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व्यापार

कम पैसे में शुरू करें ये बिजनेस, सालभर में बनेंगे 1 करोड़...

होमताजा खबरमनी कम पैसे में शुरू करें ये बिजनेस, सालभर में बनेंगे 1 करोड़ से ज्यादा के मालिक! Last Updated:May 15, 2021, 07:33 IST अगर आप भी कोई नया बिज़नेस शुरू करने का प्लान कर रहे हैं तो हम आपको एक खास बिज़नेस के बारे में बता रहे हैं, जिसे शुरू कर नौकरी से कहीं गुना ज्यादा की कमाई कर सकते हैं. पहले यह बैठक मई में होनी थी लेकिन देश में कोरोना के कारण इसे टाल दिया गया. नई दिल्ली. कई लोग ऐसे हैं जिन्हें नौकरी से ज्यादा बिजनेस में दिलचस्पी होती है और हो भी क्यों ना. कोरोना काल ने बिजनेस की अहमियत को दोगुना कर दिया है. अगर ऐसे में आप भी कोई नया बिज़नेस शुरू करने का प्लान कर रहे हैं तो जरूरी है पहले उसकी पूरी जानकारी. हम आपको एक ऐसे खास बिज़नेस के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं, जिसे शुरू कर आप रोजाना के 4000 रुपये कमा सकते हैं. यानी कि महीने के लाख रुपये. ये बिजनेस है केले के चिप्स बनाने का. केले के चिप्स सेहत के लिए अच्छे होते हैं. इसके साथ ही इन चिप्स को लोग व्रत में भी खाते हैं. केले के चिप्स आलू के चिप्स से अधिक प्रचलन में हैं, जिसकी वजह से ये चिप्स अधिक मात्रा में बिकते भी हैं. केले के चिप्स का मार्केट साइज़ छोटा है, जिसके कारण बड़ी ब्रांडेड कंपनियां केले के चिप्स नहीं बनाती हैं. और यही वजह है की केले के चिप्स बनाने के बिज़नेस का ज्यादा अच्छा स्कोप है. तो चलिए देखते कैसे शुरू कर सकते हैं आप ये बिजनेस… केले के चिप्स बनानें के लिए चाहिए ये सामान:केले के चिप्स बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की मशीनरी प्रयोग में लायी जाती है और कच्चे माल के तौर पर मुख्य रूप से कच्चे केले, नमक, खाद्य तेल एवं अन्य मसाले उपयोग में लाये जाते हैं. कुछ प्रमुख मशीनरी एवं उपकरणों की लिस्ट इस प्रकार से है. केलों को धोने का टैंक और केलों को छिलने की मशीन> केलों को पतले पतले टुकड़ों में काटने की मशीन> टुकड़ों को फ्राई करने की मशीन> मसाले इत्यादि मिलाने की मशीन> पाउच प्रिंटिंग मशीन> प्रयोगशाला उपकरण कहां से ख़रीदे ये मशीन: केले के बिज़नेस शुरू करने के लिए आप ये मशीन https://www.indiamart.com/ या https://india.alibaba.com/index.html से खरीद सकते हैं. इस मशीन को रखने के लिए आपको कम से कम 4000-5000 sq. fit की जगह की जरूरत होगी. ये मशीन आपको 28 हजार से लेकर 50 हजार तक में मिल जाएगी. 50 किलो चिप्स बनाने का खर्च:50 किलो chips बनाने के लिए कम से कम 120 किलो कच्चे केलो की ज़रुरत होगी. 120 किलो कच्चे केले आपको लगभग 1000 रुपए में मिल जाएंगे. इसके साथ ही 12 से 15 लीटर तेल की ज़रुरत होगी. 15 लीटर तेल 70 रुपए के हिसाब से 1050 रुपए का होगा. चिप्स फ्रायर मशीन 1 घंटे में 10 से 11 लीटर डीजल कंज्यूम करती है. 1 लीटर डीजल 80 रुपए के हिसाब से 11 लीटर का होता है जो कि 900 रुपए का पड़ेगा. नमक और मसाले का ज़्यादा से ज़्यादा 150 रुपये. तो 3200 रुपए में 50 किलो चिप्स बनकर तैयार हो जाएगें. मतलब एक किलों के चिप्स का पैकेट पैकिंग कॉस्ट मिलाकर 70 रूपए का पड़ेगा. जिसको आप आसानी से ऑनलाइन या किराना स्टोर पर 90-100 रुपए किलो बेच सकते है. 1 लाख रुपए का प्रॉफिट कमा सकेंगे:अगर हम 1 किलो पर 10 रुपए का प्रॉफिट भी सोचें तो आप दिन के 4000 रुपए आसानी से कमा सकते हैं. यानी की महीने में आपकी कंपनी 25 दिन भी काम करती है तो आप एक महीने में 1 लाख रुपए कमा सकते है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: डीसी

