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झारखंड

महागामा सामूहिक दुष्कर्म मामले का खुलासा:मुख्य आरोपी समेत 5 गिरफ्तार, टोटो और...

गोड्डा जिले के महागामा थाना क्षेत्र में हुए एक सामूहिक दुष्कर्म मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोहम्मद अकरम सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह मामला भागलपुर जिले के सनोखर थाना क्षेत्र की एक महिला से जुड़ा है। महिला का मोबाइल खो गया था, जिसके बाद वह ओझा-गुणी के चक्कर में अपने रिश्तेदार के यहां महागामा थाना क्षेत्र के एक गांव आ रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात टोटो चालक मोहम्मद अकरम से हुई। अकरम ने महिला को मोबाइल ढूंढने के लिए दूसरे ओझा-गुणी से मिलवाने का प्रलोभन दिया। वह महिला को घुमाते हुए लौगांय ले गया, जहां उसने अपने साथियों के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता ने 8 जुलाई को महागामा थाने में मामला दर्ज कराया था। गोड्डा पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वरुण रजक के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। वैज्ञानिक और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मोहम्मद अकरम (19), नूर नबी (35), मोहम्मद युसूफ (22), मोहम्मद आसिफ (21) और खुर्शीद आलम (23) को गिरफ्तार किया है। ये सभी ग्राम लौगांय, थाना महागामा, जिला गोड्डा के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त एक टोटो और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वरुण रजक ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। Source link

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India-New Zealand Deal : शहद और फल सहित 57 फीसदी प्रोडक्ट होंगे...

Last Updated:July 09, 2026, 16:14 IST India-New Zealand Trade Deal : भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार समझौते को लेकर दोनों ही देश उत्साहित हैं. न्यूजीलैंड की पीएम ने सोशल मीडिया मंच पर लिखा है कि भारत जैसे विशाल बाजार वाले देश के साथ एफटीए होने से हमारे 57 फीसदी प्रोडक्ट को बिना आयात शुल्क के ही छूट मिल जाएगी. न्यूजीलैंड भारत मुक्त व्यापार समझौते से कई प्रोडक्ट सस्ते होंगे. नई दिल्ली. अमेरिका ने जब से टैरिफ को लेकर आक्रामक रुख अपनाया है, उसके बाद से ही भारत ने टैरिफ मुक्त व्यापार डील पर बातचीत तेज कर दी है. इस कड़ी में यूरोप, ब्रिटेन के साथ न्यूजीलैंड के साथ भी भारत का मुक्त व्यापार करार पूरा हो चुका है. इस कदम से न्यूजीलैंड के 57 फीसदी प्रोडक्ट को भारत में बिना आयात शुल्क के ही एंट्री मिल जाएगी. इसका मतलब है कि न्यूजीलैंड के आधे से ज्यादा उत्पाद भारत में सस्ते हो जाएंगे. इन उत्पादों में शहद और फल सहित कई तरह की बेरीज और कुछ वाहन भी शामिल हैं. न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि नई दिल्ली के साथ करार होने के बाद न्यूजीलैंड के 57 फीसदी उत्पादों को भारत में बिना टैरिफ के ही एंट्री मिल जाएगी. उन्होंने यह पोस्ट पीएम नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा से एक दिन पहले डाली है. लक्सन ने कहा कि यह न्यूजीलैंड के लिए बड़ा मौका है, क्योंकि इस डील के बाद हमारे उत्पादों को भारत जैसे बड़े बाजार में बिना आयात शुल्क चुकाए ही एंट्री मिल जाएगी. इससे न्यूजीलैंड के बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा. 40 साल बाद जाएंगे भारतीय पीएमप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 10 और 11 जुलाई को न्यूजीलैंड में दौरा प्रस्तावित है. इसके लिए न्यूजीलैंड की पीएम ने उन्हें न्योता भेजा था. अब पीएम मोदी के आने के ठीक एक दिन पहले ही न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री ने एक्स पर संभावित डील को लेकर उत्साह दिखाया है. गौरतलब है कि बीते 40 वर्षों में यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला न्यूजीलैंड दौरा होगा. उनके दौरे से पहले ही न्यूजीलैंड ने भारतीय पीएम की अगुवानी को लेकर उत्साह जताया है. भारत सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्थान्यूजीलैंड की पीएम ने कहा है कि भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती और सबसे विशाल अर्थव्यवस्था वाला देश है और इस विशाल बाजार के साथ मुक्त व्यापार समझौता होने का सीधे तौर पर फायदा मिलेगा. इस ट्रेड डील से न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था को काफी लाभ मिलेगा. न्यूजीलैंड ने कहा है कि भारत के साथ करार होने के बाद नौकरियों को भी बढ़ावा मिलेगा और भारत को भी इसका फायदा मिलेगा. जब न्यूजीलैंड जैसे छोटे से देश को 1.4 अरब लोगों का विशाल बाजार मिलेगा तो इसका फायदा दोनों देशों को होगा. क्या-क्या सामान होंगे सस्तेन्यूजीलैंड के साथ एफटीए पूरा होने के बाद वहां से भारत आने वाले फल जैसे कीवी, सेब, चेरी, एवाकाडो, मर्सिमन, मैनुका हनी, वाहन, ऊपन, लकड़ी, कोयला, मशीनरी और इंडस्ट्रियल कच्चा माल सहित अन्य कई चीजों के दाम भी कम हो जाएंगे. हालांकि, भारत ने इस डील में डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध, दही, मक्खन, पनीर सहित अन्य एग्रीकल्चर प्रोडक्ट को बाहर रखा है. इसका मकसद भारतीय किसानों और पशुपालकों के हितों की रक्षा करना है. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

