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कैसे खुला माता वैष्णो देवी के चढ़ावे में 520 करोड़ की नकली...

जम्मू. श्री माता वैष्णो देवी श्राइन में नकली चांदी चढ़ाए जाने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. इस मामले में शिकायत दर्ज कराने वाले अधिवक्ता दीपक शर्मा ने बताया कि जम्मू की अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी को तलब किया है. अदालत ने निर्देश दिया है कि जांच अधिकारी 29 जुलाई को मामले से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेजों और रिकॉर्ड के साथ अदालत में उपस्थित हों. दीपक शर्मा ने बताया कि उन्होंने 9 मई 2026 को क्राइम ब्रांच में इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने कहा कि इससे पहले मीडिया में व्यापक रूप से यह खबर सामने आई थी कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में मौजूद लगभग 20 टन चांदी की जांच के दौरान अधिकांश चांदी नकली पाई गई. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस चांदी का बाजार मूल्य करीब 550 करोड़ रुपए बताया गया था और दावा किया गया कि इसमें केवल 5 से 10 किलोग्राम या लगभग 30 करोड़ रुपए मूल्य की चांदी ही असली थी, जबकि बाकी सामग्री नकली निकली. शर्मा ने कहा कि यही बात उन्हें सबसे अधिक संदेहास्पद लगी. उनके अनुसार, यह मानना कठिन है कि लाखों श्रद्धालु देश के अलग-अलग हिस्सों से अलग-अलग समय पर खरीदी गई चांदी माता के दरबार में चढ़ाएं और वह सभी नकली निकल आए. उन्होंने कहा कि यदि किसी एक व्यक्ति द्वारा चढ़ाई गई चांदी में गड़बड़ी होती तो बात समझ में आती, लेकिन लाखों श्रद्धालुओं की भेंट को एक साथ नकली बताना कई सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई. उनका कहना है कि इस मामले में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया था कि कथित रूप से चांदी में कैडमियम की मिलावट पाई गई थी. दीपक शर्मा ने बताया कि कैडमियम एक अत्यंत विषैला धातु (टॉक्सिक मेटल) है, जिसका उपयोग और खरीद सामान्य रूप से नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि यह एक नियंत्रित और लाइसेंस के तहत उपलब्ध होने वाला पदार्थ है. ऐसे में यदि इतनी बड़ी मात्रा में कैडमियम का इस्तेमाल हुआ है तो यह अपने आप में गंभीर जांच का विषय बनता है. उन्होंने कहा कि यह केवल वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा भी हो सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद क्राइम ब्रांच ने स्वयं जांच आगे बढ़ाने के बजाय मामले को नियमित पुलिस (एग्जीक्यूटिव पुलिस) को स्थानांतरित कर दिया. शर्मा का कहना है कि उन्हें लगा कि क्राइम ब्रांच ने इस मामले की जिम्मेदारी लेने से बचने का प्रयास किया. इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया. उन्होंने बताया कि अदालत ने उनकी दलीलों पर विचार करते हुए क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी को 29 जुलाई को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. दीपक शर्मा ने कहा कि सनातन धर्म अपने आप में मजबूत और व्यापक है, लेकिन यदि किसी श्रद्धालु से यह कहा जाए कि उसने भगवान को जो चढ़ावा अर्पित किया वह नकली था, तो स्वाभाविक रूप से उसकी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सहित देशभर से लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए गहरी आस्था के साथ आते हैं. कई लोग कठिन व्रत रखते हैं, पैदल यात्रा करते हैं, कुछ लोग लेटकर या विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ यात्रा पूरी करते हैं. ऐसे श्रद्धालुओं की ओर से श्रद्धा के साथ चढ़ाई गई भेंट पर यदि सवाल उठते हैं तो इससे लोगों का विश्वास प्रभावित हो सकता है. दीपक शर्मा ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं है, बल्कि सच्चाई सामने लाना और यदि कहीं कोई गड़बड़ी या व्यवस्था में खामी है तो उसे दूर कराना है. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो. Source link

झारखंड

Sonali Thudu Viral Video: टूटने वाला था 14 साल की सोनाली का...