बोकारो | डीसी अजय नाथ झा की अध्यक्षता में आवासीय कार्यालय में विभिन्न विभागों, एजेंसियों द्वारा भूमि अधियाचना से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिसमें सभी अंचलों के सीओ उपस्थित थे। बैठक के दौरान जिले में चल रहे विभिन्न विकासात्मक निर्माण कार्यों के लिए विभिन्न विभागों व एजेंसियों द्वारा अधियाचित भूमि आवंटन से संबंध में कार्य प्रगति की समीक्षा की गई। मूलरूप से विद्युत सब स्टेशन, नए विद्युत शक्ति उपकेंद्र, छात्रावास डॉरमेट्री निर्माण, डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन, गैस पाइपलाइन, शहरी इलाकों को विकसित करने संबंधी तीव्रता लाने का निर्देश दिया गया। Source link

झारखंड

गिरिडीह में कार-बाइक की आमने-सामने टक्कर:मोटरसाइकिल सवार व्यवसायी की मौत, सरिया-राजधनवार मुख्य...

गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड में शुक्रवार को सरिया-राजधनवार मुख्य मार्ग पर एक सड़क हादसे में झांझ निवासी व्यवसायी रामदेव प्रसाद वर्मा (55) की मौत हो गई। यह घटना बिरनी थाना क्षेत्र के माखमरगो पंचायत भवन के पास हुई। रामदेव प्रसाद वर्मा अपनी बाइक से राजधनवार से सरिया स्थित अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही एक रेनॉल्ट कार से उनकी बाइक की सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही बिरनी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त बाइक और कार को भी जब्त कर थाने ले जाया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। रामदेव प्रसाद वर्मा राजधनवार रोड पर अपना प्रतिष्ठान चलाते थे और क्षेत्र में एक लोकप्रिय व्यवसायी के रूप में जाने जाते थे। घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक उनके आवास पर पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्य मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने की भी मांग की है। Source link

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Thalapathy Vijay Government In TN | OPINION: थलापति विजय के सामने सबसे...