झारखंड

कम बारिश में भी होगी बंपर धान की फसल, देवघर के कृषि...

होमताजा खबरकृषि कम बारिश में भी होगी बंपर धान की फसल, देवघर के वैज्ञानिक ने बताया रामबाण तरीका Last Updated:July 09, 2026, 15:56 IST देवघर और आसपास के इलाकों के किसानों के लिए इस बार डीएसआर तकनीक काफी उपयोगी साबित हो सकती है. यदि मानसून कमजोर रहता है, तो पारंपरिक रोपाई वाली खेती किसानों की मुश्किलें बढ़ा सकती है. ऐसे में कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों से समय रहते आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील की है. देवघर: झारखंड के देवघर जिले में इस बार मानसून को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है. ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों के सामने है, जिन्होंने धान की खेती की तैयारी शुरू कर दी है. हर साल धान की खेती में सबसे अधिक खर्च नर्सरी तैयार करने, खेत में पानी भरकर कीचड़ बनाने, मजदूरों से रोपाई कराने और बार-बार सिंचाई करने में होता है. लगातार बढ़ती मजदूरी के कारण खेती की लागत भी तेजी से बढ़ रही है. कई बार किसान पूरी मेहनत और पैसा लगाने के बावजूद उम्मीद के मुताबिक मुनाफा नहीं कमा पाते. लेकिन अब किसानों के लिए एक ऐसी तकनीक सामने आई है, जिससे खेती की लागत काफी कम हो सकती है और पानी की भी बड़ी बचत होगी. क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिकदेवघर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजन ओझा का कहना है कि किसान इस बार धान की खेती में डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) यानी सीधी बुवाई की तकनीक अपनाएं. खासकर ऐसे समय में, जब मौसम विभाग सामान्य से कम बारिश की संभावना जता रहा है. उन्होंने बताया कि इस तकनीक में पारंपरिक धान की खेती की तरह खेत में कीचड़ तैयार करने की जरूरत नहीं पड़ती. किसान पहले खेत की सामान्य जुताई करें. इसके बाद ट्रैक्टर में लगने वाली डीएसआर मशीन से सीधे धान के बीज की बुवाई कर दें. जिस तरह गेहूं की बुवाई की जाती है, उसी तरह धान की भी सीधी बुवाई की जाती है. इससे किसानों का समय भी बचेगा और खेती की लागत भी काफी कम होगी. नर्सरी और रोपाई की नहीं पड़ती जरूरतकृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें नर्सरी तैयार करने की आवश्यकता नहीं होती. रोपाई के लिए अलग से मजदूर बुलाने की जरूरत भी नहीं पड़ती. खेत में बार-बार पानी भरने की मजबूरी खत्म हो जाती है. कम पानी में भी धान की फसल अच्छी तरह तैयार हो जाती है. यही वजह है कि जहां पानी की कमी है या बारिश समय पर नहीं हो रही है, वहां यह तकनीक किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है. इससे सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा और खेती पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगी. उपज पर नहीं पड़ता कोई खास असरडॉ. राजन ओझा का कहना है कि यदि किसान समय पर खरपतवार नियंत्रण करें और संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करें, तो डीएसआर तकनीक से उपज में कोई खास कमी नहीं आती. कई किसानों को पारंपरिक धान की खेती के बराबर, बल्कि उससे भी बेहतर परिणाम मिले हैं. उन्होंने कहा कि इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि खेती की लागत कम होने से किसानों का शुद्ध मुनाफा बढ़ जाता है. आज जब खेती में लगभग हर चीज महंगी होती जा रही है, ऐसे समय में लागत कम करना ही किसानों के लिए सबसे बड़ा लाभ है. कमजोर मानसून में कारगर तकनीकदेवघर और आसपास के इलाकों के किसानों के लिए इस बार डीएसआर तकनीक काफी उपयोगी साबित हो सकती है. यदि मानसून कमजोर रहता है, तो पारंपरिक रोपाई वाली खेती किसानों की मुश्किलें बढ़ा सकती है. ऐसे में कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों से समय रहते आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील की है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इस विधि से खेती करने पर पानी की बचत होगी, मजदूरी का खर्च कम होगा और कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकेगा. इससे खेती पहले की तुलना में अधिक लाभदायक बन सकती है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