नई दिल्ली (Sonali Thudu Viral Video). देश में आज भी लाखों बेटियों के लिए पढ़ाई करना किसी बड़े संघर्ष से कम नहीं है. उनके रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा उनकी काबिलियत या उनके सपने नहीं, बल्कि घर की गरीबी बनती है. हर साल न जाने कितनी ही मासूम बच्चियां सिर्फ इसलिए स्कूल जाना छोड़ देती हैं कि उनके माता-पिता के पास फीस भरने के पैसे नहीं होते. ऐसी ही एक भावुक कर देने वाली कहानी सोशल मीडिया पर हर किसी की आंखें नम कर रही है. यह कहानी झारखंड के दूरदराज गांव में रहने वाली 14 साल की सोनाली थुडू की है, जिसका नर्स बनने का सपना गरीबी की वजह से दम तोड़ने वाला था. कहावत है ना कि जब सारे रास्ते बंद हो जाते हैं तो ऊपरवाला किसी न किसी को मसीहा बनाकर जरूर भेजता है. सोनाली थुडू की जिंदगी में वो मसीहा बनकर आए देश के मशहूर शिक्षक अलख पांडे. उन्होंने न सिर्फ सोनाली का दर्द समझा, बल्कि उसका हाथ थामकर उसे दोबारा स्कूल की दहलीज तक भी पहुंचाया. इस पूरे वाकये का बेहद इमोशनल वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे अब तक 16 मिलियन (1.6 करोड़) से ज्यादा बार देखा जा चुका है. लोग इस वीडियो को देखकर भावुक हो रहे हैं और अलख सर के इस कदम को सलाम भी कर रहे हैं. कच्चे मकान का अंधेरा और टूटने की कगार पर खड़ा सपना झारखंड के एक छोटे और पिछड़े गांव में रहने वाली 14 वर्षीय सोनाली थुडू ने बचपन से एक ही सपना देखा- पढ़-लिखकर नर्स बनना और बीमार लोगों की सेवा करना. लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था. हैदराबाद के छोटे-मोटे होटलों में हाउसकीपिंग का काम करने वाले उसके पिता की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा खराब हो गई. बीमारी के कारण नौकरी छूटी तो वे वापस गांव लौट आए. घर की पूरी जिम्मेदारी सोनाली की मां के कंधों पर आ गई, जो पशुपालन (गाय-भैंस पालकर) करके किसी तरह दो वक्त की रोटी का इंतजाम करने लगीं. कच्चे मकान में रहने वाले इस परिवार के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वे सोनाली को आगे पढ़ा सकें. ऊपर से गांव में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट की सुविधा भी न के बराबर थी. View this post on Instagram ‘सर, मेरा सपना है कि मैं पढ़-लिखकर नर्स बनूं’ जब पढ़ाई जारी रखना बिल्कुल नामुमकिन लगने लगा, तभी सोनाली की मुलाकात शिक्षक अलख पांडे से हुई. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सोनाली बेहद मासूमियत और उम्मीद भरी नजरों से अलख पांडे से कहती है- सर, मेरा सपना है कि मैं पढ़-लिखकर नर्स बनूं. बच्ची की आंखों में पढ़ने की वो तड़प और उसका पक्का इरादा देखकर अलख पांडे का दिल पिघल गया. उन्होंने बिना एक पल गंवाए सोनाली से पूछा- बताइए, आपका एडमिशन किस स्कूल में कराना है? आप कहां पढ़ना चाहती हैं? सोनाली ने तपाक से अपने पसंदीदा स्कूल ‘सेंट मैरी रेजिडेंशियल हाईस्कूल’ का नाम ले लिया. अलख पांडे ने उसी दिन स्कूल पहुंचकर जमा की फीस इस कहानी का सबसे खूबसूरत मोड़ इसके बाद आता है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, अलख पांडे ने केवल दिलासा नहीं दिया, बल्कि वे उसी दिन सीधे सेंट मैरी स्कूल पहुंच गए. उन्होंने वहां जाकर न सिर्फ सोनाली का एडमिशन कराया, बल्कि उसके पूरे साल की स्कूल फीस भी अपनी जेब से जमा कर दी. इस तरह 14 साल की सोनाली का नाम कक्षा 9वीं में दर्ज हो गया और उसकी जिंदगी की एक नई और सुनहरी शुरुआत हुई. नई यूनिफॉर्म और इंटरनेट पर दुआओं की बौछार वीडियो के आखिरी हिस्से में दिखने वाला मंजर किसी भी संवेदनशील इंसान को भावुक कर सकता है. सोनाली अपनी नई स्कूल यूनिफॉर्म पहने, पीठ पर बस्ता टांगे बेहद खुशी-खुशी नई क्लास की तरफ बढ़ती नजर आ रही है. उसके चेहरे की मुस्कान बता रही है कि उसके सपनों को पंख मिल चुके हैं. वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स अलख पांडे पर जमकर प्यार बरसा रहे हैं. एक यूजर ने लिखा- किसी जरूरतमंद बच्चे को शिक्षा का तोहफा देना दुनिया का सबसे बड़ा पुण्य है. अन्य ने कमेंट किया- ऐसे मददगार लोग हर बच्चे का हाथ थाम लें तो झुग्गियों और गांवों से भी डॉक्टर-आईएएस अफसर निकलने लगेंगे. सोनाली की कहानी सिखाती है कि मुश्किलें चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अगर हौसला सच्चा हो तो रास्ते खुद-ब-खुद बन जाते हैं. Source link

