती है. …तो मिलेगी 100 फीसदी छूटऐसा नहीं है कि होम लोन पर धारा 24बी के तहत आप सिर्फ 2 लाख तक के ब्‍याज पर ही टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं. अगर आपने अपने मकान को बनाने के बाद किराये पर उठा दिया है तो उस पर चुकाए पूरे ब्‍याज पर ही टैक्‍स क्‍लेम कर सकते हैं. यह काम भी आपको सेक्‍शन 24बी के तहत ही करने का मौका मिलता है. आपको इस टैक्‍स छूट को क्‍लेम करने के लिए बैंक से ब्‍याज का सर्टिफिकेट लाकर आईटीआर भरते समय जमा करना पड़ेगा. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

झारखंड

एक साल के भीतर उठा पिता, पति और ससुर का साया, पेट...

Last Updated:June 23, 2026, 08:17 IST Ranchi Women Struggle Story: रांची के अंगढ़ा ब्लॉक की उजाला देवी के जीवन में इस कदर परेशानियां आयी कि एक साल के अंदर उनके पिता, पति और ससुर की मौत हो गई. वो पेट पालने के लिए मजदूरी करने को मजबूर हो गईं लेकिन इससे काम नहीं चल रहा था. फिर वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं और आज महीने के 40 से 50 हजार तक कमा रही हैं. ख़बरें फटाफट रांची. रांची के अंगढ़ा ब्लॉक की रहने वाली उजाला देवी को सरकार की तरफ से भी कई सम्मान मिल चुके हैं. बेस्ट सेल्फ हेल्प ग्रुप समेत कई पुरस्कार उन्होंने अपने नाम किए हैं. उजाला बताती हैं कि एक साल के अंदर उनके ससुर, पति और पिता, तीनों का निधन हो जाना बहुत बड़ा सदमा था. इसके बाद उन्होंने घर चलाने के लिए मजदूरी की, राजमिस्त्री का काम किया. फिर वह स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं और वहां से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी बदलनी शुरू हुई. उन्होंने बताया कि उन्होंने मड़वा के लड्डू, शहद, तरह-तरह के अचार, पापड़ और तेल बनाना शुरू किया और उनकी पैकेजिंग भी शुरू की. आज आलम यह है कि वह फार्मर प्रोड्यूस ऑर्गेनाइजेशन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मेंबर भी हैं. आज उनकी कमाई आराम से 40 से 50 हजार रुपये महीने तक पहुंच जाती है. स्वयं सहायता समूह ने बदल दी जिंदगीउजाला देवी बताती हैं, मेरे समूह का नाम नीम फूल फार्मर प्रोड्यूस कंपनी है. इसके तहत हम लोग कई तरह की चीजें बनाने का काम करते हैं. इसके लिए हमें सरकार की तरफ से ट्रेनिंग भी मिली है और समय-समय पर मिलती भी रहती है. हमें मार्केटिंग के लिए इंडियामार्ट जैसी वेबसाइट और सरकारी मेलों में भी मुफ्त में जाने का अवसर मिलता है. इसी बहाने मुंबई और दिल्ली घूमना भी हो जाता है. उन्होंने बताया कि खासतौर पर हम लोग मड़वा का आटा और मड़वा से लड्डू बनाने का काम करते हैं. हमारे पास आपको जामुन का सिरका, शुद्ध सरसों का तेल और ऑर्गेनिक तिल का तेल भी देखने को मिलेगा. इन सभी चीजों की पैकेजिंग भी हम अपने हाथों से एकदम ब्रांडेड की तरह करते हैं. हमारा तो एक ही मेले में कई बार लाख रुपये तक की बिक्री हो जाती है. कभी एक दिन की मजदूरी में मिलते थे 100-200 रुपयेकभी ऐसा था कि एक दिन की मजदूरी में 100-200 रुपये मिलते थे. लेकिन मैंने भी हार नहीं मानी. घर चलाना और पापी पेट का सवाल था, जो मिलता उसी में रूखा-सूखा नमक-भात खाकर गुजारा करते थे. आज आलम यह है कि मेरा एक बेटा है, जिसे मैं अकेले पालती हूं. वह प्राइवेट स्कूल में पढ़ता है और आज खाने में हर तरह के व्यंजन थाली में देखने को मिलते हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

केतार में गम-ए-हुसैन की तैयारी, हर चौक पर बन रहा ताजिया, युवाओं...

भास्कर न्यूज | गढ़वा डंडई थाना क्षेत्र अंतर्गत पनघटवा डैम के समीप सोमवार की शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार युवक की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद मृतक के गांव करके में शोक की लहर फैल गई है। मृतक की पहचान डंडई थाना क्षेत्र के करके गांव निवासी महेंद्र प्रजापति के रूप में हुई है। वहीं, घायलों में उनकी 20 वर्षीय पत्नी सीमा देवी और 10 वर्षीय पुत्र दशरथ कुमार शामिल हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, महेंद्र प्रजापति अपनी पत्नी और बेटे को बाइक पर बैठाकर छत्तीसगढ़ के सनवाल गांव स्थित अपने एक रिश्तेदार के घर जा रहे थे। इसी दौरान पनघटवा डैम के पास पहुंचते ही उनकी मोटरसाइकिल अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे बने गार्डवाल से जोरदार तरीके से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और उस पर सवार तीनों लोग सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए। स्थानीय लोगों ने दिखाई मानवता हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों ने मानवता का परिचय दिया। लोगों ने बिना समय गंवाए सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद महेंद्र प्रजापति को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उनकी पत्नी सीमा देवी और पुत्र दशरथ कुमार को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। इधर, घटना की सूचना मिलते ही डंडई थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुट गई है। Source link

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गढ़वा में कार की टक्कर से बाइक सवार घायल

गढ़वा | थाना क्षेत्र में जगदीश राम के पुत्र सिकंदर राम (29) सड़क हादसे में घायल हो गए। पुलिस के अनुसार वह घर से नगर परिषद कार्यालय जा रहे थे। वन विभाग के पास एक कार ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे के बाद परिजन उन्हें सदर अस्पताल ले गए, जहां इलाज जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि सिकंदर राम को शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। घटना के बाद कार चालक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इधर, बता दें कि इससे पहले भी उक्त मार्ग पर सड़क हादसे में कई लोग घायल हो चुके हैं। सावधानी से वाहन चलाएं लोग। Source link

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