झारखंड

जमशेदपुर में गैंगरेप का छह घंटे में खुलासा:दो आरोपी गिरफ्तार, वारदात में...

जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले का पुलिस ने छह घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एमजीएम थाना क्षेत्र निवासी ओम प्रकाश और मानगो निवासी जितेंद्र कुमार शर्मा उर्फ छोटू शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक और एक मोबाइल फोन बरामद किया। घटनास्थल से शराब और बीयर की खाली बोतलें, डिस्पोजेबल ग्लास सहित अन्य महत्वपूर्ण सामान भी मिले हैं। सड़क किनारे एक महिला घायल अवस्था में पड़ी थी ग्रामीण एसपी शुभम कुमार खंडवाला ने गुरुवार को बताया कि 8 जुलाई की देर रात डायल-112 पर सूचना मिली थी। इसमें बताया गया था कि सिमुलडांगा गांव के पास सड़क किनारे एक महिला घायल अवस्था में पड़ी है। सूचना मिलते ही एमजीएम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को प्राथमिक उपचार के लिए एमजीएम अस्पताल भेजा। अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़िता ने पुलिस को अपना बयान दिया। उसने बताया कि दो युवक उसे डिमना लेक और मिर्जाडीह हाट की ओर घुमाने के बहाने ले गए थे। आरोपियों ने महिला के साथ की थी मारपीट वहां उसे शराब पिलाई गई और फिर सुनसान स्थान पर ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, जिससे वह घायल हो गई। इसके बाद दोनों उसे घटनास्थल पर छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता के बयान के आधार पर एमजीएम थाना में तत्काल प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, स्थानीय सूचना तंत्र और लगातार छापेमारी के आधार पर घटना के महज छह घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पेशे से चालक बताए जा रहे हैं। Source link

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धनबाद में SIR फॉर्म भरने के नाम पर अवैध वसूली:वासेपुर में साइबर...