होमताजा खबरदेश थलापति विजय के सामने सबसे बड़ा संकट: सिस्टम साफ करेंगे या उसी में डूब जाएंगे? Last Updated:May 08, 2026, 18:56 IST Thalapathy Vijay Politics: थलापति विजय ने तमिलनाडु की राजनीति में एंट्री से ही खलबली मचा दी है. जनता ने उन्हें पुराने द्रविड़ शासन के विकल्प के तौर पर चुना था. हालांकि, उन्हें सरकार बनाने के लिए कांग्रेस, लेफ्ट और VCK जैसे दलों का साथ लेना पड़ रहा है. सवाल यह है कि क्या विजय पुरानी व्यवस्था के साथ हाथ मिलाकर अपने वादे से भटक रहे हैं? विजय के सामने कई नैतिक और राजनीतिक चुनौतियां हैं. क्या वह सिस्टम साफ करेंगे या उसी का हिस्सा बन जाएंगे? कांग्रेस, लेफ्ट और VCK जैसी पार्टियों को साथ लेकर जनादेश का अपमान कर रहे थलापति विजय? (File Photo : PTI) Thalapathy Vijay: तमिलनाडु की राजनीति में इस समय थलापति विजय सबसे बड़ा नाम बनकर उभरे हैं. उनकी पार्टी टीवीके की जीत को जनता के भरोसे की जीत माना जा रहा है. लोगों का मानना है कि विजय के आने से राज्य में बड़ा बदलाव आएगा. राजभवन की देरी के कारण विजय के प्रति लोगों की सहानुभूति भी बढ़ी है. लेकिन इस पूरी कहानी के पीछे एक बड़ा और गहरा राजनीतिक सवाल छिपा है. क्या विजय वास्तव में वह बदलाव ला पाएंगे जिसका उन्होंने वादा किया था? जनता ने डीएमके और एआईएडीएमके के पुराने ढांचे को पूरी तरह नकार दिया है. विजय ने खुद को भ्रष्टाचार और परिवारवाद के खिलाफ एक विकल्प के तौर पर पेश किया था. अब जब वह सत्ता के करीब हैं तो उनकी चुनौतियां और बढ़ गई हैं. क्या पुरानी पार्टियों का साथ लेने से विजय का मिशन कमजोर हो जाएगा? जनता की नजर में ये पार्टियां उसी पुराने सिस्टम की जड़ें हैं जिसे लोग खत्म करना चाहते थे. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या विजय उन्हीं लोगों के साथ मिलकर नया सिस्टम बना पाएंगे? क्या यह जनादेश के साथ धोखा नहीं होगा? अगर लोगों को वही पुराने गठबंधन चाहिए होते तो वे सीधे पुरानी पार्टियों को ही वोट न दे देते. द्रविड़ राजनीति का नया चेहरा बने ‘थलापति’ विजय का ‘चेंज’ क्या सिर्फ एक समझौता बनकर रह जाएगा? (File Photo : PTI) सत्ता के लिए समझौता करना क्या विजय की छवि को नुकसान पहुंचाएगा? विजय के पास इस समय दो रास्ते दिखाई दे रहे हैं. पहला रास्ता यह है कि वह बिना किसी पुरानी पार्टी के समर्थन के फिर से चुनाव में जाएं. इससे उनकी पार्टी की नैतिक छवि साफ बनी रहेगी. भले ही इसमें रिस्क है लेकिन यह उन्हें भविष्य के लिए बड़ा नेता बना सकता है. अरविंद केजरीवाल और अटल बिहारी वाजपेयी ने भी अतीत में ऐसे ही कड़े फैसले लिए थे. दूसरा रास्ता यह है कि वह गठबंधन करके सत्ता हासिल कर लें. लेकिन ऐसा करने से ‘बदलाव’ और ‘सत्ता के लालच’ के बीच की लकीर धुंधली हो जाएगी. विजय को यह साबित करना होगा कि वह सिर्फ सरकार चलाने नहीं बल्कि सिस्टम बदलने आए हैं. क्या वह अपनी पारदर्शिता बरकरार रख पाएंगे? यह आने वाला वक्त ही बताएगा. About the Author दीपक वर्माDeputy News Editor दीपक वर्मा News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव रखने वाले दीपक मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति और भारत के आंतरिक घ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chennai,Tamil Nadu Source link

झारखंड

महज ₹300 में ट्रेंडी टी-शर्ट्स… जमशेदपुर का यह मार्केट बना यूथ की...

