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झारखंड

बोकारो में बाइक चोर गिरोह का सदस्य गिरफ्तार:9 चोरी की बाइक बरामद,...

बोकारो पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से 9 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। एक विधि-विरुद्ध किशोर को भी निरुद्ध किया गया है। सिटी डीएसपी राजीव रंजन ने बताया कि 1 जुलाई को हरला थाना क्षेत्र के बीएसएल सेक्टर-9/डी से सुदेश कुमार की अपाची बाइक चोरी हुई थी। इस संबंध में हरला थाना में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। क्षेत्र में लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान मिले सुरागों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने धनबाद के कतरास निवासी अरमान कुमार यादव उर्फ अमन कुमार (23) को गिरफ्तार किया। आरोपी से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर कुल 9 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी चोरी की बाइक खरीदने और बेचने का काम करता था। इस मामले में एक विधि-विरुद्ध किशोर की संलिप्तता भी पाई गई, जिसे निरुद्ध किया गया है। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले से भी वाहन चोरी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और चोरी की गई अन्य बाइकों की बिक्री के स्थानों का पता लगाने में जुटी है। Source link

झारखंड

कपाली में दिनदहाड़े फायरिंग, युवक को गोली लगी:मची अफरातफरी, हिस्ट्रीशीटर जाहिद उर्फ...

सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत कपाली ओपी क्षेत्र में गुरुवार को दिनदहाड़े गोलीबारी की घटना हुई। तमोलिया स्थित केला गोदाम के पास हुई इस घटना में हिस्ट्रीशीटर जाहिद अंसारी उर्फ गोल्डन पर काना बाबू नामक युवक को गोली मारने का आरोप लगा है। गोली युवक के पैर को छूते हुए निकल गई, जिससे उसकी जान बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोली चलने की आवाज सुनकर इलाके में दहशत फैल गई और अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही कपाली ओपी पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने घायल काना बाबू को प्राथमिक उपचार के बाद एमजीएम अस्पताल भेजा, जहां उसका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों ने उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी जाहिद अंसारी उर्फ गोल्डन मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। Source link

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Health Tips: टूथपिक चलाने वाले सावधान! जिसे आप दांत का ‘मामूली कीड़ा’...