धनबाद जिला प्रशासन ने SIR (स्पेशल इनरोलमेंट ड्राइव) फॉर्म भरने के नाम पर अवैध वसूली के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। वासेपुर इलाके में शिकायत मिलने के बाद एक साइबर कैफे को पैसे लेकर फॉर्म भरते पाए जाने पर सील कर दिया गया। एसडीएम लोकेश बारंगे के नेतृत्व में नगर निगम की टीम ने वासेपुर में संयुक्त रूप से छापेमारी की। जांच के दौरान, गल्फ जॉब कैफे नामक प्रतिष्ठान को SIR फॉर्म भरने के लिए पैसे लेते हुए पाया गया, जिसके बाद उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। SIR प्रक्रिया से जुड़ा कोई भी अधिकृत कार्य शुल्क लेकर नहीं किया जा सकता जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि SIR प्रक्रिया से जुड़ा कोई भी अधिकृत कार्य शुल्क लेकर नहीं किया जा सकता। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इस तरह की अवैध गतिविधि में शामिल पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम लोकेश बारंगे ने बताया कि उन्हें SIR प्रक्रिया के तहत फॉर्म भरने के नाम पर लोगों से पैसे लिए जाने की सूचना मिली थी। जांच में शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद संबंधित साइबर कैफे को सील किया गया। उन्होंने आम जनता से अपील की कि SIR से जुड़ी किसी भी जानकारी या सहायता के लिए अपने BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) से संपर्क करें। ऐसी शिकायतें मिलने पर आगे भी लगातार कार्रवाई की जाएगी एसडीएम ने यह भी कहा कि साइबर कैफे में गलत जानकारी भरी जा सकती है और पैसे लेकर इस तरह का कार्य करना पूरी तरह गैरकानूनी है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी शिकायतें मिलने पर आगे भी लगातार कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि SIR प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी व्यक्ति द्वारा पैसे की मांग किए जाने पर इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। Source link

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Gurugram news| gurgaon property| एक बारिश में भले डूब जाए लेकिन प्रीमियम...