Last Updated:April 26, 2026, 07:29 IST जमशेदपुर का अमर मार्केट युवाओं के लिए फैशन हब बन गया है. यहां मात्र 300 रुपये से ट्रेंडी ओवरसाइज़, ग्राफिक और पॉपकॉर्न फैब्रिक टी-शर्ट्स का शानदार कलेक्शन उपलब्ध है. भीषण गर्मी में ग्राहक एयर कंडीशन की सुविधा के बीच आरामदायक खरीदारी कर सकते हैं. बजट और स्टाइल के मामले में यह मार्केट पहली पसंद है. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर: मौसम बदलते ही जमशेदपुर के बाजारों में भी फैशन का रंग पूरी तरह बदल जाता है. गर्मी के इस सीजन में जहां लोग हल्के और आरामदायक कपड़ों को प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं टी-शर्ट सबसे पसंदीदा विकल्प बनकर उभर रही है. शहर के बिष्टुपुर स्थित अमर मार्केट इन दिनों ट्रेंडी और यूनिक टी-शर्ट्स के लिए युवाओं की पहली पसंद बना हुआ है. यहां हर उम्र के लोगों के लिए नए-नए डिजाइन और फैब्रिक की भरमार देखने को मिल रही है. इस बार बाजार में ऑफ-शोल्डर, राउंड नेक और ओवरसाइज़ टी-शर्ट्स का खास ट्रेंड देखने को मिल रहा है. खासकर युवाओं के बीच ओवरसाइज़ टी-शर्ट्स काफी लोकप्रिय हो रही हैं, जिन्हें जींस, शॉर्ट्स या कार्गो पैंट के साथ आसानी से कैरी किया जा सकता है. इसके अलावा क्रॉप टी-शर्ट्स और ग्राफिक प्रिंटेड टी-शर्ट्स भी लड़कियों के बीच तेजी से ट्रेंड कर रही हैं. कई फैब्रिक उपलब्धअगर फैब्रिक की बात करें तो इस बार सिर्फ कॉटन ही नहीं, बल्कि कई नए और यूनिक फैब्रिक भी बाजार में छाए हुए हैं. जैसे कि पॉपकॉर्न फैब्रिक, जो अपने टेक्सचर्ड और ब्रीदेबल क्वालिटी के कारण काफी पसंद किया जा रहा है. इसके अलावा ड्राई-फिट फैब्रिक भी गर्मी के लिए बेस्ट माना जा रहा है, जो पसीने को जल्दी सोखकर शरीर को ठंडा रखता है. स्लब कॉटन और लिनेन ब्लेंड टी-शर्ट्स भी इस बार खास डिमांड में हैं, क्योंकि ये हल्के होने के साथ-साथ स्टाइलिश लुक भी देते हैं. डिजाइन की बात करें तो टाई-डाई पैटर्न, मिनिमल प्रिंट्स, एब्सट्रैक्ट ग्राफिक्स और विंटेज लोगो टी-शर्ट्स युवाओं को काफी आकर्षित कर रहे हैं. वहीं बैक प्रिंटेड टी-शर्ट्स और कोटेशन लिखी टी-शर्ट्स भी ट्रेंड में हैं, जो एक अलग स्टाइल स्टेटमेंट बनाते हैं. कुछ टी-शर्ट्स में 3D प्रिंट और एम्बॉस्ड डिजाइन भी देखने को मिल रहे हैं, जो उन्हें और भी यूनिक बनाते हैं. एसी में करें खरीदारीअमर मार्केट की खासियत सिर्फ डिजाइन और फैब्रिक ही नहीं, बल्कि यहां का माहौल भी है. चारों ओर एयर कंडीशन की सुविधा होने के कारण बाहर की तेज गर्मी के बावजूद अंदर खरीदारी करना काफी आरामदायक रहता है. यही वजह है कि लोग यहां घंटों शॉपिंग करना पसंद करते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इतने ट्रेंडी और स्टाइलिश टी-शर्ट्स यहां मात्र 300 रुपए से शुरू हो जाते हैं, जो हर बजट के ग्राहकों को आकर्षित करता है. अगर आप इस गर्मी में कंफर्ट के साथ स्टाइल भी चाहते हैं, तो अमर मार्केट आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन साबित हो सकता है. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand First Published : April 26, 2026, 07:29 IST Source link

व्यापार

15 हजार लगाकर 3 महीने में कमाएं 3 लाख रुपये, जानें क्या...