Last Updated:July 09, 2026, 19:07 IST Dental Problem Tips And Solution: टूथपिक का इस्तेमाल और कैविटी को नजरअंदाज करना जबड़े की हड्डी को नुकसान पहुंचा सकता है और मुंह में गांठ बना सकता है. डॉ. आशीष जोशी ने समय पर इलाज की सलाह दी. डॉ. जोशी के अनुसार, जब दांतों में छोटी कैविटी होती है तो उसमें खाना फंसने लगता है. अधिकांश लोग डॉक्टर के पास जाने के बजाय टूथपिक या किसी नुकीली चीज से उसे साफ करके नजरअंदाज कर देते हैं. ख़बरें फटाफट पाली. क्या आपको भी पिज्जा, बर्गर या चॉकलेट खाना पसंद है? और क्या दांत में खाना फंसने पर आप भी डॉक्टर के पास जाने के बजाय जेब से टूथपिक निकालकर दांत साफ कर लेते हैं और फिर उसे नजरअंदाज कर देते हैं? अगर हां, तो सावधान हो जाइए. आपकी यह छोटी सी आदत आगे चलकर चेहरे का हुलिया बिगाड़ सकती है, जबड़े की हड्डी को नुकसान पहुंचा सकती है और मुंह में गंभीर गांठ तक बना सकती है. आज की लाइफस्टाइल में जंक फूड हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर दांतों पर पड़ता है. अक्सर हल्की कैविटी या दांत में खाना फंसने पर लोग टूथपिक से सफाई करके बात को टाल देते हैं. राजस्थान के जाने-माने दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष जोशी के अनुसार, छोटी सी कैविटी को नजरअंदाज करना आगे चलकर गंभीर समस्या बन सकता है. इससे दांत खराब होने के साथ जबड़े की हड्डी तक प्रभावित हो सकती है और मुंह में गांठ जैसी स्थिति भी बन सकती है. इसलिए समय रहते इलाज कराना बेहद जरूरी है. टूथपिक का इस्तेमाल और बढ़ती लापरवाहीडॉ. जोशी के अनुसार, जब दांतों में छोटी कैविटी होती है तो उसमें खाना फंसने लगता है. अधिकांश लोग डॉक्टर के पास जाने के बजाय टूथपिक या किसी नुकीली चीज से उसे साफ करके नजरअंदाज कर देते हैं. यही लापरवाही आगे चलकर सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है. धीरे-धीरे सड़न दांत की ऊपरी परत को पार कर अंदर मौजूद नस यानी पल्प तक पहुंच जाती है. एक छोटी कैविटी से हो सकते हैं कई खतरेनस तक इन्फेक्शन पहुंचने के बाद दांत पूरी तरह खराब हो सकता है और उसमें मवाद बनने लगता है. इन्फेक्शन बढ़ने पर यह जबड़े की हड्डी तक पहुंच जाता है, जिससे हड्डी कमजोर होने लगती है. संक्रमण के कारण मसूड़ों और चेहरे पर सूजन आ सकती है, जो आगे चलकर गंभीर गांठ का रूप भी ले सकती है. ठंडा या गर्म लगना, तेज दर्द और दांतों में संवेदनशीलता इसकी शुरुआती चेतावनी हो सकती है. समय पर इलाज ही सबसे बेहतर उपायडॉ. आशीष जोशी ने बताया कि इस पूरी समस्या से बचने का सबसे आसान और किफायती तरीका यही है कि कैविटी की शुरुआत होते ही दंत चिकित्सक से जांच कराई जाए. यदि समय रहते दांत में फिलिंग करवा दी जाए, तो दांत को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है. इससे न तो रूट कैनाल (RCT) कराने की जरूरत पड़ती है और न ही दांत निकलवाने की नौबत आती है. समय पर इलाज करवाकर भविष्य में होने वाली कई बड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है. About the Author Anand Pandey आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Pali,Pali,Rajasthan Source link

झारखंड

ChatGPT से सीखकर किसान कर रहा खेती, बांस और धागे से उगाया...