Gurgaon Property: अभी मॉनसून की बारिश हो रही है. ऐसे में दिल्ली-एनसीआर के ज्यादातर शहरों का हाल-बेहाल है. इन शहरों में सड़कें तालाब बनी हुई हैं और लोगों को आने-जाने में भीषण परेशानियां हो रही हैं. इसके बावजूद प्रापॅटी के मामले में यही शहर लोगों की पसंद बने हुए हैं. मौसम की एक बारिश भी न झेल सकने वाला एनसीआर का शहर गुड़गांव अभी भी प्रीमियम और ब्रांडेड घरों के मामले में टॉप पर है. इसका खुलासा हाल ही में रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) के आंकड़ों से हुआ है. गुरुग्राम में जनवरी-जून 2026 में 51 प्रोजेक्ट्स और 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश हुआ है. इससे गुरुग्राम ने अपनी ‘ब्रांडेड रेजिडेंसी’ की छवि बरकरार रखी है. बता दें कि गुरुग्राम में रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) ने जनवरी से जून 2026 के दौरान 51 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. शुरुआती छह महीनों में मंजूर किए गए इन 51 प्रोजेक्ट्स में लगभग 4 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश शामिल है. विशेष रूप से, मंजूरी प्राप्त 51 परियोजनाओं में से केवल 11 परियोजनाओं में ही लगभग 25,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है. यह पिछले कुछ वर्षों में गुरुग्राम में रियल एस्टेट विकास के बढ़ते पैमाने और निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाता है. अथॉरिटी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मंजूरी प्राप्त 51 रियल एस्टेट परियोजनाओं में कुल 16,727 यूनिट्स शामिल हैं. इनमें 15,403 रेजिडेंशियल, 1,084 कमर्शियल और 240 इंडस्ट्रियल यूनिट्स हैं. गुरुग्राम का रियल एस्टेट बाजार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और देश की टॉप रियल एस्टेट कंपनियों को आकर्षित कर रहा है. ये कंपनियां लगातार गुरुग्राम में हाई प्राइस वाले लग्जरी आवासीय प्रोजेक्ट्स लॉन्च कर रही हैं. यह रुझान गुरुग्राम की लंबी विकास क्षमता पर डेवलपर्स, निवेशकों और अन्य हितधारकों के मजबूत भरोसे को भी दिखा रहा है. साथ ही, निवेशकों और घर खरीदने वालों की ओर से बनी हुई लगातार मांग भी इस शहर की मजबूती को बयां कर रही है. अथॉरिटी ने अपने बयान में कहा कि मंजूरी प्रक्रिया में तेजी, मजबूत नियामकीय निगरानी और बेहतर कंप्लायंस व्यवस्था ने गुरुग्राम में घरेलू और संस्थागत, दोनों तरह के निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. यही कारण है कि दोनों वर्ग के निवेशक गुरुग्राम के रियल एस्टेट बाजार में बढ़-चढ़कर निवेश कर रहे हैं. कैलेंडर वर्ष 2025 में गुरुग्राम RERA के तहत मंजूरी प्राप्त 131 रियल एस्टेट परियोजनाओं में करीब 87,000 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया था, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड था. इसलिए शहर में पानी भरने, जाम लगने को लेकर कोई जो चाहे कह ले, गुरुग्राम अभी भी लोगों की टॉप चॉइस है. गुरुग्राम RERA ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण संस्थागत सुधार लागू किए हैं. इनमें परियोजना पंजीकरण के समय बिल्डरों द्वारा दी गई जानकारी की कड़ी जांच, विषय विशेषज्ञों से प्रोजेक्ट साइट का अनिवार्य निरीक्षण, हर तिमाही प्रोजेक्ट प्रगति रिपोर्ट (QPR) जमा करना और परियोजना पंजीकरण से पहले सार्वजनिक नोटिस जारी कर लोगों से सुझाव व आपत्तियां आमंत्रित करना अनिवार्य किया गया है. अथॉरिटी ने विवादों के समाधान की प्रक्रिया को तेज और ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए लंबित पड़ी शिकायतों की संख्या में भी कमी की है. इससे घर खरीदारों को समय पर राहत मिलने के साथ शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया भी अधिक सुव्यवस्थित हुई है. रियल एस्टेट एक्सपर्ट का क्या कहना है- व्हाइटलैंड कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर (स्ट्रैटेजी) सुदीप भट्ट का कहना है कि साल 2026 की पहली छमाही में गुरुग्राम RERA द्वारा 51 परियोजनाओं को मंजूरी दिया जाना और 4 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश नई परियोजनाओं में आना इस बात का संकेत है कि गुरुग्राम भारत के सबसे गतिशील रियल एस्टेट बाजारों में अपनी स्थिति और मजबूत कर रहा है और प्रीमियम रियल एस्टेट विकास के लिए वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है. पारदर्शी और पूर्वानुमान योग्य नियामकीय ढांचा इसके सतत विकास की आधारशिला है. वहीं रूट्स डेवलपर्स के डायरेक्टर जितेंद्र यादव ने कहा, “RERA द्वारा पारदर्शिता, समयबद्ध मंजूरी और नियमों के प्रभावी अनुपालन पर दिया जा रहा जोर रियल एस्टेट विकास के लिए एक सकारात्मक और भरोसेमंद माहौल तैयार कर रहा है. इस तरह के कदम न केवल घर खरीदारों का विश्वास मजबूत करते हैं, बल्कि प्रतिष्ठित डेवलपर्स को भी बेहतर योजना और गुणवत्ता वाले प्रोजेक्ट्स बाजार में लाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं. इससे गुरुग्राम के रियल एस्टेट क्षेत्र के अगले चरण के विकास को नई गति मिलेगी.” Source link

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जहरीले सांप ने हॉस्टल में सो रही 4 छात्राओं को डसा, एक...