झारखंड

रांची में पुलिसकर्मी को थार ने मारी टक्कर:वाहन चेकिंग के दौरान मोरहाबादी...

रांची में मंगलवार को मोरहाबादी क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान एक महिंद्रा थार ने लालपुर थाना के चालक राजेश यादव को टक्कर मार दी। इस घटना में राजेश यादव गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके सिर में चोटें आईं। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। यह घटना लालपुर थाना पुलिस द्वारा पार्क प्राइम होटल के पास चलाए जा रहे नियमित वाहन जांच अभियान के दौरान हुई। पुलिसकर्मी आने-जाने वाले वाहनों की जांच कर रहे थे और संदिग्ध वाहनों को रोककर उनके दस्तावेज खंगाल रहे थे। इसी दौरान एक महिंद्रा थार वहां पहुंची। सिर में गंभीर चोटें आईं ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने थार चालक को रुकने का इशारा किया। हालांकि, चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसकी गति बढ़ा दी। तेज रफ्तार थार सीधे पुलिसकर्मी राजेश यादव की ओर बढ़ी और उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि राजेश यादव सड़क पर दूर जा गिरे और उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। घटनास्थल पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने तत्काल घायल राजेश यादव को संभाला और उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया है। आरोपी चालक की तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी भी खंगाल रही है, ताकि वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके। लालपुर थाना प्रभारी रूपेश कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला पुलिसकर्मी को वाहन से कुचलकर जान से मारने के प्रयास का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Source link

शिक्षा

Ayodhya Ram Mandir CEO Recruitment

Hindi News Career Ayodhya Ram Mandir CEO Recruitment | Graduates Apply Job Opportunity 55 मिनट पहले कॉपी लिंक अयोध्या के राम मंदिर के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की भर्ती निकली है। तीर्थक्षेत्र संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के लिए योग्य उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। जिसे इस पद के लिए चुना जाएगा, वो तीन साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर इस पद पर बने रहेंगे। उम्मीदवार 18 जुलाई शाम 4 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। मंदिर के मुख्य कामों के अलावा राम मंदिर के सीईओ के पास सुरक्षा व्यवस्था, धार्मिक कार्य, श्रद्धालुओं की सुविधा, VIP सत्कार, प्रतिष्ठा बढ़ाना, प्रॉपर्टी की रक्षा और योजनाएं बनाने जैसे कामों की जिम्मेदारी होगी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र (न्यास) श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद के लिए योग्य जनों से आवेदन आमंत्रित करता है आवेदन की अंतिम तिथि: शनिवार १८ जुलाई २०२६; सायं ४ बजे Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra (Trust) invites applications from eligible… pic.twitter.com/PHa0MbT5kY— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) July 13, 2026 योग्यता : ग्रेजुएशन की डिग्री कई विभागों को एक साथ संभालने का अनुभव। उम्मीदवार को धर्म से हिंदू होना जरूरी है। हिंदी और अंग्रेजी का ज्ञान होना चाहिए। उम्मीदवार को भारतीय नागरिक होना चाहिए। एज लिमिट : 50 से 70 साल सिलेक्शन प्रोसेस : प्राप्त आवेदनों की जांच के लिए 3 सदस्यीय चयन समिति बनाई गई है। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का इंटरव्यू होगा। उम्मीदवार का फाइनल सिलेक्शन ट्रस्ट करेगा। किसे मिलेगी प्राथमिकता : जिन लोगों ने पहले मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के रूप में काम किया हो या किसी बड़े मंदिर/हिंदू धार्मिक संस्था के मैनेजमेंट को संभाला हो, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। इस योग्यता वाले रिटायर्ड अधिकारी भी अप्लाई कर सकते हैं। किसे होगी CEO की रिपोर्टिंग : CEO की रिपोर्टिंग महामंत्री को होगी। ऐसे करें आवेदन : आवेदन के दौरान खुद से जुड़ी सभी जानकारियां और दस्तावेज भी अपलोड करें। इसके लिए उन्हें searchcommittee.srjbt@gmail.com पर मेल करना होगा। भर्ती क्यों की जा रही है? हाल ही में मंदिर में दान राशि में चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला किया है। इसलिए पहली बार CEO के पद पर भर्ती निकाली गई है। ये खबर भी पढ़ें CBSE ने शुरू किए 19 ऑनलाइन कोर्स:डेढ़ से 20 घंटे का कोर्स, 8वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स नि:शुल्क करें अप्लाई केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई टेक्नोलॉजी से स्टूडेंट्स को परिचित कराने के लिए 19 नए कोर्स की शुरुआत की है। यह कोर्स कक्षा 8वीं से 12वीं तक के लिए है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