Last Updated:May 19, 2021, 07:13 IST New Business Idea: कम समय और कम लागत में कमाई का विकल्‍प तलाशने वालों के लिए मेडिसिनल प्‍लांट की खेती और बिजनेस काफी लाभदायक हो सकता है. करें मेडिसिनल प्‍लांट की खेती नई दिल्ली. नैचुरल प्रोडक्ट और मेडिसीन का बाजार इतना बड़ा है कि इसमें लगने वाले नैचुरल प्रोडक्ट्स हमेशा मांग में रहते हैं, तो क्यों ना मेडिसिनल प्लांट की खेती के बिजनेस में हाथ आजमाया जाए. इसमें लागत तो कम है ही और लंबे समय तक कमाई भी सुनिश्चित होती है. मेडिसिनल प्‍लांट की खेती के लिए न तो लंबे-चौड़े फार्म की जरूरत है और न ही इन्‍वेस्‍टमेंट की. इस फार्मिंग के लिए अपने खेत बोने की भी जरूरत नहीं है. इसे आप कॉन्ट्रैक्ट पर भी ले सकते हैं. आजकल कई कंपनियां कॉन्ट्रैक्ट पर औषधियों की खेती करा रही है. इनकी खेती शुरू करने के लिए आपको कुछ हजार रुपए ही खर्च करने की जरूरत है, लेकिन कमाई लाखों में होती है. इन चीजों की कर सकते हैं खेतीज्‍यादातर हर्बल प्‍लांट जैसे तुलसी, आर्टीमीसिया एन्‍नुआ, मुलैठी, एलोवेरा आदि बहुत कम समय में तैयार हो जाते हैं. इनमें से कुछ पौधों को छोटे-छोटे गमलों में भी उगाए जा सकते हैं. इनकी खेती शुरू करने के लिए आपको कुछ हजार रुपए ही खर्च करने की जरूरत है, लेकिन कमाई लाखों में होती है. इन दिनों कई ऐसी दवा कंपनियां देश में है जो फसल खरीदने तक का कांट्रेक्‍ट करती हैं, जिससे कमाई सुनिश्चित हो जाती है. 3 महीने में 3 लाख की कमाईआमतौर पर तुलसी को धार्मिक मामलों से जोड़कर देखा जाता है लेकिन, मेडिसिनल गुण वाली तुलसी की खेती से कमाई की जा सकती है. तुलसी के कई प्रकार होते हैं, जिनसे यूजीनोल और मिथाईल सिनामेट होता है. इनके इस्‍तेमाल से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं बनाई जाती हैं. 1 हेक्‍टेयर पर तुलसी उगाने में केवल 15 हजार रुपए खर्च होते हैं लेकिन, 3 महीने बाद ही यह फसल लगभग 3 लाख रुपए तक बिक जाती है. तुलसी की खेती भी पतंजलि, डाबर, वैद्यनाथ आदि आयुर्वेद दवाएं बनाने वाली कंपनियां कांट्रेक्‍ट फार्मिंग करा रही हैं. जो फसल को अपने माध्‍यम से ही खरीदती हैं. तुलसी के बीज और तेल का बड़ा बाजार है. हर दिन नए रेट पर तेल और तुलसी बीज बेचे जाते हैं. जरूरी है ट्रेनिंग मेडिसिनल प्‍लांट की खेती के लिए जरूरी है कि आपके पास अच्‍छी ट्रेनिंग हो जिससे कि आप भविष्‍य में धोखा न खाएं. लखनऊ स्थित सेंट्रल इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमैटिक प्‍लांट (सीमैप) इन पौधों की खेती के लिए ट्रेनिंग देता है. सीमैप के माध्‍यम से ही दवा कंपनियां आपसे कांट्रेक्‍ट साइन भी करती हैं, इससे आपको इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

ऑपरेशन सिंदूर रक्तदान शिविर में 104 यूनिट संग्रह

धालभूमगढ़ | नरसिंहगढ़ स्थित अग्रसेन भवन में धालभूमगढ़ में ऑपरेशन सिंदूर शैक्षिक रक्तदान आयोजक समिति द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन कर कुल 104 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। रक्त दान शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रखंड विकास पदाधिकारी बबली कुमारी, थाना प्रभारी धीरज कुमार मिश्रा, पंचायत समिति सदस्य प्रदीप कुमार राय, पूर्व पंचायत समिति सदस्य रत्ना मिश्रा , कुड़मी संस्कृति विकास समिति के अध्यक्ष सपन कुमार महतो, पूर्व जिला परिषद आरती सामाद, विप्लव साव, देवानंद सिंह, श्रवण सिंह, अर्जुन हंसदा, प्रणव कुमार महतो, कमल मंडल, हर प्रसाद सिंह सोलंकी, अनूप दास, अर्जुन ठाकुर आदि ने सामूहिक रूप से दीप जलाकर तथा 1 मिनट मौन धारण कर किया। इस शिविर में सदर अस्पताल जमशेदपुर ब्लड बैंक तथा ब्रह्मानंद ब्लड बैंक के चिकित्सकों की उपस्थिति में रक्त संग्रह किया गया। Source link