Last Updated:July 09, 2026, 14:37 IST वर्षा कूडू थाना क्षेत्र के सलगी अलौदी नवा टोली की रहने वाली थी. वह विश्राम उरांव की बेटी थी और छात्रावास में रहकर पढ़ाई करती थी. डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की. लेकिन शरीर में सांप का जहर तेजी से फैल चुका था. आखिरकार उसकी मौत हो गई. हॉस्टल में आधी रात मौत बनकर घुसा जहरीला सांप लोहरदगा: झारखंड के लोहरदगा जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक छात्रावास में आधी रात जहरीला सांप घुस गया. कमरे में गहरी नींद में सो रही चार छात्राओं को उसने डस लिया. कुछ ही देर में छात्रावास में चीख-पुकार मच गई. आनन-फानन में सभी छात्राओं को अस्पताल ले जाया गया. लेकिन एक छात्रा की जान नहीं बचाई जा सकी. तीन अन्य छात्राओं का इलाज अभी भी जारी है. छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगीयह घटना कूडू थाना क्षेत्र के सवशिया हायर सेकेंड्री आवासीय विद्यालय, रोचो महुआ टोली के छात्रावास की है. बताया जा रहा है कि देर रात छात्राएं अपने कमरे में सो रही थीं. इसी दौरान एक जहरीला सांप कमरे में घुस आया. किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी. देखते ही देखते सांप ने एक-एक कर चार छात्राओं को डस लिया. कुछ देर बाद छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी. उनकी चीख सुनकर छात्रावास में अफरा-तफरी मच गई. विद्यालय के शिक्षक तुरंत मौके पर पहुंचे. सभी छात्राओं को बिना देर किए लोहरदगा सदर अस्पताल पहुंचाया गया. सांप का जहर तेजी से फैलाइलाज के दौरान 12 वर्षीय वर्षा उरांव की मौत हो गई. वर्षा कूडू थाना क्षेत्र के सलगी अलौदी नवा टोली की रहने वाली थी. वह विश्राम उरांव की बेटी थी और छात्रावास में रहकर पढ़ाई करती थी. डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की. लेकिन शरीर में सांप का जहर तेजी से फैल चुका था. आखिरकार उसकी मौत हो गई. वहीं, 12 वर्षीय फुलमनिया उरांव की हालत गंभीर बताई जा रही है. उसे बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर किया गया है. वहीं 11 वर्षीय अनीसा कुमारी और 14 वर्षीय मनीषा कुमारी का इलाज लोहरदगा सदर अस्पताल में चल रहा है. डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं. मृतक छात्रा के परिवार में मातमघटना की खबर मिलते ही मृतक छात्रा के परिवार में मातम छा गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन पहुंच गए. पूरे इलाके में इस घटना की चर्चा हो रही है. सूचना मिलने के बाद कूडू थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. साथ ही घटना के हर पहलू की पड़ताल की जा रही है. सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालएक साथ चार छात्राओं को सांप के डसने की घटना ने छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि अगर छात्रावास की नियमित साफ-सफाई होती और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते तो शायद इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी. अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद जिम्मेदारी किस पर तय होती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Lohardaga,Jharkhand Source link

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स्कूल गए छात्र की तालाब में डूबने से मौत:गिरिडीह में परिजन स्कूल...