झारखंड

धनबाद में वार्ड सदस्य पति की घर में घुसकर हत्या:साहेबगंज बस्ती में...

धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र स्थित साहेबगंज बस्ती में मंगलवार को एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। वार्ड सदस्य सोनामुनी मरांडी के पति रूपलाल मरांडी पर अज्ञात हमलावर ने घर में घुसकर कुल्हाड़ी से हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार सुबह करीब चार से पांच बजे के बीच हुई। अज्ञात हमलावर घर में घुस और सो रहे रूपलाल मरांडी पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार किए। उनके सिर और गले पर कई गंभीर चोटें आईं, जिससे मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। परिजनों की सूचना पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। निरसा थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल, धनबाद भेज दिया है। पुलिस टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। निरसा के एसडीपीओ लिलेश्वर महतो ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मृतक के सिर और गले पर कुल्हाड़ी से हमले की पुष्टि हुई है। एसडीपीओ महतो ने कहा कि हत्या के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है और हमलावर की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। Source link

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Opinion: बांकीपुर उपचुनाव में PK का ‘शॉटगन’ वाला दांव, किस जाति के...

होमताजा खबरदेश बांकीपुर में PK का ‘शॉटगन’ वाला दांव, किस जाति के वोट बैंक में लगेगा सेंध? Last Updated:July 14, 2026, 17:29 IST Prashant Kishor Bankipur upchunav : बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने सोमवार को नामांकन दाखिल कर दिया है. अब बांकीपुर में ब्राह्मण, कायस्थ और वैश्य जाति के कैंडिडेट में मुकाबला तय हो गया है. पीके की नजर अब सवर्ण वोटों पर है, जो बीते 30 सालों से बीजेपी के साथ हुआ करती थी. लेकिन अब पीके इसमें सेंध लगाने के लिए पर्दे के पीछे से पॉलिटिक्स शुरू कर दिया है. पटना साहिब के पूर्व सांसद और मौजूदा टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का जन सुराज का खुला समर्थन और सोशल मीडिाय पर कायस्थ और सवर्णों का रिएक्शन क्या संकेत दे रहा है? प्रशांत किशोर को बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा दांव. पटना. बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव पर इस समय पूरे देश की नजर है. जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने किसी सुरक्षित सीट को चुनने के बजाय भाजपा के इस सबसे मजबूत और अभेद्य किले से अपना पहला चुनावी दांव खेलकर सबको चौंका दिया है. बांकीपुर परंपरागत रूप से बीजेपी का गढ़ रहा है, जहां कायस्थ, वैश्य और सवर्ण मतदाताओं की संख्या निर्णायक भूमिका में रहती है. इन सब के बीच कुछ पुराने चेहरों का पीके के समर्थन में आना, बीजेपी के लिए घंटी बजाने का काम कर सकता है. ऐसे में क्या पटना के बुद्धिजीवी, युवा और सवर्ण समाज के बीच पीके को लेकर एक नई ‘अंडरकरंट’ चलने की बात क्या सचमुच में सही है? पीके के