झारखंड

नवचण्डी महायज्ञ में 24 घंटे का अष्टयाम हुआ शुरू

बोकारो | बोकारो नगर के झोपड़ी कॉलोनी स्थित घोयचाटोला में सोमवार से चल रहे पांच दिवसीय नवचण्डी महायज्ञ के चौथे दिन गुरुवार को धार्मिक अनुष्ठानों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 24 घंटे का अष्टयाम शुरू हुआ। वेदी पूजन, देवी प्राण प्रतिष्ठा एवं हवन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया है। महायज्ञ में आचार्य मिथलेश पाण्डेय, आचार्य जयराम शास्त्री, पवन शास्त्री, दिनबंधु शास्त्री एवं पंकज शास्त्री सहित कई पंडित धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करा रहे हैं। वैदिक मंत्रों और भजन-कीर्तन से पूरा इलाका भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। आयोजक अंजली गोप ने बताया कि महायज्ञ के समापन अवसर पर शुक्रवार को यज्ञ की पूर्णाहुति, देवी विसर्जन, भंडारा, कन्या भोजन एवं ब्राह्मण भोजन का आयोजन होगा। Source link

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मन में गुबार, दिल में गुस्सा… तो क्या सुवेंदु अधिकारी के शपथ-ग्रहण...

होमताजा खबरदेश …तो क्या सुवेंदु अधिकारी के शपथ-ग्रहण में शामिल होंगी ममता बनर्जी? Last Updated:May 08, 2026, 17:55 IST ममता बनर्जी की पॉलिटिक्स हमेशा से बहुत इमोशनल और भारी रही है. उनकी आक्रामक स्टाइल से टीएमसी के कैडर में जोश रहता है. अब उनका हर कदम एक बड़ा राजनीतिक संदेश देगा. यह सिर्फ कोई साधारण प्रोटोकॉल बिलकुल नहीं है. अगर वह समारोह में जाती हैं तो यह मैच्योरिटी होगी. उनका यह एक्शन बंगाल की सियासत में नया गेम सेट करेगा. भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल कर टीएमसी के शासन का अंत कर दिया. (फाइल फोटो) कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी के सामने इस समय शायद उनके राजनीतिक जीवन का सबसे कठिन मोड़ खड़ा है. वर्षों तक पश्चिम बंगाल की सत्ता पर मजबूत पकड़ बनाए रखने वाली ममता बनर्जी अब विपक्ष की बेंच पर बैठने की स्थिति में हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वह सुवेंदु अधिकारी सरकार के शपथ-ग्रहण समारोह में शामिल होंगी? राजनीतिक संकेत बताते हैं कि ममता के मन में हार को लेकर गहरा गुबार और कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों, चुनावी माहौल तथा सत्ता परिवर्तन को लेकर नाराजगी मौजूद है. यही वजह है कि उनके शपथ समारोह में जाने को लेकर संशय बना हुआ है. तृणमूल कांग्रेस के भीतर भी दो राय दिखाई दे रही हैं. एक धड़ा मानता है कि लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान करते हुए ममता को समारोह में शामिल होना चाहिए, ताकि वह ‘संघर्षरत लेकिन जिम्मेदार विपक्ष’ की छवि पेश कर सकें. वहीं दूसरा पक्ष इसे राजनीतिक आत्मसमर्पण जैसा संदेश मान रहा है. ममता बनर्जी की राजनीति हमेशा भावनात्मक और आक्रामक शैली से जुड़ी रही है. ऐसे में उनका हर कदम सिर्फ प्रोटोकॉल नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक संदेश माना जाएगा. यदि वह समारोह में जाती हैं, तो यह लोकतांत्रिक परिपक्वता का संकेत होगा. लेकिन अगर दूरी बनाती हैं, तो यह साफ संदेश होगा कि बंगाल की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. टीएमसी के 15 साल के शासन का अंतभाजपा ने 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा की 207 सीट जीतकर सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया, जिससे राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत हो गया. ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को विधानसभा चुनाव में महज 80 सीट से संतोष करना पड़ा. हालांकि, ममता का कहना है कि उन्हें और उनकी पार्टी को ‘हेरफेर’ के जरिये हराया गया. उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kolkata,West Bengal Source link

झारखंड

राशन की दुकान संभालते हुए कृष बने जेएसी टॉपर, बोले – ‘अभाव...