गिरिडीह के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के अंबाटांड़ तालाब में नहाने के दौरान डूबने से आठ वर्षीय छात्र की मौत हो गई। वो स्कूल गया था और वहां से निकल कर तालाब चला आया। इधर, इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया और स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर मुफ्फसिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों की मदद से निकाला गया बाहर मृतक की पहचान झगरी निवासी कलीम अंसारी के पुत्र फरहान अंसारी के रूप में हुई है। वह झगरी स्थित उत्क्रमित विद्यालय की दूसरी कक्षा का छात्र था। स्थानीय लोगों की मदद से छात्र को तालाब से बाहर निकालकर तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता कलीम अंसारी ने बताया कि गुरुवार को सुबह करीब नौ बजे उन्होंने अपने बेटे फरहान अंसारी को रोज की तरह पढ़ाई के लिए विद्यालय भेजा था। इसके बाद वह अपने काम पर चले गए। कुछ घंटे बाद उन्हें सूचना मिली कि उनका बेटा अंबाटांड़ तालाब में डूब गया है। स्कूल गया बच्चा तालाब तक कैसे पहुंच गया: परिजन घटना से गुस्साए परिजन और स्थानीय लोग विद्यालय पहुंचे और विद्यालय प्रबंधन से सवाल किया कि स्कूल जाने वाला बच्चा तालाब तक कैसे पहुंच गया। परिजनों का आरोप है कि यदि विद्यालय में समय पर प्रार्थना सभा और उपस्थिति दर्ज की जाती तथा बच्चों की निगरानी होती तो शायद यह हादसा नहीं होता। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। विद्यालय की शिक्षिका फरीदा खातून ने बताया कि फरहान अंसारी दूसरी कक्षा का छात्र था। वह करीब नौ बजे विद्यालय पहुंचा था, लेकिन अपनी कक्षा में बैग रखने के बजाय तीसरी-चौथी कक्षा में बैग रखकर दो अन्य बच्चों के साथ निकल गया। शिक्षिका ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें बाद में मिली। उन्होंने कहा कि जब परिजन विद्यालय पहुंचकर बच्चे के बारे में पूछताछ करने लगे, तब तक न तो प्रार्थना सभा हुई थी और न ही उपस्थिति पंजी में उसकी हाजिरी दर्ज की गई थी। एक दिन पहले भी तालाब में नहाने गया था परिजनों द्वारा हाजिरी देर से बनाने का कारण पूछने पर उन्होंने बताया कि उस समय विद्यालय में वह अकेली शिक्षिका मौजूद थीं, जबकि अन्य शिक्षक अवकाश पर थे। उन्होंने यह भी बताया कि जानकारी के अनुसार, फरहान एक दिन पहले भी तालाब में नहाने गया था। इस बात की जानकारी मिलने पर उसके माता-पिता ने उसे डांटा और पिटाई भी की थी। इधर, सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना पुलिस विद्यालय और घटनास्थल पहुंची। पुलिस ने परिजनों और विद्यालय के शिक्षकों से पूछताछ की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Source link

झारखंड

मां ने दो बेटियों को कुएं में फेंका, मौत:शोर मचाने पर बची...

पलामू में दंपती के बीच हुए विवाद के बाद पत्नी ने दो मासूम बेटियों को कुएं में फेंक दिया। इस हादसे में दोनों बच्चियों की मौत हो गई। महिला ने बाद में खुद भी कुएं में छलांग लगा दी, जिसे ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना नावा बाजार थाना क्षेत्र के कंडा गांव में बुधवार रात हुई। मजदूरी करने वाले छोटे लाल प्रजापति और उनकी पत्नी सरिता देवी के बीच बुधवार रात किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बताया जाता है कि पति शराब पीने का आदी था और दंपती के बीच अक्सर मारपीट होते रहती थी। ढाई और चार साल की बच्चियों की हत्या विवाद के बाद सरिता देवी ने पहले दादी की गोद में सो रही करीब ढाई वर्षीय डॉली कुमारी को कुएं में फेंक दिया। इसके बाद उसने चार वर्षीय प्रिया कुमारी को भी कुएं में डाल दिया। महिला अपनी छह वर्षीय बेटी सुषमा कुमारी को भी कुएं में फेंकने जा रही थी, लेकिन बच्ची के जोर-जोर से चिल्लाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को देखकर महिला ने बच्ची को छोड़ दिया और खुद कुएं में कूद गई। आरोपी मां को किया गिरफ्तार ग्रामीणों ने तत्काल महिला को बाहर निकाल लिया, लेकिन दोनों मासूम बच्चियों की जान नहीं बचाई जा सकी। घटना की सूचना मिलते ही नावा बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों पोस्टमॉर्टम के लिए एमएमसीएच भेज दिया। थाना प्रभारी संजय यादव ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी महिला सरिता देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। Source link