किस दांव से आसनसोल से टीएमसी सांसद और ‘बिहारी बाबू’ के नाम से मशहूर शत्रुघ्न सिन्हा ने खुलकर समर्थन देने का ऐलान कर दिया? शत्रुघ्न सिन्हा जो खुद कायस्थ बिरादरी से आते हैं. उनका पीके के समर्थन देने वाला बयान क्या भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक में एक बड़ी लकीर खींच दी है? राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो पटना के राजनीतिक गलियारों और सियासी अड्डों जैसे यूथ क्लब और बुद्धिजीवी मंचों पर पीके चर्चा का विषय बने हुए हैं. शत्रुघ्न सिन्हा के समर्थन देने वाली बात की भी खूब चर्चा हो रही है. बल्कि कई अन्य सवर्ण और कायस्थ नेता परदे के पीछे से पीके को ‘मोरल सपोर्ट’ पीके को दे रहे हैं. प्रशांत किशोर ने सोमवरा को नामांकन दाखिल कर दिया. रिटायर्ड अधिकारियों और प्रबुद्ध वर्ग का झुकाव किस तरफ? पटना के पॉश इलाकों जैसे कदमकुआं, बोरिंग रोड, और कंकड़बाग में रहने वाले रिटायर्ड आईएएस, आईपीएस और न्यायिक सेवा से जुड़े कई वरिष्ठ सवर्ण चेहरे जन सुराज के ‘बिहार बदलो’ नैरेटिव से प्रभावित दिख रहे हैं. दूसरी तरफ अभिषेक कुमार बंटी का टिकट कटने के बाद दबी जुबान में चर्चा है कि भाजपा के भीतर का एक धड़ा, जो स्थानीय टिकट वितरण और सांगठनिक फैसलों से नाखुश था, वह भी परदे के पीछे से पीके के संपर्क में है. वे खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन उनके करीबी संगठनकर्ता जन सुराज के डोर-टू-डोर कैंपेन को मजबूती दे रहे हैं. पीके के लिए कौन-कौन कैंपेनर्स उतरेंगे? चूंकि प्रशांत किशोर खुद देश के सबसे बड़े चुनावी रणनीतिकार रहे हैं, इसलिए उनका चुनाव प्रचार पारंपरिक राजनीतिक रैलियों से काफी अलग और आधुनिक होने वाला है. जन सुराज के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, बांकीपुर में पीके के लिए किसी पारंपरिक फिल्मी सितारों की फौज के बजाय ‘सोच बदलने वाले’ चेहरों को मैदान में उतारा जाएगा. कहा जा रहा है कि शत्रुघ्न सिन्हा, जो टीएमसी के सांसद हैं, उनका पटना में संभावित रोड-शो कायस्थ युवाओं को आकर्षित कर सकते हैं. बांकीपुर उपचुनाव: शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रशांत किशोर का किया समर्थन. क्यों अहम है यह सवर्ण-कायस्थ मोरल सपोर्ट? युवा एक्टिविस्ट और प्रोफेसर्स पटना यूनिवर्सिटी और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के युवा प्रोफेसर्स और छात्र नेता पीके के लिए डिजिटल और ग्राउंड कैंपेनिंग संभाल रहे हैं. बांकीपुर सीट पूर्व में भाजपा के नितिन नवीन और उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा का गढ़ रही है. यहां की जनता बेहद पढ़ी-लिखी और शहरी है. प्रशांत किशोर का मुख्य एजेंडा ही यही है कि लोग लालू प्रसाद यादव के डर से भाजपा को या भाजपा के डर से लालू को वोट देना बंद करें. ऐसे में यदि कायस्थ और सवर्ण समाज का एक बड़ा हिस्सा पारंपरिक राजनीति से हटकर पीके के पाले में खड़ा होता है, तो यह चुनाव बिहार की भावी राजनीति का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Patna,Patna,Bihar Source link

झारखंड

195 साल पुरानी है झारखंड की ऐतिहासिक जगन्नाथ रथ यात्रा, राजा की...