होमफोटोकृषि ChatGPT से सीखकर किसान कर रहा खेती, बांस और धागे से उगाया बेदाग खीरा Last Updated:July 09, 2026, 15:35 IST Farming with AI: आधुनिक दौर में जहाँ लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग सिर्फ दफ्तरों या पढ़ाई-लिखाई तक सीमित समझते हैं, वहीं रांची के एक किसान ने इसका इस्तेमाल अपनी किस्मत बदलने के लिए किया है. रांची के इटकी निवासी सूरज सिंह आज ChatGPT से मिले खेती के टिप्स की बदौलत सालाना ₹8 लाख तक की बंपर कमाई कर रहे हैं. सूरज अपने तीन एकड़ के खेत में सिर्फ खीरे की उन्नत खेती करते हैं और खास बात यह है कि उनका खीरा स्थानीय बाजारों में नहीं, बल्कि सीधे दक्षिण भारत समेत देश के कई अन्य राज्यों में सप्लाई होता है. सूरज बताते हैं कि उन्होंने अपने शिक्षित बेटों की मदद से चैट जीपीटी से पूछा था कि ‘बेहतरीन और बिना कड़वाहट वाले खीरे की पैदावार कैसे की जाए?’ वहां से उन्हें कुछ ऐसे कमाल के आइडिया मिले जिसने उनकी पूरी खेती का तरीका बदल दिया।वर्टिकल फार्मिंग (बांस और धागे का स्ट्रक्चर): अमूमन खीरे की लताएं जमीन पर फैलती हैं, जिससे फलों में दाग लग जाते हैं. AI की सलाह पर सूरज ने खेत के दोनों तरफ बांस गाड़कर बीच में धागे की कई परतें (लेयर्स) बनाईं. इससे खीरे की लताएं ऊपर की ओर चढ़ती हैं. खीरा जमीन को नहीं छूता, जिससे एक भी फल पर दाग नहीं लगता और उसकी क्वालिटी बेहतरीन रहती है. कड़वाहट दूर करने का फॉर्मूला: खीरे में कड़वाहट (तीतापन) कम पानी की वजह से आती है. चैट जीपीटी की सलाह पर सूरज अपने खेत में दिन में कम से कम तीन बार सिंचाई करते हैं. पर्याप्त पानी मिलने के कारण उनका एक भी खीरा कड़वा नहीं होता. सूरज इस बात की पूरी गारंटी और चैलेंज भी देते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google गुणवत्ता (क्वालिटी) लाजवाब होने के कारण बाहरी राज्यों के व्यापारी सीधे सूरज से संपर्क करते हैं. उनके खेत से हर दूसरे दिन करीब 1 टन (1000 किलो) खीरा आसानी से निकल जाता है. बेदाग और मीठे होने के कारण बाजार में इन्हें हाथों-हाथ अच्छे दाम मिल जाते हैं. खेती में रसायनों के बजाय सूरज पूरी तरह जैविक (ऑर्गेनिक) तरीकों पर निर्भर हैं. उन्होंने बताया कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति और पौधों को जरूरी पोषक तत्व देने के लिए वे एक खास ऑर्गेनिक मिक्सचर तैयार करते हैं. हम सड़े हुए गोबर की खाद में जैविक दवाइयां मिलाते हैं. इसके साथ ही घर का किचन वेस्ट (रसोई का कचरा), केंचुआ खाद (वर्मीकंपोस्ट) और अजोला को एक साथ मिक्स करके 15 दिनों तक सड़ने के लिए छोड़ देते हैं. इसके बाद इसे खेतों में डाला जाता है. सूरज इस पूरी सफलता का श्रेय अपने बेटों और चैट जीपीटी को देते हैं. उनका कहना है, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हर क्षेत्र में काम कर रहा है, तो खेती में क्यों नहीं? मेरे बेटे पढ़े-लिखे हैं, वे चैट जीपीटी चलाकर मुझे खेती के नए-नए नुस्खे देते हैं और सबसे अच्छी बात यह है कि ये सारे नुस्खे खेत में 100% काम कर रहे हैं. Source link

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बोकारो थर्मल में युवक की रेल से कटकर मौत:शव की नहीं हो...

गोमोह-बड़काकाना रेलखंड के जारंगडीह-बोकारो थर्मल सेक्शन में गुरुवार को एक 28 वर्षीय युवक का शव रेलवे ट्रैक पर मिला। यह घटना कोणार साइडिंग, बड़वाबेड़ा के पास पोल संख्या 39/13-14 के पास हुई। युवक की रेलगाड़ी की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतक ने काले रंग की पैंट और सफेद, काले व पीले रंग की टी-शर्ट पहन रखी थी। पुलिस के अनुसार, युवक का दाहिना पैर रेल से कट गया था। उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। हालांकि, उसके दाहिने हाथ पर ‘करण’ नाम का टैटू मिला है, जिसके आधार पर शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही बोकारो थर्मल थाना पुलिस और गोमिया से रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। बोकारो थर्मल थाना के पुलिस अधिकारी एसआई रबिन्द्र कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला रेल दुर्घटना का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। Source link

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70 वर्षीय महिला से झाड़-फूंक के बहाने लाखों की ठगी:धनबाद में दो...

धनबाद के सदर थाना क्षेत्र स्थित बिसनपुर नाला के पास झाड़-फूंक के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। दो ठगों ने 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को बातों में फंसाकर लाखों रुपए के सोने के गहने लेकर फरार हो गए। बिसनपुर नाला निवासी त्रिलोकी यादव की पत्नी राजकुमारी देवी अपने घर के बाहर थीं। तभी काले कपड़े और हरे गमछे पहने दो व्यक्ति उनके पास आए। उन्होंने खुद को तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक से समस्याओं का समाधान करने वाला बताया और महिला से बातचीत शुरू की। ठगों ने दावा किया कि घर पर दोष है, जिसे विशेष पूजा से दूर किया जा सकता है। सभी सोने के गहने एक गमछे में रखने को कहा ठगों ने महिला को विश्वास में लिया और पूजा के लिए शरीर पर पहने सभी सोने के गहने एक गमछे में रखने को कहा। महिला ने उनके कहने पर कान के झुमके, गले का सोने का लॉकेट और हाथ के कंगन गमछे में रख दिए। इसके बाद ठगों ने महिला से 51 कदम पीछे चलने और मुड़कर न देखने को कहा। जैसे ही महिला पीछे चलने लगी, दोनों ठग गहनों से भरा गमछा लेकर मौके से फरार हो गए। कुछ देर बाद जब महिला वापस लौटी तो ठग गायब थे। तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना धनबाद थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही धनबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। धनबाद थाना प्रभारी मनोज पांडे ने बताया कि परिवार की शिकायत मिली है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ठगों की पहचान की जा रही है। Source link