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होमताजा खबरकृषि धान की पैदावार कैसे बढ़ाएं? इस मशीन से समतल करें खेत, 15% तक बढ़ेगा प्रोडक्शन Last Updated:July 09, 2026, 14:05 IST Laser Land Labeler Machine Benefits: खेत समतल बनाने का ज्यादातर कार्य पहले स्क्रैपर किया जाता है. अब ऐसी ऐसी मशीनें आ गई हैं. लैंड लेवलर मशीन से धान के खेत का समतलीकरण करने से उत्पादन 10-15% बढ़ सकता है. यह मशीन पानी बचाती है. उर्वरक का सही उपयोग सुनिश्चित करती है. इस सरकार सब्सिडी भी देती है. इससे किसानों को मुनाफा होगा. जहानाबाद: बिहार में धान की फसल की तैयारी जोरो शोरों से चल रही है. नर्सरी लगाने के बाद खेत को रोपाई के लिए तैयार किया जा रहा है. धान की खेत की तैयारी में जुताई, पटवन से लेकर समतलीकरण तक होता है. समय के साथ खेत को समतल करने का तरीका बदल गया है. खेत समतल बनाने का कार्य पहले स्क्रैपर (पाटा) से किया जाता था. अब मशीन आ गई हैं. जिससे बहुत सही ढंग से खेत का समतलीकरण हो जाता है. इस मशीन का नाम लैंड लेवलर मशीन है. यह बहुत ही आधुनिक मशीन है. इसका उपयोग खेतों में किया जाता है तो खेत का बहुत सही ढंग से समतलीकरण हो जाता है. जानिए इस मशीन की खासियतखान की खेती में समतलीकरण कितना महत्वपूर्ण होता है. Local 18 की टीम ने कृषि विज्ञान केंद्र जहानाबाद के यंत्र एक्सपर्ट इंजीनियर जितेंद्र कुमार से खास बात की. उन्होंने इस मशीन की गई खासियत गिनवाई. इंजीनियर जितेंद्र के मुताबिक लैंड लेवलर मशीन से खेत समतल होता है तो पैदावार में 10 से 15% तक की बढ़ोतरी संभव है. क्योंकि इस मशीन से खेत को 2 से 3 फायदे होते हैं. जिसमें पानी की बचत, उर्वरक का सही से उपयोग और खेत का डाइमेंशन सही होना. अगर इन बातों का ख्याल रखा जाता तो किसानों को धान की फसल से मुनाफा मिल सकता है. कैसे होता है इस मशीन का उपयोग एक्सपर्ट ने बताया कि इस मशीन को चलाने के लिए 45 हॉर्स पावर से अधिक का ट्रैक्टर होना चाहिए. पहले के दौर में जिस प्रकार से स्क्रैपर (पाटा) का उपयोग किया जाता था उसका आज कुछ जगहों पर इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन आधुनिक दौर की मशीन से खेत का समतलीकरण ज्यादा अच्छे ढंग से कर रही है. आज की लेजर लैंड लेवलर मशीन बहुत कम समय में बहुत सही ढंग से खेत का समतल करने का काम करती है. इस मशीन में ट्रांसमीटर और रिसीवर होते हैं. लेजर लैंड लेवलर मशीन को ट्रैक्टर से कनेक्ट कर चलाया जाता है. ट्रांसमीटर को खेत के बाहर रखा जाता है और उसमें लेवल सेट पहले से किया रहता है. इससे हमें अनुमान मिलता है कि खेत को कितना समतल बनाना है. सब्सिडी पर भी मिलती है यह मशीन धान की खेती में इस मशीन का बहुत उपयोग हो सकता है. क्योंकि इस फसल के खेत में अधिक पानी लगता है. अगर खेत का समतलीकरण सही से किया रहेगा तो पूरे खेत में पानी आसानी से पहुंच सकता है. समान रूप से खेत को पानी मिलेगा और फसल का उत्पादन अच्छा होगा. यह मशीन बिहार सरकार अनुदान पर भी देती है. इसके लिए विभाग के पोर्टल पर आवेदन करना होता है. सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग को 40% अनुदान पर तथा अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को 50% अनुदान पर कराई जाती है. इसके अलावा आप चाहे तो कस्टम हायरिंग सेंटर से भी आकर खेत समतल कर सकते हैं. यह ध्यान देने वाली बात होगी की खेत का समतलीकरण सूखा रहने पर ही हो सकता है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jehanabad,Bihar Source link

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