Last Updated:July 14, 2026, 16:03 IST विवेक भवानी सिंह पिछले करीब 23 वर्षों से इस आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. उन्होंने बताया कि वे अपने परिवार की 18वीं पीढ़ी के रूप में इस ऐतिहासिक परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. हर साल भगवान जगन्नाथ के स्नान, विशेष पूजा, 56 भोग और रथ यात्रा सहित करीब 15 दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं. जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर देश विदेश में तैयार चल रही है. वहीं ओडिशा के पुरी की तर्ज पर झारखंड के पलामू जिले में भी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा सदियों से आस्था और परंपरा का प्रतीक बनी हुई है. चैनपुर गढ़ से निकलने वाली यह ऐतिहासिक रथ यात्रा लगभग 1831 से लगातार आयोजित की जा रही है. मान्यता है कि चैनपुर गढ़ के तत्कालीन राजा जयनाथ सिंह को संतान नहीं हो रही थी. पलामू: देशभर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं. ओडिशा के पुरी की तरह झारखंड के पलामू जिले में भी सदियों पुरानी रथ यात्रा की परंपरा आज तक जीवित है. चैनपुर गढ़ से निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की यह ऐतिहासिक रथ यात्रा वर्ष 1831 से लगातार आयोजित की जा रही है. यह यात्रा आज भी लोगों की आस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक बनी हुई है. रथ यात्रा निकालने की परंपरामान्यता के अनुसार, चैनपुर गढ़ के तत्कालीन राजा जयनाथ सिंह को लंबे समय तक संतान की प्राप्ति नहीं हुई थी. इसके बाद वे पुरी गए और भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल हुए. उन्होंने श्रद्धा से रथ खींचा और भगवान का प्रसाद ग्रहण किया. इसके कुछ समय बाद उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई. पुत्र का नाम जगन्नाथ दयाल सिंह रखा गया. इसी घटना के बाद चैनपुर गढ़ में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकालने की परंपरा शुरू हुई. यह परंपरा आज भी पूरे श्रद्धा और भव्यता के साथ निभाई जा रही है. 56 भोग की विशेष सामग्रीचैनपुर गढ़ के वर्तमान संरक्षक और भाजपा प्रदेश मंत्री विवेक भवानी सिंह पिछले करीब 23 वर्षों से इस आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. उन्होंने बताया कि वे अपने परिवार की 18वीं पीढ़ी के रूप में इस ऐतिहासिक परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. हर साल भगवान जगन्नाथ के स्नान, विशेष पूजा, 56 भोग और रथ यात्रा सहित करीब 15 दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं. पहले भगवान के लिए 56 भोग की विशेष सामग्री पुरी से मंगाई जाती थी. यात्रा करीब डेढ़ किलोमीटर लंबीविवेक भवानी सिंह ने बताया कि चैनपुर गढ़ स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से रथ यात्रा कुसुमदाहा स्थित मौसी बाड़ी मंदिर तक निकाली जाती है. यह यात्रा करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी होती है. पूरे रास्ते मेले जैसा माहौल रहता है. ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर हजारों श्रद्धालु रथ खींचते हैं. सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं. पूरे मार्ग में प्रसाद के रूप में अनारसा की दुकानों की विशेष सजावट रहती है. श्रद्धालु भगवान को अनारसा अर्पित करते हैं और प्रसाद ग्रहण करते हैं. प्रतिदिन विशेष पूजा और भोगइस वर्ष 15 जुलाई को भगवान को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे. इसके बाद 16 जुलाई की शाम विशेष पूजा-अर्चना के बाद भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी. इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है. जगन्नाथ मंदिर के पुजारी उमेश मिश्रा ने बताया कि रथ यात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को कुसुमदाहा स्थित मौसी बाड़ी मंदिर में आठ दिनों तक विराजमान कराया जाता है. इस दौरान प्रतिदिन विशेष पूजा और भोग लगाया जाता है. निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद पूरे विधि-विधान के साथ भगवान की पुनः चैनपुर गढ़ स्थित मंदिर में वापसी कराई जाती है. संस्कृति और परंपरा का भव्य संगमइस बार रथ यात्रा के दौरान कुसुमदाहा में बन रहा भव्य राधा-कृष्ण मंदिर भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगा. विशाल परिसर में तैयार हो रहा यह मंदिर धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. ऐसे में चैनपुर गढ़ की यह ऐतिहासिक रथ यात्रा एक बार फिर आस्था, संस्कृति और परंपरा का भव्य संगम बनने जा रही है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

झारखंड

धनबाद में वार्ड सदस्य पति की घर में घुसकर हत्या:साहेबगंज बस्ती में...

धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र स्थित साहेबगंज बस्ती में मंगलवार को एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। वार्ड सदस्य सोनामुनी मरांडी के पति रूपलाल मरांडी पर अज्ञात हमलावर ने घर में घुसकर कुल्हाड़ी से हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार सुबह करीब चार से पांच बजे के बीच हुई। अज्ञात हमलावर घर में घुस और सो रहे रूपलाल मरांडी पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार किए। उनके सिर और गले पर कई गंभीर चोटें आईं, जिससे मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। परिजनों की सूचना पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। निरसा थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल, धनबाद भेज दिया है। पुलिस टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। निरसा के एसडीपीओ लिलेश्वर महतो ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मृतक के सिर और गले पर कुल्हाड़ी से हमले की पुष्टि हुई है। एसडीपीओ महतो ने कहा कि हत्या के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है और हमलावर की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। Source link

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पलामू में आधा कट्ठा जमीन को लेकर विवाद:गोतिया ने बुजुर्ग के पेट...

पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र के हुटुकदाग गांव में मंगलवार को जमीन विवाद में एक बुजुर्ग को गोली मार दी गई। आधा कट्ठा जमीन को लेकर हुए इस विवाद में गोतिया परिवार के तीन लोगों ने घटना को अंजाम दिया। घायल बुजुर्ग को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गोली लगने से घायल बुजुर्ग की पहचान हुटुकदाग गांव निवासी विश्वनाथ लोहरा के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, गोली मारने वाला उनका गोतिया मथुरा लोहरा है। घटना के बाद से आरोपी मथुरा लोहरा और उसके भाई फरार हैं। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है। बताया गया कि विश्वनाथ लोहरा के घर से करीब दो सौ मीटर दूर आधा कट्ठा से कम जमीन है। इस जमीन को गोतिया मथुरा लोहरा और उसके भाइयों ने जोत दिया था। इसकी जानकारी मिलने पर विश्वनाथ लोहरा अपने तीन भाइयों के साथ खेत देखने गए थे। वहां विश्वनाथ और मथुरा के बीच जमीन जोतने को लेकर कहासुनी हुई। कहासुनी के दौरान अचानक मथुरा लोहरा अपने घर से बंदूक लेकर आया और विश्वनाथ लोहरा पर फायरिंग कर दी। गोली विश्वनाथ के पेट में लगी। गोली की आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे और घायल विश्वनाथ को तुरंत इलाज के लिए ले गए। प्रारंभिक इलाज के लिए उन्हें पहले छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) रेफर कर दिया गया। एमएमसीएच में डॉ. सुशील पांडे, डॉ. संजय कुमार, डॉ. सब्यासाची और जूनियर डॉक्टरों की टीम ने विश्वनाथ लोहरा का सफल ऑपरेशन कर पेट से गोली निकाल दी। बुजुर्ग का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। Source link

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‘जहाजों पर हमले तुरंत रुकें’, भारतीयों की मौत पर ईरान DCM को...

होमताजा खबरदेश भारतीयों की मौत पर ईरान DCM को तलब कर MEA ने क्‍या कहा? रणधीर जायसवाल ने बात Last Updated:July 14, 2026, 16:22 IST अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र में दो जहाजों पर मिसाइल हमले हुए, जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और कई घायल हो गए. इस पर सख्त रुख अपनाते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ईरानी दूतावास के डीसीएम को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है. भारत ने इन हमलों की निंदा करते हुए इसे तुरंत बंद करने और तनाव कम करने की मांग की है. विदेश मंत्रालय ने अपना पक्ष रखा. हाल ही में स्‍ट्रेट ऑफ हॉर्मुज क्षेत्र में दो जहाजों पर हुए मिसाइल हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत पर भारत सरकार ने बेहद सख्त रुख अपनाया है. भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्‍ताहिक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि भारत ने इन हमलों की पुरजोर निंदा की है और ईरान से दो टूक शब्दों में कहा है कि जहाजों पर ऐसे हमले तुरंत बंद होने चाहिए. भारत ने क्षेत्र में तनाव कम करने (डीएक्सिलेशन) और दोनों पक्षों (ईरान और अमेरिका) को बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की अपील की है. भारत सरकार ने नई दिल्ली में ईरानी दूतावास के उप-मिशन प्रमुख (DCM) को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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