होमताजा खबरcareer राशन की दुकान संभालते हुए कृष बने टॉपर, बोले – अभाव को ताकत बनाएं, बहाना नहीं Last Updated:May 08, 2026, 08:02 IST JAC Commerce Topper Tips For Students: जैक बोर्ड 12वीं कॉमर्स में कृष झारखंड के सेकंड टॉपर बने हैं. उन्होंने अपनी पढ़ाई की तरीका साझा किया. कृष ने साफ किया कि परेशानियों और अभावों के साथ भी अच्छा परफॉर्म किया जा सकता है. वे खुद राशन की दुकान पर बैठते थे और साथ-साथ पढ़ाई करते थे. ख़बरें फटाफट रांची. जैक बोर्ड 12वीं के रिजल्ट की घोषणा हो चुकी है. इस बार कॉमर्स स्ट्रीम से कृष ने राज्य में दूसरा स्थान पाया है. हालांकि कृष से बात करने पर पता चलता है कि उनका यह सफर आसान नहीं था और काफी संघर्ष के बाद उन्होंने यह सफलता हासिल की है. झारखंड के सेकंड स्टेट टॉपर कृष ने बताया कि ‘राशन की दुकान पर बैठकर मैं राशन भी बेचा करता हूं और पढ़ाई भी यहीं पर किया करता था.’ उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी या गरीबी में जो बच्चे हैं, वह कैसे पढ़ाई करें, कैसे अपने टाइम को मैनेज करें व कैसे स्कॉलरशिप की मदद से आगे बढ़ सकते हैं. चुनौती को ही ताकत बना लीजिए • कृष ने लोकल 18 को बताया कि मेरे लिए एक चुनौती थी कि दिनभर राशन की दुकान में कोई ना कोई आते रहता था. मैं उन्हीं से पढ़ाई के बारे में बात करता था. मैं उनको देखता था और समझता था कि यह लोग कितनी गरीबी में हैं. तो आप अपनी मुश्किल को ही पॉजिटिव तरीके से देखना शुरू करिए. • उन्होंने बताया कि कई बार आर्थिक तंगी से बच्चे जूझते हैं और वे कहते हैं मेरे पास यह नहीं है, वह नहीं है. लेकिन जो आपके पास है उसी का बढ़िया इस्तेमाल करना है. मेरे पास कम से कम राशन की दुकान तो है, जहां पर मैं बैठकर पढ़ सकता हूं. किसी के पास तो वह भी नहीं है, तो जो आपके पास है उसी का बढ़िया इस्तेमाल करें. • रात में पढ़ाई करें, डिस्टरबेंस कम होगी. उन्होंने बताया कि कई बार एक ही घर में या एक ही रूम में 4 से 5 लोग रहते हैं. जिससे पढ़ाई में समस्या आती है, तो आप रात का सहारा लीजिए, दिन में थोड़ा रेस्ट कर लीजिए. मैं रात में 3 से 4 बजे तक पढ़ता था और हर सब्जेक्ट को एकदम बराबर समय देता था. • ऐसे में क्या है कि आपके घर में अगर कोई लड़ाई-झगड़े या किसी और वजह से डिस्टर्ब करने वाले लोग भी रहेंगे, तो रात में आप पढ़ सकते हैं. इस समय आमतौर पर लोग सोते हैं और इस समय 4 से 5 घंटे आप निकाल लीजिए, बहाना मत बनाइए, विकल्प ढूंढिए. • इसके अलावा आज कई सारी स्कॉलरशिप हैं. सरकारी स्कूल भी हैं जहां पर सालाना ₹800 फीस लगती है. मैं खुद सरकारी स्कूल बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय से पढ़ा हुआ हूं. मुझे लगता है साल में ₹800 फीस तो कोई भी चुका ही देगा. • इसके अलावा हर दो-दो घंटे पर थोड़ा ब्रेक लीजिए. थोड़ा सा टहल लीजिए. दिमाग फ्रेश रहता है व बॉडी फिट रहती है. बाहर का जंक फूड छोड़ देना है और घर का हल्का खाना खाना है. बस इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे तो कोई भी टॉप कर सकता है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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