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China ICBM Australia India: चीन ने दागी मिसाइल तो ऑस्‍ट्रेल‍िया ने थामा...

Last Updated:July 09, 2026, 18:17 IST चीन के ICBM मिसाइल दागने पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी से चिंता जताई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा कहा क‍ि इंडो-पैसिफिक में शांति, सुरक्षा कायम रखा जाएगा. भारत-ऑस्ट्रेलिया चीन के खिलाफ सहयोग बढ़ाएंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्‍ट्रेल‍िया के पीएम अल्‍बनीज. चीन ने जैसे ही अपनी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का ट्रिगर दबाया, समंदर पार ऑस्ट्रेलिया में खलबली मच गई. ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के दौरान इस मुद्दे को उठाया. विदेश सच‍िव व‍िक्रम म‍िसरी ने बताया क‍ि ऑस्टेलियाई पीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने ICBM का मसला उठाया और चिंता जाहिर की. पीएम मोदी ने कहा क‍ि इंडो पैसेफिक में हम शांति, सुरक्षा और स्थायित्व देखना चाहते हैं. हम सहयोग बढ़ाएंगे ताक‍ि सुरक्षा सुन‍िश्च‍ित रहे. प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान चीन के लिए एक खुली चेतावनी है कि अगर उसने समंदर की लहरों के साथ खेलने की जुर्रत की, तो उसके जंगी मंसूबों को उसी समंदर में हमेशा के लिए दफन कर दिया जाएगा. About the Author ज्ञानेंद्र म‍िश्रDeputy News Editor <strong>Gyanendra Kumar Mishra</strong> is a senior journalist with nearly <strong>20 years of experience</strong> in the media industry. He is currently associated with <strong>News18 Hindi </strong>(hindi.new…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

झारखंड

AI से बदलेगी झारखंड की तस्वीर! ₹1150 करोड़ का मेगा प्लान, 1...

नई दिल्ली/रांची. झारखंड की हेमंत सरकार ने राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सुशासन और डिजिटल अर्थव्यवस्था का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दौरान राज्य सरकार ने ‘झारखंड AI विजन-2050’ का व्यापक रोडमैप पेश किया. इस विजन का उद्देश्य शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और नागरिक सेवाओं में AI का व्यापक इस्तेमाल कर सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, त्वरित, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है. राज्य सरकार ने इस डिजिटल परिवर्तन को गति देने के लिए अगले पांच वर्षों में ₹1,150 करोड़ निवेश का प्रस्ताव रखा है. यह राशि AI अवसंरचना के विकास, डिजिटल क्षमता विस्तार, नवाचार को बढ़ावा देने और विभिन्न सरकारी विभागों में AI आधारित समाधान लागू करने पर खर्च की जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे आम लोगों तक सरकारी सेवाएं अधिक तेज, गुणवत्तापूर्ण और आसान तरीके से पहुंच सकेंगी. रांची में बनेगा 100.97 एकड़ का आईटी पार्क बैठक के दौरान रांची में प्रस्तावित 100.97 एकड़ के अत्याधुनिक आईटी पार्क की भी जानकारी दी गई. इस पार्क को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. सरकार को उम्मीद है कि इससे झारखंड आईटी और डिजिटल निवेश का बड़ा हब बनकर उभरेगा. विजन-2050 के बड़े लक्ष्य झारखंड सरकार ने विजन-2050 के तहत कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं. इनमें ₹10,000 करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित करना, 50 से ज्यादा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करना, 1,000 से अधिक AI स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और 1 लाख से ज्यादा AI आधारित रोजगार के अवसर सृजित करना शामिल है. AI स्किलिंग और शिक्षा पर रहेगा विशेष फोकस रोडमैप में AI शिक्षा, एडवांस स्किल डेवलपमेंट, शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी और सरकारी अधिकारियों व युवाओं के क्षमता निर्माण पर भी विशेष जोर दिया गया है. सरकार का लक्ष्य भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार करना है, ताकि राज्य के युवा नई तकनीकों के क्षेत्र में बेहतर अवसर हासिल कर सकें. निवेशकों और उद्योग जगत से साझेदारी का आह्वान कार्यक्रम में प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, निवेशकों, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत से झारखंड के साथ साझेदारी करने की अपील की गई. सरकार ने AI आधारित सुशासन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और नवाचार कार्यक्रमों के विकास में निजी क्षेत्र के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया. झारखंड सरकार का कहना है कि विजन-2050 केवल डिजिटल परिवर्तन की योजना नहीं, बल्कि राज्य को निवेश, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दीर्घकालिक रणनीति है. यदि यह रोडमैप तय समयसीमा में लागू होता है, तो आने वाले वर्षों में झारखंड AI आधारित विकास और डिजिटल गवर्नेंस का नया मॉडल बन सकता है. Source link

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जमशेदपुर में गैंगरेप का छह घंटे में खुलासा:दो आरोपी गिरफ्तार, वारदात में...

जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले का पुलिस ने छह घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एमजीएम थाना क्षेत्र निवासी ओम प्रकाश और मानगो निवासी जितेंद्र कुमार शर्मा उर्फ छोटू शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक और एक मोबाइल फोन बरामद किया। घटनास्थल से शराब और बीयर की खाली बोतलें, डिस्पोजेबल ग्लास सहित अन्य महत्वपूर्ण सामान भी मिले हैं। सड़क किनारे एक महिला घायल अवस्था में पड़ी थी ग्रामीण एसपी शुभम कुमार खंडवाला ने गुरुवार को बताया कि 8 जुलाई की देर रात डायल-112 पर सूचना मिली थी। इसमें बताया गया था कि सिमुलडांगा गांव के पास सड़क किनारे एक महिला घायल अवस्था में पड़ी है। सूचना मिलते ही एमजीएम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को प्राथमिक उपचार के लिए एमजीएम अस्पताल भेजा। अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़िता ने पुलिस को अपना बयान दिया। उसने बताया कि दो युवक उसे डिमना लेक और मिर्जाडीह हाट की ओर घुमाने के बहाने ले गए थे। आरोपियों ने महिला के साथ की थी मारपीट वहां उसे शराब पिलाई गई और फिर सुनसान स्थान पर ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, जिससे वह घायल हो गई। इसके बाद दोनों उसे घटनास्थल पर छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता के बयान के आधार पर एमजीएम थाना में तत्काल प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, स्थानीय सूचना तंत्र और लगातार छापेमारी के आधार पर घटना के महज छह घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पेशे से चालक बताए जा रहे हैं। Source link

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कोडरमा में गिर गाय का पालन, दूध की बढ़ी डिमांड:किशन संघाई बने...

कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया निवासी किशन संघाई गिर गायों के पालन के लिए इन दिनों काफी चर्चा में हैं। वे गुजरात की प्रसिद्ध गिर नस्ल की लगभग 20 गायों का पालन करते हैं और जिले के इकलौते A2 दूध उत्पादक हैं। 63 वर्षीय किशन संघाई एक सफल व्यवसायी होने के बावजूद गौ सेवा में सक्रिय रहते हैं। उन्होंने वर्ष 2023 में दो गिर गायों के साथ दूध का व्यवसाय शुरू किया था। आज उनके गौशाला में इस उत्तम नस्ल की करीब 20 गायें हैं। संघाई तापस के क्षेत्रों में लोहे के एक कुशल और प्रसिद्ध व्यापारी के रूप में जाने जाते हैं। वे लोहे के एंगल, सरिया और अन्य प्रकार के लोहे के सामान का उत्पादन और बिक्री करते हैं। 63 वर्ष की आयु में भी वे अपने लोहे के कारोबार के साथ-साथ गौ-पालन को भी बड़े उत्साह के साथ संभालते हैं। गोदाम स्थापित करते समय गौ-पालन की शुरुआत की किशन संघाई ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 में झुमरीतिलैया के बिशुनपुर रोड पर एक नया गोदाम स्थापित करते समय गौ-पालन की शुरुआत की। वास्तु विशेषज्ञों ने उन्हें उस स्थान पर गौ-पालन की सलाह दी थी। शुरुआत में उनके मन में जर्सी गाय पालने का विचार आया, लेकिन बाद में उन्होंने गिर गायों को पालने का निर्णय लिया। इस निर्णय के बाद उन्होंने गिर गाय पालन से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाई। इसके बाद वे गुजरात गए और वहां से गिर नस्ल की दो गायें लेकर कोडरमा आए, जिससे उनके गौ-पालन की यात्रा शुरू हुई। वातावरण अनुकूल नहीं रहने के कारण शुरुआत में काफी कठिनाई हुई किशन संघाई ने बताया चूंकि गुजरात और कोडरमा के वातावरण अलग होने के कारण शुरुआत में गिर गाय को यहां पालने में काफी कठिनाई हुई। इस दौरान गुजरात से लाए गए दो गायों में से एक गाय की तबीयत कुछ ज्यादा ही बिगड़ने लगी। इसके बाद उन्होंने गाय को वापस गुजरात भेज दिया। जबकि एक अन्य गाय के प्रति समर्पण की भावना से उसकी सेवा करनी शुरू की। धीरे-धीरे वह गाय यहां के वातावरण के अनुकूल स्थिर हुई और इनमें गाय की संख्या बढ़ाने की हिम्मत जागी। अब 20 गायों आए गौशाला की बढ़ रही शोभा किशन संघाई ने बताया कि सन।2023 में ये अन्य गिर नश्ल की गायों को लेकर यहां आए और उसका पालन शुरू किया। अब इनके गौशाले में गिर नश्ल की 20 गाएं हैं, जो पूरी तरह से स्वस्थ हैं। सालाना लाखों की होती है कमाई किशन संघाई ने बताया कि उनके गौशाले में मौजूद 20 गायों में मात्र 8 गाएं ऐसी हैं जो फिलहाल दूध दे रही हैं। इनसे कुल 70-80 लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन हो पा रहा है। उन्होंने बताया चूंकि इस नश्ल की गाएं बच्चा देने के बाद केवल 3 माह तक ही दूध देती हैं। इसलिए 20 गाएं होते हुए भी दूध का उत्पादन कम हो पाता है। उन्होंने बताया कि अगर सभी गाएं नियमित दूध दें तो इन्हें सालाना 6 से 7 लाख रुपए का बचत आसानी से हो जाता है। A2 दूध उत्पादन और बिक्री करने वाला एकमात्र गौशाला बताते चलें कि गिर नश्ल की गाएं एक मात्र ऐसी गाएं होती हैं, जो A2 दूध का उत्पादन करती हैं। A2 दूध बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए काफी लाभकारी होता है। साथ ही साथ यह डायबिटीज और हाई ब्लड शुगर के रोगों को ठीक करने में काफी मददगार साबित होता है। यही कारण है कि A2 दूध का डिमांड स्थानीय स्तर पर काफी बढ़ता जा रहा है। किशन संघाई ने बताया कि इस दूध की बाजार मूल्य 130 से 140 रुपए प्रति किलो की है लेकिन ये इस दूध को मात्र 100 रुपए प्रति किलो की दर से ही बेच रहे हैं। इसके दूध से तैयार घी की है काफी कीमत दरअसल, गिर गाय का दूध आसानी से उपलब्ध नहीं है। इसके दूध से तैयार शुद्ध घी की कीमत 4800 रुपए प्रति किलो है। बताते चलें कि 1 किलो घी बनाने में 30 किलो दूध की दरकार होती है। Source link

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